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इस बार 115 रुपये क्विंटल ज्यादा पर गेहूं खरीद
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मंडी समिति में लगे गेंहू के पैकेट। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
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सरकार ने गेहूं खरीद के लिए समर्थन मूल्य तय कर दिया है। 1975 रुपये प्रति क्विंटल दाम तय किए गए हैं। इस बार 41 केंद्रों पर खरीद होगी। डीएम ने अभी 26 को मंजूरी दी है।
लक्ष्य तय नहीं किया गया है। पिछले साल चार लाख क्विंटल लक्ष्य था। 42 केंद्रों पर खरीद की गई थी। तब समर्थन मूल्य 1860 रुपये था। इस साल 34 लाख क्विंटल उत्पादन की उम्मीद है।
गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी। इस बार किसानों के खाद लेने वाली समितियों पर भी खरीद की जाएगी। जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने पहले चरण में 26 केंद्रों को स्वीकृति दी है इनमें छह केंद्र विपणन शाखा, 19 पीसीएफ और एक भारतीय खाद्य निगम का है।
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जिले की सभी साधन सहकारी समितियों को भी खरीद केंद्र बनाया जाएगा। इससे कि किसान घर के निकट बेच सकें। जिले में इस बार 75 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई है।
कृषि विभाग को मौसम के साथ देने पर 34 लाख क्विंटल पैदावार की उम्मीद है। गर्मी ज्यादा होने से फसल प्रभावित भी हो सकती है। तब भी 33 लाख 75 हजार क्विंटल पैदावार का अनुमान है।
इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये निर्धारित किया गया है। अभी खुली मंडियों में मूल्य 1680 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल है। अगर मंडी में गेहूं का भाव यही रहा तो ही किसान सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचेंगे। इस दाम में किसानों को 275 रुपये प्रति क्विंटल लाभ होगा।
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद किसान जिले के किसी भी केंद्र पर बिक्री कर सकेंगे। किसान को गेहूं साफ कर लाना होगा। साफ न होने पर पावर मशीन से साफ किया जाएगा।
इस बार शासन ने गेहूं बिक्री के लिए नामिनी की व्यवस्था की है। रजिस्ट्रेशन के दौरान नामिनी को नामित किया जाएगा। किसान के अलावा यह बिक्री कर सकेंगे। इस व्यवस्था से केंद्रों पर न पहुंच पाने वाले बुजुर्ग किसानों को फायदा होगा।
रजिस्ट्रेशन के बाद ही किसान गेहूं बेच सकेंगे। इससे किसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लें। केंद्र खुलने के बाद रजिस्ट्रेशन में दिक्कत हो सकती है। समरेंद्र प्रताप सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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लक्ष्य तय नहीं किया गया है। पिछले साल चार लाख क्विंटल लक्ष्य था। 42 केंद्रों पर खरीद की गई थी। तब समर्थन मूल्य 1860 रुपये था। इस साल 34 लाख क्विंटल उत्पादन की उम्मीद है।
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गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी। इस बार किसानों के खाद लेने वाली समितियों पर भी खरीद की जाएगी। जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने पहले चरण में 26 केंद्रों को स्वीकृति दी है इनमें छह केंद्र विपणन शाखा, 19 पीसीएफ और एक भारतीय खाद्य निगम का है।
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जिले की सभी साधन सहकारी समितियों को भी खरीद केंद्र बनाया जाएगा। इससे कि किसान घर के निकट बेच सकें। जिले में इस बार 75 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई है।
कृषि विभाग को मौसम के साथ देने पर 34 लाख क्विंटल पैदावार की उम्मीद है। गर्मी ज्यादा होने से फसल प्रभावित भी हो सकती है। तब भी 33 लाख 75 हजार क्विंटल पैदावार का अनुमान है।
इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये निर्धारित किया गया है। अभी खुली मंडियों में मूल्य 1680 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल है। अगर मंडी में गेहूं का भाव यही रहा तो ही किसान सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचेंगे। इस दाम में किसानों को 275 रुपये प्रति क्विंटल लाभ होगा।
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद किसान जिले के किसी भी केंद्र पर बिक्री कर सकेंगे। किसान को गेहूं साफ कर लाना होगा। साफ न होने पर पावर मशीन से साफ किया जाएगा।
इस बार शासन ने गेहूं बिक्री के लिए नामिनी की व्यवस्था की है। रजिस्ट्रेशन के दौरान नामिनी को नामित किया जाएगा। किसान के अलावा यह बिक्री कर सकेंगे। इस व्यवस्था से केंद्रों पर न पहुंच पाने वाले बुजुर्ग किसानों को फायदा होगा।
रजिस्ट्रेशन के बाद ही किसान गेहूं बेच सकेंगे। इससे किसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लें। केंद्र खुलने के बाद रजिस्ट्रेशन में दिक्कत हो सकती है। समरेंद्र प्रताप सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी