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स्प्रिट से बना रहे थे देसी शराब
Fri, 12 Apr 2019 11:50 PM IST
प्रतीक दुबे
kannauj
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Published by: प्रतीक दुबे
Updated Fri, 12 Apr 2019 11:50 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में अवैध शराब गिरोह के सदस्य।
- फोटो : amarujala
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शराब माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सर्विलांस टीम और सदर कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने हरदोई और कन्नौज जिले के सात लोगों को गिरफ्तार कर नकली शराब बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इनके पास से तीन कारें, एक ट्रैक्टर ट्राली, 10.15 लाख की नगदी के अलावा भारी संख्या में देसी शराब के रैपर, बोतल, होलोग्राम के साथ ही 250 लीटर स्प्रिट, 15 लीटर मिलावटी शराब और 15 किलो यूरिया बरामद की है। पुलिस के मुताबिक गिरोह द्वारा तैयार की जा रही नकली शराब से कभी भी बड़ी घटना हो सकती थी। चुनाव में शराब को खपाने के लिए गिरोह सक्रिय था।
सदर कोतवाली में एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह और एएसपी विनोद कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गुरुवार रात को सर्विलांस और कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि गोवर्धनी रोड पर कुछ लोग नकली शराब की बिक्री और पैसों का लेनदेन कर रहे हैं। इनके पास मोटी रकम भी है। सूचना पर सर्विलांस टीम प्रभारी आलोक कुमार राय और सदर कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने टीम के साथ घेराबंदी की। मौके से पांच लोगों को पकड़ लिया। इनके कब्जे से 10.15 लाख की नगदी, एक स्कार्पियो, एक कार और एक ईको स्पोर्ट कार मिली। मौके पर खड़े ट्रैक्टर ट्राली से 250 लीटर स्प्रिट, 24 हजार देसी शराब की खाली बोतलें, होलोग्राम, रैपर, ढक्कन, कार्टून, टेप, 15 लीटर मिलावटी शराब, 15 किलो यूरिया बरामद हुई। तलाशी में आठ मोबाइल मिले। कोतवाली में पूछताछ में आलोक कुमार पुत्र जगदीश कटियार निवासी कचाटीपुर इंदरगढ़ ने बताया कि गिरोह का सरगना नीरज दुबे पुत्र रामगोपाल निवासी नया बंगला घुमइया बिलग्राम हरदोई है। आलोक की निशानदेही पर कारोबार में लिप्त उसके भाई रामकिशोर और अमन कटियार को भी घर से गिरफ्तार किया गया।
एसपी ने बताया कि स्प्रिट और यूरिया मिलाकर यह लोग देसी शराब तैयार करते थे। उसे कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, हरदोई, कन्नौज में बेचते थे। शराब की बिक्री गांव के किराना स्टोरों, लेबरों और मजदूरों के बीच की जाती थी। एसपी ने बताया कि गिरोह को नीरज दुबे अपने साथी नेता उर्फ स्वतंत्र कटियार की मदद से स्प्रिट उपलब्ध कराता था। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने गिरोह के सरगना नीरज दुबे पुत्र रामगोपाल निवासी नया बंगला घुमइया बिलग्राम हरदोई, आलोक कुमार, रामकिशोर, अमन पुत्रगण जगदीश कटियार निवासी कचाटीपुर इंदरगढ़, लटूरी सिंह पुत्र हरिबख्श निवासी घुमइया विरनी बिलग्राम हरदोई, विनोद जाटव पुत्र वीर सिंह निवासी रंगियन टिलिया कन्नौज, गुलशन पुत्र भीमसेन कठेरिया निवासी कचाटीपुर इंदरगढ़ को गिरफ्तार किया है। नेता उर्फ स्वतंत्र कटियार व पंकज मामा वांछित हैं।
दो साल में तैयार कर ली करोड़ की संपत्ति
