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Kannauj News: ड्राइवर निकला मास्टरमाइंड, एमपी से बुलाया था गैंग

Sun, 09 Jul 2023 11:13 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज Updated Sun, 09 Jul 2023 11:13 PM IST
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The driver turned out to be the mastermind, the gang was called from MP
कन्नौज। शहर के पॉश इलाके में 28 जून की रात इत्र कारोबारी के परिवार को बंधक बनाकर डकैती मामले का पुलिस ने 12 दिन बाद खुलासा कर दिया। पुलिस के दावे के मुताबिक इस घटना को मध्यप्रदेश के पारदी गैंग ने अंजाम दिया था। इसकी रेकी इत्र कारोबारी के कार चालक ने की थी। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी समेत पारदी गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। डकैतों के पास से लूटी गई सात लाख की नकदी में से पांच लाख रुपये, लाइसेंसी रिवॉल्वर, 15 जिंदा कारतूस के साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई वैन को पुलिस ने बरामद किया है। डकैती में जिस वैन का इस्तेमाल किया गया था, पुलिस उसी के नंबर से गैंग तक पहुंची। पुलिस अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
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रविवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने डकैती कांड का खुलासा करते हुए बताया कि इत्र कारोबारी विमलेश चंद्र तिवारी के घर हथियारबंद डकैतों ने घुसकर परिवार को बंधक बनाकर डकैती की घटना को अंजाम दिया था। डकैत ज्वैलरी के अलावा 7.30 लाख रुपये, लाइसेंसी रिवॉल्वर समेत अन्य सामान लूट ले गए थे। मामले के खुलासा के लिए छह टीमें लगाई गई थी। एसपी ने दावा किया है कि इत्र कारोबारी का चालक अखिलेश जोशी ने ही रेकी कर मध्य प्रदेश से पारदी गैंग को बुलाकर घटना को अंजाम दिया था। वह तीन साल पहले काम छोड़ चुका था, लेकिन उसके बाद भी घर की रेकी की। वह कानपुर के बिल्हौर थाना क्षेत्र के घिमऊ गांव का है। पुलिस ने उसके साथ ही मध्य प्रदेश के गुना जनपद के कैंट थाना के सित्रवासा निवासी सुल्तान मोगिया, जिला अशोक नगर के कचनार थाना क्षेत्र के माधौगढ़ निवासी मनोज उर्फ मनोहर, रुटियाई थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव निवासी दादाराम उर्फ दाताराम व प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के सिमरा निवासी जादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने डकैतों के पास पांच लाख रुपये, रिवॉल्वर, 15 जिंदा कारतूस व वैन को बरामद किया है। गैंग के शिवपुरी जिला के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के सेंवड़ा निवासी सूरज, नासिर व माधोगढ़ निवासी विक्की पारदी के नाम भी सामने आई है। पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। घटना का खुलासा करने वाली टीमों को एसपी ने 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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जेल में पारदी गैंग से मिला था चालक



एसपी ने बताया कि इत्र कारोबारी विमलेश चंद्र तिवारी के घर पर करीब तीन साल पहले अखिलेश जोशी चालक का काम करता था। जिस कारण वह इत्र कारोबारी व इलाके को अच्छी तरह से जानता था। बताया कि वह साथियों के साथ चंदन की तस्करी के आरोप में मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिला में जेल में बंद हुआ था। इसी दौरान जेल में पारदी गैंग के सरगना सूरज से उसकी मुलाकात हुई थी। दोनों में गहरी दोस्ती हो गई थी। जेल से छूटने के बाद दोनों ने मिलकर घटना करने की योजना बनाई। अखिलेश का इत्र कारोबारी के यहां आना जाना था। इसलिए उसने रेकी कर गैंग को सूचनाएं उपलब्ध कराई थी।
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257 से अधिक सीसीटीवी खंगाले, 500 घंटे तक फुटेज देख



एसपी ने बताया कि घटना के खुलासे में सीसीटीवी ने काफी मदद की। वारदात के बाद पुलिस ने घटना स्थल से लेकर डकैतों के भागने वाले रूट पर लगे अलग-अलग 257 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी। सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए 40 आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई थी। 500 घंटे सीसीटीवी फुटेज देखने पर वैन का नंबर कानपुर में ट्रेस हुआ।
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गैंग का कोई सदस्य फोन का नहीं करता था इस्तेमाल



एसपी ने बताया कि गैंग के सदस्य फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं। अगर कोई फोन का इस्तेमाल करता था तो वह घटना करते समय घर पर छोड़कर आते थे। कहा कि ट्रेन के माध्यम से गैंग के सदस्य एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचते थे। जिसके बाद रेकी करने के बाद घटना को अंजाम देकर वापस लौट जाते थे। डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद गैंग के सदस्य कानपुर से मध्य प्रदेश व अन्य स्थानों के लिए निकल गए थे।





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इत्र कारोबारी के पड़ोसी हैं मास्टरमाइंड के रिश्तेदार



एसपी ने बताया कि डकैती की घटना का मास्टरमाइंड अखिलेश जोशी के कुछ रिश्तेदार इत्र कारोबारी के पड़ोस में रहते हैं। जिससे उसका यहां पर आना-जाना लगा रहता था। उसने घटना को अंजाम देने के लिए इत्र कारोबारी के घर की कई हफ्तों तक रेकी की थी। साथ ही घटना के बाद किस तरह से भागना है सब पहले से ही प्लान कर रखा था।






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पड़ोसी की सिफारिश पर मिली थी चाकल की नौकरी

इत्र कारोबारी विमलेश चंद्र तिवारी ने बताया कि करीब तीन साल पहले लाॅकडाउन के दौरान उनको चालक की जरूरत पड़ी थी। जिस पर उन्होंने पड़ोस के ही रहने वाले एक व्यक्ति से कोई चालक बताने को कहा था। जिस पर उसने अपने रिश्तेदार अखिलेश जोशी को भेज दिया था। बताया कि वह उनकी बेटी को बीएससी प्रथम वर्ष के पेपर दिलाने झींझक गया था। जरूरत पड़ने पर फोन कर उसको बुला लेते थे। करीब तीन साल पहले उसने काम छोड़ दिया था।





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पारदी गैंग के सरगना पर पुलिस घोषित करेगी एक लाख का इनाम



एसपी ने बताया कि पारदी गैंग का सरगना सूरज है। टीम उसकी तलाश में जुटी हैं। सरगना के पकड़े जाने पर माल की रिकवरी हो सकती है। उसके ऊपर एक लाख का इनाम घोषित करने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। कहा कि घटना को अंजाम देने से पहले गैंग के सदस्य कानपुर के रावतपुर रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा हुए थे। गैंग के सदस्य शिवपुरी, गुना, प्रयागराज, माधौगढ़ समेत अन्य इलाकों में अलग-अलग डेरा डालकर रहते हैं। घटना को अंजाम देने के लिए इकट्ठा होते हैं उसके बाद फिर अलग-अलग स्थानों पर चले जाते। बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद 800 से 900 किलोमीटर दूर चले जाते थे जिससे पुलिस इन तक पहुंच न सके।





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व्यापारियों ने पुलिस टीम को किया सम्मानित



घटना का खुलासा होने के बाद व्यापारियों की टीम पुलिस लाइन सभागार पहुंची। यहां पर व्यापारियों ने एसपी कुंवर अनुपम सिंह, एएसपी डॉ. अरविंद कुमार, सीओ सिटी डॉ. प्रियंका बाजपेई, सीओ छिबरामऊ दीपक दुबे के अलावा खुलासा में लगी टीमों को सम्मानित किया। माला पहनाकर मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
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