फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   tej hava ke saath baarish se badala mausam ka mijaaj

तेज हवा के साथ बारिश से बदला मौसम का मिजाज

Fri, 29 Nov 2019 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2019 11:51 PM IST
विज्ञापन
tej hava ke saath baarish se badala mausam ka mijaaj
मानीमऊ क्षेत्र में बारिश के बाद मटर के खेत में भरा पानी। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। पश्चिमी विक्षोभ के कारण गुरुवार देररात तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। यह शुक्रवार सुबह तक रुक-रुककर होती रही। बारिश की वजह से जनजीवन प्रभावित रहा। मटर को छोड़कर अन्य फसलों को फायदा हुआ है। बारिश से मौसम का मिजाज बदला तो लोगों को सर्दी का अहसास हुआ। लोग घरों से बचाव का इंतजाम कर निकले।
विज्ञापन

पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों में मौसम ने अचानक करवट बदली। जिले में गुरुवार देररात करीब नौ बजे तेज हवाएं चलने लगीं। इससे लोग घरों में जल्द ही कैद हो गए। करीब 12 बजे के बाद रुक-रुक कर बारिश होने लगी। इसके बाद कभी धीमे तो कभी तेज बारिश होने का सिलसिला जारी रहा। धीमी-धीमी बारिश शुक्रवार सुबह तक जारी रही।
विज्ञापन

आसमान में छाए घने बादलों को देखकर लग रहा था कि बारिश नहीं थमेगी। इससे किसानों की धड़कनें तेज हो गईं। करीब साढ़े 10 बजे बारिश रुकी तो किसानों ने राहत की सांस ली। बारिश से जनजीवन प्रभावित होने से नौकरीपेशा व जरूरतमंद लोग ही घरों से बाहर निकले। अचानक हुई बारिश ने लोगों को सर्दी का अहसास करा दिया। सूर्य के निकलते ही लोग खुले स्थानों व छतों की ओर भागे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूरज व बादलों में दिनभर आंख-मिचौली का खेल चलता रहा। बारिश की वजह से पारा 29.4 से 23 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम के करवट लेने के बाद लोग घरों से गर्म कपड़े पहन, छाता लेकर निकले। मौसम वैज्ञानिक अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव हुआ है। आसमान में बादल दो दिनों तक रहेंगे। इसके बाद मौसम खुल जाएगा।
गेहूं व सरसाें को फायदा, मटर को नुकसान
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अमर सिंह ने बताया कि इस बारिश से गेहूं व सरसों को फायदा हुआ है। खेत में नमी रहेगी। यह फसल के उपयोगी साबित होगी। वहीं, मटर के लिए पानी की कम आवश्यकता रहती है। मटर की खेती करने वाले जिन किसानों ने एक-दो दिन में पानी लगाया होगा, उस फसल को नुकसान पहुंच सकता है। अगर लगातार दो-तीन दिनों तक बारिश होती तो अन्य फसलों को भी नुकसान होता।
पलेवा की तैयारी में जुटे किसानों की बढ़ी दिक्कत
कुछ किसानों ने आलू व गेहूं की बुआई करने के लिए पलेवा की तैयारी कर ली थी। गुरुवार देर रात मौसम ने अचानक करवट बदली। तेज हवा के साथ धीमे-धीमे बारिश होने लगी। इससे पलेवा की तैयारी में जुटे किसानों की धड़कनें तेज हो र्गइं। हालांकि शुक्रवार सुबह मौसम खुल गया तो उन्होंने राहत की सांस ली। इस बारिश से उन्हें खेत के सूखने तक इंतजार करना होगा। बुआई कार्य पांच-छह दिन लेट हो जाएगा।
दवा का करें छिड़काव
गुरुवार देररात बारिश से फसलों में नमी हो गई है। जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि फसलों में नमी से बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इन रोगों से बचाव के लिए किसान फैग्री साइड दवा का घोल बनाकर छिड़काव करा दें। इससे किसानों की फसल सुरक्षित रहेगी।

डेंगू के डंक का खतरा हुआ कम
बारिश कई मायनों में सभी के लिए फायदेमंद साबित हुई। अभी तक जिले में डेंगू का प्रकोप था। आये दिन कहीं न कहीं डेंगू किसी न किसी को शिकार बना रहा था। देर रात बारिश से सर्दी ने दस्तक की है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अफसरों का मानना है कि सर्दी की शुरुआत होते ही डेंगू का खतरा कम हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed