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घर-घर खोजे जाएंगे टीबी के मरीज
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तालग्राम। क्षय रोगियों की पहचान के लिए नौ मार्च से एक्टिव केस फाइंडिंग(एसीएफ) अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 22 मार्च तक चलेगा। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर पहुंच कर टीबी के लक्षण वाले मरीजों की पहचान करेंगे।
स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर क्षय रोग से मिलते-जुलते लक्षण वाले व्यक्तियों की जांच करेंगे। तालग्राम सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. कुमारिल मैत्रेय ने बताया कि टीबी संक्रमण रोकने के लिए मरीजों की जल्दी पहचान व उपचार शुरू होना जरूरी है। सीएचसी क्षय रोग प्रभारी रमन ने बताया कि शहरी मलिन बस्ती एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में माइक्रो प्लान तैयार कर घर-घर स्क्रीनिंग की जाएगी।
किसी व्यक्ति में टीबी की पुष्टि होती है तो उसकी ब्लड शुगर, यूडीसी और एचआईवी जांच कर निक्षय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। पुष्टि के 48 घंटे में रोगी का उपचार शुरू कर निक्षय पोषण योजना से लिंक किया जाएगा। इससे रोगी को बेहतर पोषण के लिए पांच सौ रुपये की धनराशि प्रत्येक माह समय से मिल सकेगी। ब्लाक अपर शोध अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि क्षय रोगियों की तलाश के लिए आशा, आंगनबाड़ी और वॉलंटियर्स की मदद ली जाएगी।
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- दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होना
-बलगम में खून आना
- लगातार वजन कम होना
- सीने में दर्द होना
-दो हफ्ते से ज्यादा बुखार आना
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स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर क्षय रोग से मिलते-जुलते लक्षण वाले व्यक्तियों की जांच करेंगे। तालग्राम सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. कुमारिल मैत्रेय ने बताया कि टीबी संक्रमण रोकने के लिए मरीजों की जल्दी पहचान व उपचार शुरू होना जरूरी है। सीएचसी क्षय रोग प्रभारी रमन ने बताया कि शहरी मलिन बस्ती एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में माइक्रो प्लान तैयार कर घर-घर स्क्रीनिंग की जाएगी।
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किसी व्यक्ति में टीबी की पुष्टि होती है तो उसकी ब्लड शुगर, यूडीसी और एचआईवी जांच कर निक्षय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। पुष्टि के 48 घंटे में रोगी का उपचार शुरू कर निक्षय पोषण योजना से लिंक किया जाएगा। इससे रोगी को बेहतर पोषण के लिए पांच सौ रुपये की धनराशि प्रत्येक माह समय से मिल सकेगी। ब्लाक अपर शोध अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि क्षय रोगियों की तलाश के लिए आशा, आंगनबाड़ी और वॉलंटियर्स की मदद ली जाएगी।
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