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वर्कशाप की भूमि की कवायद
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 16 Oct 2015 12:49 AM IST
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रोडवेज वर्कशाप के लिए जमीन की तलाश पूरी नहीं हो पा
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रही है। नगर क्षेत्र में कई जगह चिह्नित कर प्रस्ताव भेजे गए, पर उन्हें
मूर्तरूप नहीं दिया जा सका। मामला मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंचा। इसके
बाद एक बार फिर प्रशासन स्तर से जमीन की तलाश की कवायद शुरू कर दी गई है।
नगर में रोडवेज स्टेशन पिछले काफी वर्षों से है। एक दशक पूर्व इस स्टेशन को परिवहन निगम ने रनिंग स्टेशन में तब्दील कर दिया था। जब इसकी भनक लोगों में हुई तो रोष फैल गया। तब तत्कालीन विधायक रामप्रकाश त्रिपाठी ने आंदोलन की कमान अपने हाथ में ली और फिर विवाद को अपना निर्णय बदलना पड़ा था।
कालांतर में नगर के बस स्टेशन को छिबरामऊ डिपो का दर्जा प्राप्त हो गया। पिछले कई वर्षों से बस स्टेशन में ही वर्कशाप का ही काम शुरू हो गया। उधर, विभाग वर्कशाप के लिए जमीन की तलाश में जुट गया। इसके लिए विभागीय अफसरों ने नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर जमीनों की तलाश की।
उनमें से कई स्थानों को चिह्नित कर उनके प्रस्ताव विभागीय अफसरों को भेजे गए, पर मामला किन्हीं कारणों से नहीं बन सका, जिससे वर्कशाप की जमीन की तलाश जारी रही। पिछले दिनों सपा विधायक अरविंद सिंह यादव ने वर्कशाप के लिए जमीन की तलाश की पहल शुरू की।
इसके लिए उन्होंने परिवहन विभाग के अफसरों के साथ राजस्व विभाग के अफसरों से भी वार्ता की। इसके बाद सौरिख रोड पर ग्राम लालकपुर के पास ग्रामसमाज की जमीन चिह्नित की गई। विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर भेज दिया। गत माह इस प्रस्ताव पर भी ग्रहण लग गया।
परिवहन निगम द्वारा लालकपुर स्थित गाटा संख्या 310 रकवा 1.207 हेक्टेयर भूमि पर वर्कशाप का निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। विभागीय अफसरों ने भूमि को उपयुक्त मानकर उसके अधिग्रहण के लिए कवायद शुरू कर दी थी। तत्कालीन डीएम ने जनवरी 14 में कानपुर मंडल के आयुक्त को पत्र भेजकर चयनित की भूमि का मूल्यांकन 38,77,400 रुपये आंका था।
इस धनराशि को परिवहन मुख्यालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी थी। इस बाबत क्षेत्रीय प्रबंधक ने संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को मामले में तत्काल कार्रवाई का पत्र भी भेजा था। हालांकि, यह प्रकरण सीएम के संदर्भ में भी चल रहा है। उधर, लालकपुर गांव चकबंदी प्रक्रिया के तहत है।
ऐसे में कोई भी कार्रवाई कर पाना राजस्व विभाग के लिए मुश्किल है। एडीएम रमेशचंद्र यादव ने एसडीएम को भेजे पत्र में कहा कि लालकपुर में प्रस्तावित भूमि राजस्व अभिलेखों में श्रेणी छह (दो) स्कूल फार्म के नाम आरक्षित है। यह भूमि सुरक्षित श्रेणी की है। जिसका पुनर्ग्रहण शासन से करना वांछित है।
शासनादेश के अनुसार पुनर्ग्रहीत भूमि के बरामद उसी ग्राम सभा की सामान्य भूमि जो सार्वजनिक उपयोग की नहीं हो उसे सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित कर पुनर्ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम को प्रस्तावित भूमि के बदले ग्राम सभा की सामान्य उपयोग की भूमि की उपलब्धता के संबंध में जांच कराकर प्रस्ताव भूमि से विनिमय हेतु प्रस्ताव समस्त जरूरी अभिलेखों और प्रपत्रों के साथ एक सप्ताह के अंदर मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
नगर में रोडवेज स्टेशन पिछले काफी वर्षों से है। एक दशक पूर्व इस स्टेशन को परिवहन निगम ने रनिंग स्टेशन में तब्दील कर दिया था। जब इसकी भनक लोगों में हुई तो रोष फैल गया। तब तत्कालीन विधायक रामप्रकाश त्रिपाठी ने आंदोलन की कमान अपने हाथ में ली और फिर विवाद को अपना निर्णय बदलना पड़ा था।
कालांतर में नगर के बस स्टेशन को छिबरामऊ डिपो का दर्जा प्राप्त हो गया। पिछले कई वर्षों से बस स्टेशन में ही वर्कशाप का ही काम शुरू हो गया। उधर, विभाग वर्कशाप के लिए जमीन की तलाश में जुट गया। इसके लिए विभागीय अफसरों ने नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर जमीनों की तलाश की।
उनमें से कई स्थानों को चिह्नित कर उनके प्रस्ताव विभागीय अफसरों को भेजे गए, पर मामला किन्हीं कारणों से नहीं बन सका, जिससे वर्कशाप की जमीन की तलाश जारी रही। पिछले दिनों सपा विधायक अरविंद सिंह यादव ने वर्कशाप के लिए जमीन की तलाश की पहल शुरू की।
इसके लिए उन्होंने परिवहन विभाग के अफसरों के साथ राजस्व विभाग के अफसरों से भी वार्ता की। इसके बाद सौरिख रोड पर ग्राम लालकपुर के पास ग्रामसमाज की जमीन चिह्नित की गई। विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर भेज दिया। गत माह इस प्रस्ताव पर भी ग्रहण लग गया।
परिवहन निगम द्वारा लालकपुर स्थित गाटा संख्या 310 रकवा 1.207 हेक्टेयर भूमि पर वर्कशाप का निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। विभागीय अफसरों ने भूमि को उपयुक्त मानकर उसके अधिग्रहण के लिए कवायद शुरू कर दी थी। तत्कालीन डीएम ने जनवरी 14 में कानपुर मंडल के आयुक्त को पत्र भेजकर चयनित की भूमि का मूल्यांकन 38,77,400 रुपये आंका था।
इस धनराशि को परिवहन मुख्यालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी थी। इस बाबत क्षेत्रीय प्रबंधक ने संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को मामले में तत्काल कार्रवाई का पत्र भी भेजा था। हालांकि, यह प्रकरण सीएम के संदर्भ में भी चल रहा है। उधर, लालकपुर गांव चकबंदी प्रक्रिया के तहत है।
ऐसे में कोई भी कार्रवाई कर पाना राजस्व विभाग के लिए मुश्किल है। एडीएम रमेशचंद्र यादव ने एसडीएम को भेजे पत्र में कहा कि लालकपुर में प्रस्तावित भूमि राजस्व अभिलेखों में श्रेणी छह (दो) स्कूल फार्म के नाम आरक्षित है। यह भूमि सुरक्षित श्रेणी की है। जिसका पुनर्ग्रहण शासन से करना वांछित है।
शासनादेश के अनुसार पुनर्ग्रहीत भूमि के बरामद उसी ग्राम सभा की सामान्य भूमि जो सार्वजनिक उपयोग की नहीं हो उसे सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित कर पुनर्ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम को प्रस्तावित भूमि के बदले ग्राम सभा की सामान्य उपयोग की भूमि की उपलब्धता के संबंध में जांच कराकर प्रस्ताव भूमि से विनिमय हेतु प्रस्ताव समस्त जरूरी अभिलेखों और प्रपत्रों के साथ एक सप्ताह के अंदर मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।