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सदमे से गई दो किसानों की जान, एक गंभीर
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Thu, 30 Apr 2015 12:12 AM IST
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जिले में फसल बर्बादी के सदमे से किसान उबर नहीं पा रहे हैं। आलम यह है कि कतराई के बाद अनाज कम निकलने से किसानों को जबर्दस्त आघात लग रहा है। बुधवार को भी जिले में दो किसानों के सामने यही स्थिति बनी और वह बेसुध हो गए। इनमें से एक किसान की तो घर पहुंचते ही मौत हो गई। वहीं दूसरा किसान जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
सकरावा क्षेत्र के गांव शेखूपुर जड़ौना निवासी राम दयाल जाटव (48) मंगलवार शाम खेत पर ही गेहूं की थ्रेसिंग करा रहे थे। थ्रेसिंग के बाद जब उन्होंने पैदावार देखी तो माथे पर बल पड़ गए। इसके बाद वह घर की तरफ चल पड़े। परिजनों के अनुसार वह मुख्य दरवाजे की सीढ़ियां चढ़ रहे थे, तभी सीने में तेज दर्द हुआ और वह चकराकर गिर पड़े। घरवालों आनन-फानन में उन्हें अस्पताल के लिए भागे, लेकिन तब तक उसकी सांसे थम चुकी थीं।
घरवालों ने घटना की जानकारी अधिकारियों को देने के बाद बुधवार को राम दयाल का अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक के भाई जय दयाल ने बताया उसने तीन बीघा फसल बोई थी। अच्छी पैदावार के लिए उसने सारी पूंजी लगा दी थी। मगर उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। उसके अनुसार राम दयाल कई लोगों का कर्जदार भी था। उसने सोचा था कि गेहूं की पैदावार होने पर कर्ज चुकाएंगे। इसी सदमे में उसकी जान चली गई।
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सूचना पर बुधवार को लेखपाल मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। मामले में एसडीएम राम बहादुर वर्मा ने बताया कि किसान के मौत की जानकारी है। संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से किसान के परिजनों को आर्थिक सहायता की संस्तुति की जाएगी।
वहीं नजरापुर प्रतिनिधि के अनुसार सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा मुरैंया बुजुर्ग के मजरा नयापुरवा निवासी श्रीकृष्ण कुशवाहा (65) ने इस साल छह बीघा गेहूं बोया था। साथ ही करीब छह बीघा जमीन उसने लगान पर ली थी। फसल कतराई के बाद कम उत्पादन और खराब गुणवत्ता का गेहूं निकला। परिजनों ने बताया कि श्रीकृष्ण पर करीब 1.40 लाख रुपये कर्ज लदा है।
गेहूं की कटाई के बाद उत्पादन कम देख श्रीकृष्ण को सदमा लगा और वह खेत पर ही चक्कर खाकर गिर पडे़। परिजन उन्हें मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे। यहां हालत न सुधरने पर कार्डियोलाजी कानपुर रेफर कर दिया गया। बीती रात कानपुर में उपचार के दौरान श्रीकृष्ण की मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंचे नायब तहसीलदार प्रेम नरायन प्रजापति व लेखपाल आशीष श्रीवास्तव ने नयापुरवा में पीड़ित के घर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
उधर सदर कोतवाली के मोहल्ला सरायमीरा अंधामोड़ निवासी अभिलाष मिश्रा (42) की गांव पहलवानगंज में खेती है। इस बार उन्होंने गेहूं की फसल बोई थी। बताते हैं कि बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन लेकर हजारों रुपये की लागत गेहूं की फसल पर लगाई। ओलावृष्टि व बारिश से खेत के ज्यादातर हिस्से में खड़ी फसल नष्ट हो गई। बीते दिनों अभिलाष ने गेहूं की कटाई कराई। इस दौरान फसल को हुए नुकसान से उन्हें गहरा आघात पहुंचा। खेतों से घर लौटने के बाद अचानक सदमे में पड़े अटैक से उनकी हालत बिगड़ गई।
परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया। किसान का हैलट अस्पताल के आईसीयू में उपचार किया जा रहा है। किसान के दो पुत्र व एक पुत्री हैं। बताते हैं कि उनकी बेटी का बीते कई सालों से दिल्ली के एम्स हास्पिटल में कैंसर का उपचार चल रहा है। सरायमीरा सभासद श्याम तिवारी, सभासद बाबा अखंडानंद, अधिवक्ता शैलू मिश्रा, राजू शुक्ला, शानू मिश्रा, सपा नेता विवेक तिवारी आदि लोगों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार की मदद करने व किसान के बेहतर उपचार की मांग की है।
पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं सांसद डिंपल यादव के प्रतिनिधि नवाब सिंह यादव, सपा के कन्नौज विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष संजू कटियार ने बताया कि मामले से मुख्यमंत्री के निजी सचिव गजेंद्र सिंह को अवगत कराया गया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य को फोन करके आईसीयू में भर्ती किसान का बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।
पीड़ित परिवार की मिलेगी मदद
डीएम अनुज कुमार झा ने कहा कि किसान अभिलाष मिश्रा को अटैक पड़ने का मामला उनके संज्ञान में आया है। वे प्रयास करेंगे कि डाक्टरों की टीम उनका अच्छे से इलाज करे। एडीएम रमेश चंद्र यादव ने कहा कि संकट की घड़ी में वे किसानों के साथ हैं। पीड़ित किसानों को राहत दिलाने के लिए वह प्रयासरत हैं। सीएमओ डा. पीएन वाजपेयी ने कहा कि उन्होंने कानपुर के सीएमओ समेत स्वास्थ्य महकमे के अफसरों को किसान अभिलाष मिश्रा को पड़े अटैक से अवगत करा दिया है। डाक्टर बेहतर उपचार कर उन्हें जल्द स्वस्थ करने का प्रयास कर रहे हैं।
