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नोट बंदी से चित हो गया आलू किसान
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Tue, 22 Nov 2016 11:10 PM IST
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बढ़ रही है आलू की कीमत
- फोटो : demo pic
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नोट बंदी की मार आलू किसानों पर पड़ी है। एक माह पूर्व 850 रुपये पैकेट बिकने वाला आलू 250-300 रुपये प्रति पैकेट पर आकर गिर गया है। वहीं फुटकर बाजार में अभी भी उछाल बना हुआ है। आलू किसानों का कहना है कि एक सप्ताह बाद कोल्ड का आलू निकालकर फेंकने की नौबत आ जाएगी।
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पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद हो जाने के बाद आलू किसानों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। तरपुरवा गांव के आलू व्यापारी रघुवीर सिंह किशन बताते हैं कि उन्होंने कोल्ड में अपना आलू जमा कराया था, लेकिन अब आलू 250 रुपये पैकेट में लेने को कोई तैयार नहीं है। ठठिया के इनायतपुर गांव निवासी आलू व्यापारी प्रभात तिवारी कहते हैं कि उनका 130 पैकेट आलू कोल्ड स्टोरेज में पड़ा है। आलू निकालने के लिए पैसे नहीं है।
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मंडी में मंदी चल रही है। किसान गोरेलाल का 11 सौ पैकेट आलू कोल्ड स्टोरेज में डंप पड़ा है। नया आलू आने को है। पुराना निकालकर बेचने के लिए कैश नहीं है। किसान संजीव कुमार कहते हैं कि उन्होंने 150 पैकेट आलू स्टोर किया है। कानपुर की मंडी 255 रुपये चल रही है। इतने में बेचने पर लागत भी निकलना मुश्किल है।
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कोल्ड स्टोरेज के मालिक विनय कुमार कहते हैं कि मंगलवार को मंडी में चिपसोना 250 रुपये पैकेट, सफेद आलू 265 रुपये पैकेट, हॉलैंड 320 रुपये पैकेट बिका है। इसमें कोल्ड से आलू निकालने से लेकर मंडी तक पहुंचने का भाड़ा भी शामिल है।
वहीं, आलू किसान विनय कनौजिया, सुरेंद्र सविता, पंकज अग्निहोत्री ने बताया कि एक माह पूर्व आलू के दाम 850 रुपये पैकेट तक थे। इधर नया आलू खोदने की तैयारी हो रही है। बाजार में नोट भी नहीं मिल रहे हैं। जिससे आलू कोल्ड स्टोरेज में अधिकतम 300 रुपये पैकेट निकल रहा है। उन्होंने कहा कि नई फसल आने से पहले आलू निकालना मजबूरी है। वरना आलू किसी भाव नहीं रहेगा।