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फिजाओं में फिर बही अमनचैन की खुशबू
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:05 AM IST
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खुशबुओं के शहर की फिजाओं में अमन-चैन की खुशबू फिर
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से बहने लगी है। बाजार भी काफी हद तक पहले की तरह गुलजार हो गया है।
हालांकि, दिलों में समाया खौफ अभी पूरी तरह के दूर नहीं हुआ है। यही वजह है
कि शाम ढलते ही ग्राहक घरों की तरफ मुड़ जाते हैं।
दिन में तो खूब चहलकदमी देखने को मिल रही है, पर देर रात के वक्त अभी भी सन्नाटा कायम है। सांप्रदायिक तनातनी के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले चिरैयागंज व लाखन चौराहे का बाजार भी पटरी पर लौट आया है। यहां स्थित शापिंग माल से लेकर सौंदर्य प्रसाधन, कपड़े, चूड़ी, मिठाई, किराना, इत्र आदि की दुकानें खुलने लगी हैं।
मंगलवार को भी शहर में माहौल सामान्य नजर आया। जगह-जगह पुलिस के जवान सुरक्षा के लिहाज से मुस्तैद थे, पर सुरक्षा कर्मियों के चेहरे पर से भी अमन-चैन कायम होने के बाद तनाव भरी ड्यूटी के निशान गायब थे। कई जगह तो पुलिस व पीएसी के जवान आराम से बैठे नजर आए।
वहीं मौका मिलते ही फोर्स के जवानों ने अखबार पढ़कर चुनावी जीत हार का हालचाल भी जाना। अगरबत्ती, ड्रम आदि ढोने वाले ठेलिया चालक भी आते-जाते दिखे। वहीं हरीनगर, सफदरगंज, अजयपाल रोड, कचहरी टोला, ग्वालमैदान आदि मोहल्लों में साइकिलों पर फूल लादकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले किसान भी नजर आए।
बाजार में अगल-बगल दुकानें किए हिंदू व मुस्लिम समुदाय के लोग मिल-जुलकर काम धंधा कर रहे हैं। मिठाई गली, सब्जी मंडी, पीतल मंडल, फर्श रोड पर हजारों की तादात में लोग खरीदारी करते नजर आए। आसपास के गांव व कटरी क्षेत्र के लोग भी बाजारों में आकर त्योहारी सामान लेते रहे।
वहीं धार्मिक स्थलों में भी आस्था से जुड़े लोगों की भीड़ पहले की तरह होने लगी है। इससे धार्मिक स्थलों के आसपास दुकानें सजाए लोगों की रोजी-रोटी का जरिया भी आबाद हो गया है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता की मानें तो व्यापारी तबका नहीं चाहता कि कभी लड़ाई-झगड़ा हो, क्योंकि बवाल का सबसे ज्यादा कहर तो व्यापारियों व दुकानदारों पर ही पड़ता है।
उधर, शहर में स्थित गोमती देवी गर्ल्स इंटर कालेज, एसडी गर्ल्स इंटर कालेज, जेपी गर्ल्स इंटर कालेज समेत तमाम स्कूल कालेजों में भी बच्चों का आना-जाना पूरी तरह शुरू हो गया है। छात्राएं निडर होकर पैदल भी स्कूल आते-जाते नजर आईं।
दिन में तो खूब चहलकदमी देखने को मिल रही है, पर देर रात के वक्त अभी भी सन्नाटा कायम है। सांप्रदायिक तनातनी के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले चिरैयागंज व लाखन चौराहे का बाजार भी पटरी पर लौट आया है। यहां स्थित शापिंग माल से लेकर सौंदर्य प्रसाधन, कपड़े, चूड़ी, मिठाई, किराना, इत्र आदि की दुकानें खुलने लगी हैं।
मंगलवार को भी शहर में माहौल सामान्य नजर आया। जगह-जगह पुलिस के जवान सुरक्षा के लिहाज से मुस्तैद थे, पर सुरक्षा कर्मियों के चेहरे पर से भी अमन-चैन कायम होने के बाद तनाव भरी ड्यूटी के निशान गायब थे। कई जगह तो पुलिस व पीएसी के जवान आराम से बैठे नजर आए।
वहीं मौका मिलते ही फोर्स के जवानों ने अखबार पढ़कर चुनावी जीत हार का हालचाल भी जाना। अगरबत्ती, ड्रम आदि ढोने वाले ठेलिया चालक भी आते-जाते दिखे। वहीं हरीनगर, सफदरगंज, अजयपाल रोड, कचहरी टोला, ग्वालमैदान आदि मोहल्लों में साइकिलों पर फूल लादकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले किसान भी नजर आए।
बाजार में अगल-बगल दुकानें किए हिंदू व मुस्लिम समुदाय के लोग मिल-जुलकर काम धंधा कर रहे हैं। मिठाई गली, सब्जी मंडी, पीतल मंडल, फर्श रोड पर हजारों की तादात में लोग खरीदारी करते नजर आए। आसपास के गांव व कटरी क्षेत्र के लोग भी बाजारों में आकर त्योहारी सामान लेते रहे।
वहीं धार्मिक स्थलों में भी आस्था से जुड़े लोगों की भीड़ पहले की तरह होने लगी है। इससे धार्मिक स्थलों के आसपास दुकानें सजाए लोगों की रोजी-रोटी का जरिया भी आबाद हो गया है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता की मानें तो व्यापारी तबका नहीं चाहता कि कभी लड़ाई-झगड़ा हो, क्योंकि बवाल का सबसे ज्यादा कहर तो व्यापारियों व दुकानदारों पर ही पड़ता है।
उधर, शहर में स्थित गोमती देवी गर्ल्स इंटर कालेज, एसडी गर्ल्स इंटर कालेज, जेपी गर्ल्स इंटर कालेज समेत तमाम स्कूल कालेजों में भी बच्चों का आना-जाना पूरी तरह शुरू हो गया है। छात्राएं निडर होकर पैदल भी स्कूल आते-जाते नजर आईं।