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युवाओं के दिलों में मौजूद हैं नेता जी के आदर्श

Sat, 22 Jan 2022 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jan 2022 11:33 PM IST
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subhash chandra bose
तालग्राम/तिर्वा। हर दौर में युवा नेता जी सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व से प्रभावित हुए हैं। जिले के युवा भी कहते हैं कि नेताजी हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे। अगर उनसे प्रेरणा ली जाए तो तरक्की की राह आसान हो जाएगी। जिले के युवाओं ने नेताजी की जयंती की पूर्व संध्या पर कुछ ऐसे ही विचार व्यक्त किए।
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अमोलर निवासी बीएससी के छात्र दीपक कुशवाह ने बताया कि नेताजी का नाम जुबान पर आते ही देशप्रेम मन में हिलोरे लेने लगता है। उनके व्यक्तित्व से युवा आकर्षित होते हैं।
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नेपालपुर निवासी नेहरु युवा कल्याण केंद्र के वालंटियर रितेश कुमार ने बताया कि उनका जय हिंद का नारा आज भी अमर है।
तिर्वा निवासी विदित श्रीवास्तव ने बताया कि नेताजी से प्रेरणा लेकर ही वंचित वर्गों के हित में काम करने का जज्बा पैदा हुआ।
तिर्वा निवासी डेविड पटेल ने बताया कि नेता जी सुभाष चंद्र की राष्ट्रप्रेम की भावना आज भी देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिए प्रेरित करती है।
तिर्वा कस्बा निवासी अंकित गुप्ता का कहना है कि नेता जी के प्रति उनकी आपर श्रद्धा है। भारत के लाल ने देश को आजादी दिलाने में जो बिगुल फूंका वह काफी काबिले तारीफ है।
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कन्नौज। नेता सुभाष चंद्र बोस को भगवान राम की तरह लोगों को संगठित कर सेना बनाने की महारत थी। अप्रशिक्षित लोगों को प्रशिक्षित कर फौज बनाना बड़ा कठिन कार्य है। अफसोस की बात है कि आजादी के 75 साल बाद भी नेताजी की मृत्यु के दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए। छिबरामऊ निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जुगुल किशोर सक्सेना के पौत्र व मातृभूमि सेवा समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष हिमांशु सक्सेना ने यह बातें कहीं। नेताजी की जयंती की पूर्व संध्या पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शांतिदेव त्रिपाठी के पुत्र डॉ. जयप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि नेताजी के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने अपनी उच्चकोटि की नेतृत्व क्षमता से आजाद हिंद फौज को गठित कर अंग्रेजों से मोर्चा लिया।
छिबरामऊ महोत्सव के संयोजक एवं युवा समाजसेवी गौरव त्रिपाठी (अमर) ने बताया कि एक बार नेताजी ने कहा था कि याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है। यह विचार आज भी लोगों को प्रेरित करता है।

शहर निवासी श्यामजी मिश्रा ने बताया कि उन्हें बुजुर्गों ने बताया कि नेता जी ने आजाद हिंद फौज के गठन के वक्त कन्नौज आए थे। उनके जीवन से संदेश और सीख मिलती है। विचारों से बड़ी क्रांतियां हुई हैं, देश में बड़े बड़े युद्ध विचार से ही जीते गए।
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