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ठगे गए अभिकर्ताओं का चढ़ा पारा, प्रदर्शन
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Wed, 06 Jan 2016 12:14 AM IST
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बीमा कराने के नाम पर करोड़ों रुपये के घपले करने
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वाली कंपनी की कोतवाली में खड़ी लग्जरी गाड़ियां छोड़ने के विरोध में खफा
पीड़ितों ने प्रदर्शन करते हुए कंपनी मालिक की संपत्ति नीलाम कर लोगों का
पैसा दिलाने की मांग की है।
ज्ञात हो कि एकेबीएल ग्रुप के मालिक द्वारा बीमा के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाला करने के मामले में पीड़ित अभिकर्ताओं द्वारा मालिक और उसके परिजनों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज कराए गए थे। पुलिस ने उसकी दोनों लग्जरी गाड़ियां कब्जे में लेकर कोतवाली में खड़ी करा ली थी। पिछले दिनों उन दोनों गाड़ियों को छोड़ दिया गया।
इसकी जानकारी होते ही अभिकर्ताओं में रोष व्याप्त हो गया और प्रदर्शन किया। मंगलवार को एकेबीएल ग्रुप से जुड़े रहे अभिकर्ता दुर्वेश खान, अखिलेश त्रिपाठी, उमा सिंह, वसीम, अलका गुप्ता, संतोष बाथम, सुभाष शाक्य, मीरा चौहान, मनोज शुक्ला, सुमित कुमार, संजय मिश्रा आदि ने प्रदर्शन करते हुए डीएम को संबोधित ज्ञापन तहसील दिवस में सौंपा।
अभिकर्ताओं का कहना था कि भैनपुरा स्थित एकेबीएल ग्रुप के मालिक संजय शाक्य के पास एजेंट के रूप में काम करते थे। उक्त लोगों ने एलआईसी के नाम पर सैकड़ों लोगों का पैसा संस्था के पास जमा किया था। इसके बदले में शाक्य फर्जी रसीद देता रहा। वह लोगों का लगभग सात करोड़ रुपये धोखाधड़ी कर हड़प ले गए।
जब उन लोगों को इसकी जानकारी हुई तो संस्था कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उस दौरान पुलिस उसकी दो गाड़ी टाटा सफरी व जायलो को कब्जे में लेकर कोतवाली ले आई थी। इस बाबत संजय शाक्य समेत उसके परिजनों और रिश्तेदारों के खिलाफ कोतवाली में कई मुकदमे दर्ज कराए गए थे।
पुलिस ने संजय शाक्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस बाबत पिछले वर्ष तीन जून को प्रार्थनापत्र डीएम को दिया गया था। जिसमें दोनों गाड़ियों और अन्य संपत्तियों की नीलामी कर पैसे दिलाने की मांग की गई थी। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि कोतवाली में खड़े दोनों वाहन एक माह पूर्व छोड़ दिए गए।
अभिकर्ताओं ने फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, उनकी चल-अचल संपत्ति जब्त कर नीलामी कराकर पैसा ग्राहकों को वापस दिलाने की मांग की है। इस बाबत सीओ वीपी सिंह सोलंकी का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर कोतवाली में खड़ी दोनों गाड़ियों को छोड़ा गया है।
ज्ञात हो कि एकेबीएल ग्रुप के मालिक द्वारा बीमा के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाला करने के मामले में पीड़ित अभिकर्ताओं द्वारा मालिक और उसके परिजनों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज कराए गए थे। पुलिस ने उसकी दोनों लग्जरी गाड़ियां कब्जे में लेकर कोतवाली में खड़ी करा ली थी। पिछले दिनों उन दोनों गाड़ियों को छोड़ दिया गया।
इसकी जानकारी होते ही अभिकर्ताओं में रोष व्याप्त हो गया और प्रदर्शन किया। मंगलवार को एकेबीएल ग्रुप से जुड़े रहे अभिकर्ता दुर्वेश खान, अखिलेश त्रिपाठी, उमा सिंह, वसीम, अलका गुप्ता, संतोष बाथम, सुभाष शाक्य, मीरा चौहान, मनोज शुक्ला, सुमित कुमार, संजय मिश्रा आदि ने प्रदर्शन करते हुए डीएम को संबोधित ज्ञापन तहसील दिवस में सौंपा।
अभिकर्ताओं का कहना था कि भैनपुरा स्थित एकेबीएल ग्रुप के मालिक संजय शाक्य के पास एजेंट के रूप में काम करते थे। उक्त लोगों ने एलआईसी के नाम पर सैकड़ों लोगों का पैसा संस्था के पास जमा किया था। इसके बदले में शाक्य फर्जी रसीद देता रहा। वह लोगों का लगभग सात करोड़ रुपये धोखाधड़ी कर हड़प ले गए।
जब उन लोगों को इसकी जानकारी हुई तो संस्था कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उस दौरान पुलिस उसकी दो गाड़ी टाटा सफरी व जायलो को कब्जे में लेकर कोतवाली ले आई थी। इस बाबत संजय शाक्य समेत उसके परिजनों और रिश्तेदारों के खिलाफ कोतवाली में कई मुकदमे दर्ज कराए गए थे।
पुलिस ने संजय शाक्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस बाबत पिछले वर्ष तीन जून को प्रार्थनापत्र डीएम को दिया गया था। जिसमें दोनों गाड़ियों और अन्य संपत्तियों की नीलामी कर पैसे दिलाने की मांग की गई थी। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि कोतवाली में खड़े दोनों वाहन एक माह पूर्व छोड़ दिए गए।
अभिकर्ताओं ने फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, उनकी चल-अचल संपत्ति जब्त कर नीलामी कराकर पैसा ग्राहकों को वापस दिलाने की मांग की है। इस बाबत सीओ वीपी सिंह सोलंकी का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर कोतवाली में खड़ी दोनों गाड़ियों को छोड़ा गया है।