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Kannauj News: नहीं कम हो रही तल्खी, अचानक कलक्ट्रेट पहुंचे मंत्री

Tue, 31 Mar 2026 12:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2026 12:12 AM IST
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The tension is not decreasing, the minister suddenly reached the collectorate.
फोटो :34: कलक्ट्रेट में हाजिरी रजिस्टर देखते मंत्री असीम अरुण। संवाद
कन्नौज। जिले में मंत्री और जिला प्रशासन के बीच तल्खी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अफसरों की लेटलतीफी को देखने के लिए सुबह 10 बजे मंत्री चुपचाप कलक्ट्रेट पहुंच गए। वहां कई अफसर और कर्मचारी नदारद मिले। इस पर उन्होंने डीएम को निर्देश दिए कि ऐसे लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण लें और कठोर कार्रवाई की जाए।
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सोमवार की सुबह आम दिनों जैसी ही थी। कलक्ट्रेट के गलियारों में सन्नाटा था और कई कुर्सियां अपने साहब का इंतजार कर रही थीं। इसी बीच अचानक गाड़ियों का काफिला रुका और समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण गाड़ी से नीचे उतरे। इसेे पूरे दफ्तर में खलबली मच गई। जो कर्मचारी अभी चाय की चुस्कियां लेने की सोच रहे थे वे अपनी फाइलों में मुंह छिपाने लगे। मंत्री के इस औचक निरीक्षण ने प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी।
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असीम अरुण ने सीधे जिलाधिकारी कार्यालय का रुख किया तो वहां डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री बैठे मिले। उन्होंने एडीएम कार्यालय, खनन विभाग, प्रशासनिक कक्ष, सूचना विभाग, कोषागार और खाद्य विभाग का सघन निरीक्षण किया। जब मंत्री ने उपस्थिति रजिस्टर हाथ में लिया तो कई पन्ने खाली मिले। कुछ कर्मचारी नदारद थे तो कुछ के आने का समय ही नहीं हुआ था। इस पर उनका का पारा चढ़ गया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जनता की सेवा के लिए कुर्सी मिली है उसे खाली रखने के लिए नहीं।
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10:15 से 5:50 बजे तक बैठेंगे अधिकारी
निरीक्षण के दौरान मंत्री असीम अरुण ने विभागाध्यक्षों को दो टूक निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि सुबह 10:15 से शाम 5:50 बजे तक हर हाल में अधिकारी कार्यालय में मौजूद रहें। यह समय सीमा अब किसी लक्ष्मण रेखा से कम नहीं है। मंत्री का स्पष्ट संदेश था कि सरकारी दफ्तरों में लंच ब्रेक के नाम पर घंटों गायब रहने का खेल अब नहीं चलेगा।


जनता की फाइलें अब नहीं होंगी लाल
मंत्री ने बताया कि निरीक्षण का असली मकसद केवल हाजिरी चेक करना नहीं था बल्कि जनसुनवाई को पटरी पर लाना था। मंत्री ने शिकायत निवारण सेल में जाकर फाइलों का अंबार देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने में देरी अक्षम्य है। फाइलों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से हो ताकि आम आदमी को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

26 मार्च से तल्खी की हुई थी शुरुआत
मंत्री असीम अरुण और जिला प्रशासन के बीच तल्खी की शुरुआत 26 मार्च को रोमा स्मारक मुक्ताकाशी मंच से हुई। शाम को साढ़े पांच बजे जब मंत्री आयोजन स्थल पर पहुंचे तो वहां डीएम, एडीएम, समेत आला अफसर नदारद थे। मंत्री को 45 मिनट इंतजार करना पड़ा और इसके बाद वह नाराज होकर लौट आए। मंत्री ने डीएम को एक पत्र लिखा जिसमें समय पालन की नसीहत दी थी। हालांकि डीएम समेत अफसरों ने मंत्री से माफी भी मांग ली थी। इसके बाद भी कलक्ट्रेट का औचक निरीक्षण उसी की परिणति में देखा जा रहा है।
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