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ट्यूबवेल के लिए ग्रामीणों का चढ़ा पारा
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 17 Nov 2015 12:21 AM IST
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ब्लाक गुगरापुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत चियासर के
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मजरा लालपुर स्थित सरकारी ट्यूबवेल शो-पीस बना है। इससे किसानों को सिंचाई
का संकट झेलना पड़ रहा है। शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी ट्यूबवेल ठीक
कराकर जलापूर्ति शुरू कराने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों का
सोमवार को पारा चढ़ गया और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को ट्यूबवेल चालू कराने के लिए गुस्साए ग्रामीणों ने नारेबाजी कर नलकूप खंड के अफसरों को जमकर कोसा और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। चियासर निवासी ग्रामीण राजाराम सिंह, संतोष कुमार, संजू त्रिपाठी, अशोक, गुड्डू, सर्वेश, अवधू, शिशुपाल, लल्लन, अमर सिंह, रमेश का कहना है कि इस ट्यूबवेल पर करीब 200 बीघा कृषि क्षेत्र को पानी मिलता है।
बीते तीन महीने से ट्यूबवेल बंद पड़ा है। नलकूप की खराबी को लेकर आपरेटर से बात करने पर वह जल्द ठीक होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेता है। कई महीनों से वे लोग चक्कर काट रहे हैं पर नतीजा सिफर है। आरोप लगाया कि सिंचाई के लिए पानी न मिलने से आलू, गेहूं, राई और चना आदि की फसलें बरबादी की कगार पर पहुंच गई हैं।
इससे किसानों की नींद हराम हो गई है। कहा कि यदि जल्द ही ट्यूबवेल से जलापूर्ति बहाल न कराई गई तो किसानों को फसल नष्ट होने से हजारों रुपये की लागत का नुकसान होगा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से नलकूप की खराबी को सही कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही ट्यूबवेल से जलापूर्ति शुरू न कराई गई तो वे लोग धरना प्रदर्शन करेंगे। कहा कि फिर भी अफसर न चेते तो मजबूर होकर पंचायत चुनाव में वोट नहीं डालेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को ट्यूबवेल चालू कराने के लिए गुस्साए ग्रामीणों ने नारेबाजी कर नलकूप खंड के अफसरों को जमकर कोसा और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। चियासर निवासी ग्रामीण राजाराम सिंह, संतोष कुमार, संजू त्रिपाठी, अशोक, गुड्डू, सर्वेश, अवधू, शिशुपाल, लल्लन, अमर सिंह, रमेश का कहना है कि इस ट्यूबवेल पर करीब 200 बीघा कृषि क्षेत्र को पानी मिलता है।
बीते तीन महीने से ट्यूबवेल बंद पड़ा है। नलकूप की खराबी को लेकर आपरेटर से बात करने पर वह जल्द ठीक होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेता है। कई महीनों से वे लोग चक्कर काट रहे हैं पर नतीजा सिफर है। आरोप लगाया कि सिंचाई के लिए पानी न मिलने से आलू, गेहूं, राई और चना आदि की फसलें बरबादी की कगार पर पहुंच गई हैं।
इससे किसानों की नींद हराम हो गई है। कहा कि यदि जल्द ही ट्यूबवेल से जलापूर्ति बहाल न कराई गई तो किसानों को फसल नष्ट होने से हजारों रुपये की लागत का नुकसान होगा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से नलकूप की खराबी को सही कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही ट्यूबवेल से जलापूर्ति शुरू न कराई गई तो वे लोग धरना प्रदर्शन करेंगे। कहा कि फिर भी अफसर न चेते तो मजबूर होकर पंचायत चुनाव में वोट नहीं डालेंगे।