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ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर लगाया जाम
अमर उजाला, ब्यूरो, कन्नौज
Updated Wed, 21 Jan 2015 11:27 PM IST
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उमर्दा में नहर पुल को क्षतिग्रस्त हुए 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। इससे आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने बुधवार को पुल के पास जाम लगाकर आवागमन ठप कर दिया। उत्तेजित भीड़ मौके पर डीएम को बुलाने की मांग की।
सूचना पर सीओ तिर्वा, इंदरगढ़ थानाध्यक्ष और ठठिया थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया पर वह नहीं माने। करीब ढाई घंटे बाद फोन पर एडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।
निचली गंग नहर पर 30 दिसंबर की रात कालपी से एक मौरंग से लोड ट्रक पुल से गुजरा। उसी दौरान पुल टूट गया। तब से इस पुल पर यातायात बाधित है। सिंचाई विभाग ने क्षतिग्रस्त पुल के दोनों ओर करीब तीन फिट ऊंची दीवार बना दी है।
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गिरे पुल के स्थान पर दूसरा पुल बनाने की मांग जिला पंचायत के सदन में भी उठी थी, पर नतीजा जीरो निकला। इस समस्या के कारण रोजाना 20 से 25 हजार लोग 10 से 15 किमी का चक्कर लगाकर आने-जाने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन लगातार वैकल्पिक व्यवस्था करने में टालमटोल कर रहा है। इससे ग्रामीणों ने रोष बढ़ रहा था।
बुधवार को सपा नेता सेवकराम यादव व उमर्दा के व्यापार मंडल अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव के संयुक्त नेतृत्व में दोपहर 11 बजे के करीब दो सौ से ज्यादा ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तिर्वा-औरैया मार्ग पर जमा हो गए। वैकल्पिक व्यवस्ता तत्काल बनाने की मांग को लेकर जमा लगा दिया। मामले की सूचना जिला प्रशासन को दी गई।
पुलिस क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र पाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह पुलिस के तर्क सुनने को तैयार नहीं हुए। सभी का कहना था कि डीएम मौके पर आएं और वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का ऐलान करें। इस पर सीओ ने पूरे घटनाक्रम से एडीएम रमेश चंद्र यादव को अवगत कराया।
एडीएम ने फोन पर वार्ता करके बताया कि नए पुल के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। इस पर लोग मान गए और जाम खत्म कर दिया। इस मौके पर उमर्दा के रिंकू यादव, पप्पू यादव, सर्वेश यादव, लालता प्रसाद, सयुस नेता इरफान खान, कौशलेंद्र यादव, गोविंद चौहान, रियाजुद्दीन, आदि मौजूद रहे।
सुखी व गुनाह पुल पर रहेगी पुलिस की पिकेट
इन दिनों ज्यादातर लोग घूमकर दूसरे पुल सुखी व गुनाह पुल से निकल रहे हैं। ये पुल भी बेहद पुराने और संकरे हैं। उमर्दा से सुखी पुल की दूरी करीब 7 किमी है। सुखी से उमर्दा तक करीब 6 किमी का रास्ता भी संकरा व कच्चा है। शाम के समय कोई संकेतक न होने के कारण अक्सर चौपहिया वाहन भटक जाते हैं। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने यह समस्या भी उठाई। इस पर पुलिस क्षेत्राधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सुखी पुल पर शाम छह बजे से पूरी रात तक ठठिया थाने की पुलिस पिकेट तैनात रहेगी।
जान जोखिम में डाल निकल रहे दुपहिया वाहन
कई किमी का चक्कर लगाने से बचने के चक्कर में रोजाना सैकड़ों लोग पैदल या बाइक सवार टूटे पुल के बचे हिस्से से निकल रहे हैं। पानी के तेज बहाव के चलते पुल का बचा हिस्सा कभी भी गिरकर आने-जाने वालों की जान जोखिम में डाल सकता है।
मंत्री के फरमान के बाद भी देरी
पिछले दिनों सादिकपुर गांव आए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव आए थे। उस दौरान भी क्षेत्रीय ग्रामीणों ने उमर्दा नहर के क्षतिग्रस्त पुल का मामला उठाया था। इस पर मंत्री का कहना था कि उन्हें पुल टूटने की जानकारी ही नहीं है। बाद में उन्होंने डीएम से इस मुद्दे पर वार्ता भी की थी। जल्द प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज तक प्रस्ताव शासन तक नहीं पहुंच सका है।
वैकल्पिक पुल के लिए नहीं बना प्रस्ताव
उमर्दा नहर के क्षतिग्रस्त पुल व ग्रामीणों के प्रदर्शन को लेकर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जगदीश सिंह का कहना है कि पुल की डिजाइन तैयार कराई जा रही है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार हो रही है। डीएम की अध्यक्षता में बुधवार शाम इस मसले पर बैठक हुई है।
उन्होंने बताया कि शासन को प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर भेज दिया जाएगा पर पुल निर्माण के लिए बजट अगले वित्तीय वर्ष में ही मिलने की संभावना है। बजट स्वीकृत होने के बाद ही पुल का निर्माण शुरु हो सकेगा। निर्माण में भी करीब छह महीने का वक्त लगेगा। वैकल्पिक पुल के मुद्दे को लेकर उनका कहना था है कि अभी तक इस संबंध में कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है।
मंत्री बोले, समाधान के लिए पहल करेंगे
क्षेत्रीय सपा विधायक और माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल का कहना है कि पुल टूटने से उपजी समस्या गंभीर है। वे जनता को जल्द आवागमन में होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। जल्द से जल्द पुल निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने, बजट आवंटित कराने और निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए वे शासन स्तर पर खुद पहल करेंगे। साथ ही नया पुल निर्माण पूरा न होने तक वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए भी डीएम व सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता से वार्ता करेंगे।
