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छह महीने से दुर्घटना बीमा की फाइलें दबाए रहा लेखपाल, सस्पेंड
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कन्नौज। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना की फाइलें छह महीने तक प्रभारी लेखपाल अपने कार्यालय में रखे रहे। किसान अफसरों व कर्मचारियों के चक्कर काटते रहे, लेकिन लाभ नहीं मिला। जब लेखपाल फाइलें स्वीकृत कराने पहुंचे तो कारनामे की पोल खुली। एसडीएम ने लेखपाल को सस्पेंड कर दिया है।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा के तहत किसान की दुर्घटना में मौत हो जाने पर पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। पटल की जिम्मेदारी सदर तहसील क्षेत्र के लेखपाल रतन कुमार के पास थी। दुर्घटना बीमा के मुआवजे के लिए दस किसानों ने लेखपाल को आवेदन की फाइलें दी थीं।
बताया गया है कि लेखपाल ने कुछ जिम्मेदारों के हस्ताक्षर कराने के बाद फाइलें अपने पास दबा लीं। करीब छह महीने बाद चार मार्च को जब लेखपाल एसडीएम उमांकात तिवारी के पास पहुंचे तो फटकार लगाई। साथ ही सस्पेंड का आदेश जारी कर दिया। मामले की जांच नायब तहसीलदार भूपेेंद्र विक्रम सिंह को सौंपी गई है।
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सदर एसडीएम उमाकांत तिवारी ने बताया कि लेखपाल रतन कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। अब फाइलों को भी स्वीकृत कर दिया गया है। मामले की जांच नायब तहसीलदार को सौंपी गई है।
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मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा के तहत किसान की दुर्घटना में मौत हो जाने पर पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। पटल की जिम्मेदारी सदर तहसील क्षेत्र के लेखपाल रतन कुमार के पास थी। दुर्घटना बीमा के मुआवजे के लिए दस किसानों ने लेखपाल को आवेदन की फाइलें दी थीं।
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बताया गया है कि लेखपाल ने कुछ जिम्मेदारों के हस्ताक्षर कराने के बाद फाइलें अपने पास दबा लीं। करीब छह महीने बाद चार मार्च को जब लेखपाल एसडीएम उमांकात तिवारी के पास पहुंचे तो फटकार लगाई। साथ ही सस्पेंड का आदेश जारी कर दिया। मामले की जांच नायब तहसीलदार भूपेेंद्र विक्रम सिंह को सौंपी गई है।
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सदर एसडीएम उमाकांत तिवारी ने बताया कि लेखपाल रतन कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। अब फाइलों को भी स्वीकृत कर दिया गया है। मामले की जांच नायब तहसीलदार को सौंपी गई है।