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पुल निर्माण की ध्ाीमी चाल पर भड़के
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Mon, 22 Feb 2016 12:24 AM IST
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निचली गंग नहर पर पुल निर्माण में हो रही देरी से
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भड़के ग्रामीणों ने रविवार को प्रमुख सचिव स्टांप से शिकायत करते हुए आरोप
लगाया कि अफसर दफ्तरों में बैठे रहते हैं, जिससे पुल धीमी गति से बन रहा
है। इस पर प्रमुख सचिव ने सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक की तगड़ी क्लास
लगाई और जल्द पुल व उसके पास अधूरी रोड पूर्ण न कराने पर कार्रवाई की
चेतावनी दी।
उधर, लोहिया गांव मवई बिलवारी को एक हफ्ते में बिजली की रोशनी से जगमग कराने का फरमान सुनाया है। रविवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे प्रमुख सचिव स्टांप अनिल कुमार ने उमर्दा विकास खंड के निर्माणाधीन पुल पर पहुंचे। जानकारी पाकर बीडीसी सुनील यादव, रिंकू यादव, भगवत दयाल आदि मौके पर पहुंचे और प्रमुख सचिव से शिकायत करते हुए बताया कि पुल निर्माण कार्य में हीलाहवाली हो रही, जिससे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं।
दुर्घटना होने के बावजूद लोग सेतु निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अधिकारी झूठे वादे कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रोजाना हजारों लोग चक्कर काटने से परेशान हैं, पर सेतु निगम सुन नहीं रहा है। इस पर प्रमुख सचिव ने सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक गेंदालाल को फटकार लगाई।
कहा कि सारा बजट एक साथ मिलने पर भी तय समय सीमा में पुल न बनना लापरवाही है। तत्काल अधूरे कार्य पूर्ण कराकर आवागमन शुरू कराया जाए। इस दौरान पुल के पास सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को लेकर सेतु निगम व पीडब्ल्यूडी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपते नजर आए।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अंबिका सिंह ने कहा कि सड़क के जिस हिस्से को सेतु निगम ने खोदा है, उसे सेतु निगम ही बनवाए। वहीं सेतु निगम का कहना है कि उसने केवल सेतु के लिए ही इस्टीमेट भेजा था। इस पर डीएम ने आड़े हाथों लिया और कहा कि आपस में तालमेल करके सड़क भी जल्द पूर्ण कराएं।
उधर, जिला प्रशासन की ओर से मवई बिलवारी के मजरा गुनहां में लगाई गई चौपाल में प्रधान राम खिलावन यादव, स्वदेश यादव, मलखान सिंह यादव, योगेंद्र यादव, पप्पू यादव, रामदास ने प्रमुख सचिव को बताया कि सूरज ढलते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। विद्युतीकरण कार्य कई महीने बाद भी अधूरा पड़ा है।
ट्रांसफार्मर का अता-पता नहीं है। ग्राम सभा के मजरों में खंभे तक नहीं लग सके हैं। ग्रामीणों ने कहा कि नौ महीने पहले डीएम ने चौपाल लगाई थी। तब आठ दिन में आपूर्ति का वादा बिजली विभाग ने किया था, पर कुछ नहीं हुआ। ठेकेदार बदल दिए गए फिर भी काम अधूरा पड़ा है।
प्रमुख सचिव ने एक्सईएन पी राम को तलब कर एक हफ्ते में विद्युतीकरण पूर्ण कर बिजली आपूर्ति चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को अपना फोन नंबर दिया और कहा कि यदि हफ्तेभर में लाइट न जले तो फोन करें। वहीं विधवा पेंशन, नाली, खड़ंजा व अन्य विकास कार्यों की हालत संतोषजनक नजर आई।
कुछ कार्य अधूरे मिले, जिन्हें भी जल्द पूर्ण करने के लिए कहा। इस दौरान डीएम अनुज झा, सीडीओ उदयराज यादव, एसडीएम उदयवीर सिंह, तहसीलदार ऋषिकांत राजवंशी, बीडीओ रामउदरेज यादव आदि मौजूद थे।
उधर, लोहिया गांव मवई बिलवारी को एक हफ्ते में बिजली की रोशनी से जगमग कराने का फरमान सुनाया है। रविवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे प्रमुख सचिव स्टांप अनिल कुमार ने उमर्दा विकास खंड के निर्माणाधीन पुल पर पहुंचे। जानकारी पाकर बीडीसी सुनील यादव, रिंकू यादव, भगवत दयाल आदि मौके पर पहुंचे और प्रमुख सचिव से शिकायत करते हुए बताया कि पुल निर्माण कार्य में हीलाहवाली हो रही, जिससे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं।
दुर्घटना होने के बावजूद लोग सेतु निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अधिकारी झूठे वादे कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रोजाना हजारों लोग चक्कर काटने से परेशान हैं, पर सेतु निगम सुन नहीं रहा है। इस पर प्रमुख सचिव ने सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक गेंदालाल को फटकार लगाई।
कहा कि सारा बजट एक साथ मिलने पर भी तय समय सीमा में पुल न बनना लापरवाही है। तत्काल अधूरे कार्य पूर्ण कराकर आवागमन शुरू कराया जाए। इस दौरान पुल के पास सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को लेकर सेतु निगम व पीडब्ल्यूडी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपते नजर आए।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अंबिका सिंह ने कहा कि सड़क के जिस हिस्से को सेतु निगम ने खोदा है, उसे सेतु निगम ही बनवाए। वहीं सेतु निगम का कहना है कि उसने केवल सेतु के लिए ही इस्टीमेट भेजा था। इस पर डीएम ने आड़े हाथों लिया और कहा कि आपस में तालमेल करके सड़क भी जल्द पूर्ण कराएं।
उधर, जिला प्रशासन की ओर से मवई बिलवारी के मजरा गुनहां में लगाई गई चौपाल में प्रधान राम खिलावन यादव, स्वदेश यादव, मलखान सिंह यादव, योगेंद्र यादव, पप्पू यादव, रामदास ने प्रमुख सचिव को बताया कि सूरज ढलते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। विद्युतीकरण कार्य कई महीने बाद भी अधूरा पड़ा है।
ट्रांसफार्मर का अता-पता नहीं है। ग्राम सभा के मजरों में खंभे तक नहीं लग सके हैं। ग्रामीणों ने कहा कि नौ महीने पहले डीएम ने चौपाल लगाई थी। तब आठ दिन में आपूर्ति का वादा बिजली विभाग ने किया था, पर कुछ नहीं हुआ। ठेकेदार बदल दिए गए फिर भी काम अधूरा पड़ा है।
प्रमुख सचिव ने एक्सईएन पी राम को तलब कर एक हफ्ते में विद्युतीकरण पूर्ण कर बिजली आपूर्ति चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को अपना फोन नंबर दिया और कहा कि यदि हफ्तेभर में लाइट न जले तो फोन करें। वहीं विधवा पेंशन, नाली, खड़ंजा व अन्य विकास कार्यों की हालत संतोषजनक नजर आई।
कुछ कार्य अधूरे मिले, जिन्हें भी जल्द पूर्ण करने के लिए कहा। इस दौरान डीएम अनुज झा, सीडीओ उदयराज यादव, एसडीएम उदयवीर सिंह, तहसीलदार ऋषिकांत राजवंशी, बीडीओ रामउदरेज यादव आदि मौजूद थे।