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सूचना पर सीओ तिर्वा, इंदरगढ़ थानाध्यक्ष और ठठिया थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया पर वह नहीं माने। करीब ढाई घंटे बाद फोन पर एडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।
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निचली गंग नहर पर 30 दिसंबर की रात कालपी से एक मौरंग से लोड ट्रक पुल से गुजरा। उसी दौरान पुल टूट गया। तब से इस पुल पर यातायात बाधित है। सिंचाई विभाग ने क्षतिग्रस्त पुल के दोनों ओर करीब तीन फिट ऊंची दीवार बना दी है।
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गिरे पुल के स्थान पर दूसरा पुल बनाने की मांग जिला पंचायत के सदन में भी उठी थी, पर नतीजा जीरो निकला। इस समस्या के कारण रोजाना 20 से 25 हजार लोग 10 से 15 किमी का चक्कर लगाकर आने-जाने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन लगातार वैकल्पिक व्यवस्था करने में टालमटोल कर रहा है। इससे ग्रामीणों ने रोष बढ़ रहा था।
बुधवार को सपा नेता सेवकराम यादव व उमर्दा के व्यापार मंडल अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव के संयुक्त नेतृत्व में दोपहर 11 बजे के करीब दो सौ से ज्यादा ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तिर्वा-औरैया मार्ग पर जमा हो गए। वैकल्पिक व्यवस्ता तत्काल बनाने की मांग को लेकर जमा लगा दिया। मामले की सूचना जिला प्रशासन को दी गई।
पुलिस क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र पाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह पुलिस के तर्क सुनने को तैयार नहीं हुए। सभी का कहना था कि डीएम मौके पर आएं और वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का ऐलान करें। इस पर सीओ ने पूरे घटनाक्रम से एडीएम रमेश चंद्र यादव को अवगत कराया।
एडीएम ने फोन पर वार्ता करके बताया कि नए पुल के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। इस पर लोग मान गए और जाम खत्म कर दिया। इस मौके पर उमर्दा के रिंकू यादव, पप्पू यादव, सर्वेश यादव, लालता प्रसाद, सयुस नेता इरफान खान, कौशलेंद्र यादव, गोविंद चौहान, रियाजुद्दीन, आदि मौजूद रहे।
सुखी व गुनाह पुल पर रहेगी पुलिस की पिकेट
इन दिनों ज्यादातर लोग घूमकर दूसरे पुल सुखी व गुनाह पुल से निकल रहे हैं। ये पुल भी बेहद पुराने और संकरे हैं। उमर्दा से सुखी पुल की दूरी करीब 7 किमी है। सुखी से उमर्दा तक करीब 6 किमी का रास्ता भी संकरा व कच्चा है। शाम के समय कोई संकेतक न होने के कारण अक्सर चौपहिया वाहन भटक जाते हैं। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने यह समस्या भी उठाई। इस पर पुलिस क्षेत्राधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सुखी पुल पर शाम छह बजे से पूरी रात तक ठठिया थाने की पुलिस पिकेट तैनात रहेगी।
जान जोखिम में डाल निकल रहे दुपहिया वाहन
कई किमी का चक्कर लगाने से बचने के चक्कर में रोजाना सैकड़ों लोग पैदल या बाइक सवार टूटे पुल के बचे हिस्से से निकल रहे हैं। पानी के तेज बहाव के चलते पुल का बचा हिस्सा कभी भी गिरकर आने-जाने वालों की जान जोखिम में डाल सकता है।
मंत्री के फरमान के बाद भी देरी
पिछले दिनों सादिकपुर गांव आए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव आए थे। उस दौरान भी क्षेत्रीय ग्रामीणों ने उमर्दा नहर के क्षतिग्रस्त पुल का मामला उठाया था। इस पर मंत्री का कहना था कि उन्हें पुल टूटने की जानकारी ही नहीं है। बाद में उन्होंने डीएम से इस मुद्दे पर वार्ता भी की थी। जल्द प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज तक प्रस्ताव शासन तक नहीं पहुंच सका है।
वैकल्पिक पुल के लिए नहीं बना प्रस्ताव
उमर्दा नहर के क्षतिग्रस्त पुल व ग्रामीणों के प्रदर्शन को लेकर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जगदीश सिंह का कहना है कि पुल की डिजाइन तैयार कराई जा रही है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार हो रही है। डीएम की अध्यक्षता में बुधवार शाम इस मसले पर बैठक हुई है।
उन्होंने बताया कि शासन को प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर भेज दिया जाएगा पर पुल निर्माण के लिए बजट अगले वित्तीय वर्ष में ही मिलने की संभावना है। बजट स्वीकृत होने के बाद ही पुल का निर्माण शुरु हो सकेगा। निर्माण में भी करीब छह महीने का वक्त लगेगा। वैकल्पिक पुल के मुद्दे को लेकर उनका कहना था है कि अभी तक इस संबंध में कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है।
मंत्री बोले, समाधान के लिए पहल करेंगे
क्षेत्रीय सपा विधायक और माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल का कहना है कि पुल टूटने से उपजी समस्या गंभीर है। वे जनता को जल्द आवागमन में होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। जल्द से जल्द पुल निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने, बजट आवंटित कराने और निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए वे शासन स्तर पर खुद पहल करेंगे। साथ ही नया पुल निर्माण पूरा न होने तक वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए भी डीएम व सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता से वार्ता करेंगे।