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Kannauj News: प्रदेश को वन ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सर्वे शुरू

Fri, 21 Jul 2023 11:08 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jul 2023 11:08 PM IST
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Survey started to make the state a one trillion dollar economy
संवाद न्यूज एजेंसी
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कन्नौज। प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सर्वे हो रहा है। शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता के तहत इसमें विभिन्न सेक्टर्स का जीवीए आकलन करने के लिए प्रदेश में कई प्रकार के सर्वेक्षण संचालित हैं। यहां भी उसी से जुड़ा सर्वे होना है। इसकी जानकारी साझा करने के लिए कलक्ट्रेट में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सांख्यिकी आंकड़ों के संग्रहन की जानकारी दी गई।

कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में हुई गोष्ठी की अध्यक्षता डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने सांख्यिकी आंकड़ों के संग्रहन के संबंध में हुई संगोष्ठी में बताया कि उप्र को वन ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभिन्न सेक्टर्स का जीवीए आकलन करने के लिए प्रदेश में विभिन्न प्रकार के सर्वेक्षण हो रहे हैं। इन सर्वेक्षण से प्रदेश में संचालित विकासोन्मुख योजनाओ में हो रहे निवेश के मद्देनजर विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्र में परिलक्षित हो रहे विकास की वास्तिविक स्थिति के अनुरूप आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।
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हितकारक, अर्थाथ, परिवार, कारखाने, दुकाने, छोटे व्यवसाय स्वास्थ्य देखभाल इकाईयां, क्लब, शिक्षा संस्थान, कानूनी और परिवहन संगठन आदि को यह आश्वस्त करने की आवश्यकता है कि उनकी ओर से साझा की गई जानकारी का उपयोग उनकी व्यक्ति पहचान उजागर किए बिना केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया गया है। सर्वेक्षणकर्ताओं को वांछित सही सूचना देने से ही वास्तविक रिपोर्ट तैयार हो सकेगी। इस दौरान एडीएम आशीष सिंह, डीडीओ, डीएसओ, बीएसए, उपायुक्त उद्योग, प्रभारी जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी के साथ ही उद्यमी व व्यापारी संगठन के सदस्य भी मौजूद रहे।
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उपनिदेशक ने बताई जीवीए की बारीकी

इस दौरान उप निदेशक अर्थ एवं संख्या रजनीश ने कहा कि ग्रास वैल्यू एडेड (जीवीए) से किसी इकनॉमी में होने वाले टोटल आउटपुट और इनकम का पता चलता है। इससे पता चलता है कि तय पीरियड में इनपुट कॉस्ट और रॉ मैटीरियल का दाम निकालने के बाद कितने रुपये के सामान और सर्विसेज का उत्पादन हुआ है। इससे यह भी पता चलता है कि किस खास क्षेत्र, उद्योग या सेक्टर में कितना उत्पादन हुआ है। इसे नेशनल एकाउंटिंग के नजरिए से देखा जाए तो माइक्रो लेवल पर जीडीपी में सब्सिडी और टैक्स निकालने के बाद जो आंकड़ा मिलता है, वह जीवीए होता है। अगर आप प्रोडक्शन साइड से देखेंगे तो आप इसको नेशनल अकाउंट्स को बैलेंस करने वाला आइटम पाएंगे।
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