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सकरावा क्षेत्र के गांव शेखूपुर जड़ौना निवासी राम दयाल जाटव (48) मंगलवार शाम खेत पर ही गेहूं की थ्रेसिंग करा रहे थे। थ्रेसिंग के बाद जब उन्होंने पैदावार देखी तो माथे पर बल पड़ गए। इसके बाद वह घर की तरफ चल पड़े। परिजनों के अनुसार वह मुख्य दरवाजे की सीढ़ियां चढ़ रहे थे, तभी सीने में तेज दर्द हुआ और वह चकराकर गिर पड़े। घरवालों आनन-फानन में उन्हें अस्पताल के लिए भागे, लेकिन तब तक उसकी सांसे थम चुकी थीं।
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घरवालों ने घटना की जानकारी अधिकारियों को देने के बाद बुधवार को राम दयाल का अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक के भाई जय दयाल ने बताया उसने तीन बीघा फसल बोई थी। अच्छी पैदावार के लिए उसने सारी पूंजी लगा दी थी। मगर उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। उसके अनुसार राम दयाल कई लोगों का कर्जदार भी था। उसने सोचा था कि गेहूं की पैदावार होने पर कर्ज चुकाएंगे। इसी सदमे में उसकी जान चली गई।
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सूचना पर बुधवार को लेखपाल मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। मामले में एसडीएम राम बहादुर वर्मा ने बताया कि किसान के मौत की जानकारी है। संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से किसान के परिजनों को आर्थिक सहायता की संस्तुति की जाएगी।
वहीं नजरापुर प्रतिनिधि के अनुसार सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा मुरैंया बुजुर्ग के मजरा नयापुरवा निवासी श्रीकृष्ण कुशवाहा (65) ने इस साल छह बीघा गेहूं बोया था। साथ ही करीब छह बीघा जमीन उसने लगान पर ली थी। फसल कतराई के बाद कम उत्पादन और खराब गुणवत्ता का गेहूं निकला। परिजनों ने बताया कि श्रीकृष्ण पर करीब 1.40 लाख रुपये कर्ज लदा है।
गेहूं की कटाई के बाद उत्पादन कम देख श्रीकृष्ण को सदमा लगा और वह खेत पर ही चक्कर खाकर गिर पडे़। परिजन उन्हें मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे। यहां हालत न सुधरने पर कार्डियोलाजी कानपुर रेफर कर दिया गया। बीती रात कानपुर में उपचार के दौरान श्रीकृष्ण की मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंचे नायब तहसीलदार प्रेम नरायन प्रजापति व लेखपाल आशीष श्रीवास्तव ने नयापुरवा में पीड़ित के घर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
उधर सदर कोतवाली के मोहल्ला सरायमीरा अंधामोड़ निवासी अभिलाष मिश्रा (42) की गांव पहलवानगंज में खेती है। इस बार उन्होंने गेहूं की फसल बोई थी। बताते हैं कि बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन लेकर हजारों रुपये की लागत गेहूं की फसल पर लगाई। ओलावृष्टि व बारिश से खेत के ज्यादातर हिस्से में खड़ी फसल नष्ट हो गई। बीते दिनों अभिलाष ने गेहूं की कटाई कराई। इस दौरान फसल को हुए नुकसान से उन्हें गहरा आघात पहुंचा। खेतों से घर लौटने के बाद अचानक सदमे में पड़े अटैक से उनकी हालत बिगड़ गई।
परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया। किसान का हैलट अस्पताल के आईसीयू में उपचार किया जा रहा है। किसान के दो पुत्र व एक पुत्री हैं। बताते हैं कि उनकी बेटी का बीते कई सालों से दिल्ली के एम्स हास्पिटल में कैंसर का उपचार चल रहा है। सरायमीरा सभासद श्याम तिवारी, सभासद बाबा अखंडानंद, अधिवक्ता शैलू मिश्रा, राजू शुक्ला, शानू मिश्रा, सपा नेता विवेक तिवारी आदि लोगों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार की मदद करने व किसान के बेहतर उपचार की मांग की है।
पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं सांसद डिंपल यादव के प्रतिनिधि नवाब सिंह यादव, सपा के कन्नौज विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष संजू कटियार ने बताया कि मामले से मुख्यमंत्री के निजी सचिव गजेंद्र सिंह को अवगत कराया गया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य को फोन करके आईसीयू में भर्ती किसान का बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।
पीड़ित परिवार की मिलेगी मदद
डीएम अनुज कुमार झा ने कहा कि किसान अभिलाष मिश्रा को अटैक पड़ने का मामला उनके संज्ञान में आया है। वे प्रयास करेंगे कि डाक्टरों की टीम उनका अच्छे से इलाज करे। एडीएम रमेश चंद्र यादव ने कहा कि संकट की घड़ी में वे किसानों के साथ हैं। पीड़ित किसानों को राहत दिलाने के लिए वह प्रयासरत हैं। सीएमओ डा. पीएन वाजपेयी ने कहा कि उन्होंने कानपुर के सीएमओ समेत स्वास्थ्य महकमे के अफसरों को किसान अभिलाष मिश्रा को पड़े अटैक से अवगत करा दिया है। डाक्टर बेहतर उपचार कर उन्हें जल्द स्वस्थ करने का प्रयास कर रहे हैं।