सर्विलांस टीम प्रभारी आलोक कुमार राय ने बताया कि नीरज दुबे और आलोक कटियार ने दो साल के भीतर करोड़ों की संपत्ति तैयार कर ली। दोनों के मकान तो आलीशान हैं ही, शौक भी महंगे थे। लग्जरी कारों से चलना, महंगे मोबाइल का इस्तेमाल करने के साथ ही घर में भी सारी सुख सुविधाएं मौजूद हैं।
कारखाने और फैक्टरियों को जाने वाली स्प्रिट होती थी इस्तेमाल
कानपुर और अन्य शहरों में स्थित फैक्टरियों और कारखानों के लिए जो टैंकर स्प्रिट लेकर जाते थे, गिरोह के सदस्य उनके चालकों से सेटिंग कर लेते थे। बीच रास्ते ही टैंकर से स्प्रिट उतरवा ली जाती थी।
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सदर कोतवाली में एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह और एएसपी विनोद कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गुरुवार रात को सर्विलांस और कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि गोवर्धनी रोड पर कुछ लोग नकली शराब की बिक्री और पैसों का लेनदेन कर रहे हैं। इनके पास मोटी रकम भी है। सूचना पर सर्विलांस टीम प्रभारी आलोक कुमार राय और सदर कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने टीम के साथ घेराबंदी की। मौके से पांच लोगों को पकड़ लिया। इनके कब्जे से 10.15 लाख की नगदी, एक स्कार्पियो, एक कार और एक ईको स्पोर्ट कार मिली। मौके पर खड़े ट्रैक्टर ट्राली से 250 लीटर स्प्रिट, 24 हजार देसी शराब की खाली बोतलें, होलोग्राम, रैपर, ढक्कन, कार्टून, टेप, 15 लीटर मिलावटी शराब, 15 किलो यूरिया बरामद हुई। तलाशी में आठ मोबाइल मिले। कोतवाली में पूछताछ में आलोक कुमार पुत्र जगदीश कटियार निवासी कचाटीपुर इंदरगढ़ ने बताया कि गिरोह का सरगना नीरज दुबे पुत्र रामगोपाल निवासी नया बंगला घुमइया बिलग्राम हरदोई है। आलोक की निशानदेही पर कारोबार में लिप्त उसके भाई रामकिशोर और अमन कटियार को भी घर से गिरफ्तार किया गया।
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एसपी ने बताया कि स्प्रिट और यूरिया मिलाकर यह लोग देसी शराब तैयार करते थे। उसे कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, हरदोई, कन्नौज में बेचते थे। शराब की बिक्री गांव के किराना स्टोरों, लेबरों और मजदूरों के बीच की जाती थी। एसपी ने बताया कि गिरोह को नीरज दुबे अपने साथी नेता उर्फ स्वतंत्र कटियार की मदद से स्प्रिट उपलब्ध कराता था। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने गिरोह के सरगना नीरज दुबे पुत्र रामगोपाल निवासी नया बंगला घुमइया बिलग्राम हरदोई, आलोक कुमार, रामकिशोर, अमन पुत्रगण जगदीश कटियार निवासी कचाटीपुर इंदरगढ़, लटूरी सिंह पुत्र हरिबख्श निवासी घुमइया विरनी बिलग्राम हरदोई, विनोद जाटव पुत्र वीर सिंह निवासी रंगियन टिलिया कन्नौज, गुलशन पुत्र भीमसेन कठेरिया निवासी कचाटीपुर इंदरगढ़ को गिरफ्तार किया है। नेता उर्फ स्वतंत्र कटियार व पंकज मामा वांछित हैं।
दो साल में तैयार कर ली करोड़ की संपत्ति
सर्विलांस टीम प्रभारी आलोक कुमार राय ने बताया कि नीरज दुबे और आलोक कटियार ने दो साल के भीतर करोड़ों की संपत्ति तैयार कर ली। दोनों के मकान तो आलीशान हैं ही, शौक भी महंगे थे। लग्जरी कारों से चलना, महंगे मोबाइल का इस्तेमाल करने के साथ ही घर में भी सारी सुख सुविधाएं मौजूद हैं।
कारखाने और फैक्टरियों को जाने वाली स्प्रिट होती थी इस्तेमाल
कानपुर और अन्य शहरों में स्थित फैक्टरियों और कारखानों के लिए जो टैंकर स्प्रिट लेकर जाते थे, गिरोह के सदस्य उनके चालकों से सेटिंग कर लेते थे। बीच रास्ते ही टैंकर से स्प्रिट उतरवा ली जाती थी।