{"_id":"ab95afa0b627ffae6aa151412e2f1c48","slug":"society-was-conditioned-gayatri-family-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समाज को संस्कारित कर रहा गायत्री परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समाज को संस्कारित कर रहा गायत्री परिवार
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज
Updated Thu, 07 Jan 2016 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्बे के क्रय विक्रय समिति परिसर में बुधवार को गायत्री परिवार की ओर से पांच दिवसीय पुस्तक मेला का आयोजन किया गया। पुस्तक मेला का उद्घाटन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने दीप प्रज्जवलन कर किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार समाज में संस्कार के बीज बो रहा है।
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने पुस्तक मेले में रखी 3200 विषयों की पुस्तकों को देखा।जिलाधिकारी ने कहा कि भारत में काफी पहले सप्तर्षि संस्कृति का पालन होता रहा है। इस संस्कृति में शिक्षा, चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, विज्ञान जैसे विषयों पर ऋषि मुनि अपने शोध किया करते थे।
उप जिलाधिकारी उदयवीर सिंह ने कहा कि आचार, विचार, व्यवहार व संस्कार से युक्त व्यक्ति ही जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की करता है। गायत्री परिवार का मूल मंत्र पहले खुद सुधरो, फिर जग सुधरेगा इसी पर आधारित है। हमें स्वयं में बदलाव लाना होगा।
विज्ञापन
पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य कंचन कनौजिया ने कहा कि जब हम खुद में सुधार लाएंगे तो धीरे-धीरे यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। लोग सुधरने का प्रयास करेंगे तो समाज व राष्ट्र संस्कारित बनेगा। कार्यक्रम को माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग के पूर्व सदस्य रामऔतार यादव, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अन्नपूर्णा राजपूत ने संबोधित किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने पुस्तक मेले में रखी 3200 विषयों की पुस्तकों को देखा।जिलाधिकारी ने कहा कि भारत में काफी पहले सप्तर्षि संस्कृति का पालन होता रहा है। इस संस्कृति में शिक्षा, चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, विज्ञान जैसे विषयों पर ऋषि मुनि अपने शोध किया करते थे।
विज्ञापन
उप जिलाधिकारी उदयवीर सिंह ने कहा कि आचार, विचार, व्यवहार व संस्कार से युक्त व्यक्ति ही जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की करता है। गायत्री परिवार का मूल मंत्र पहले खुद सुधरो, फिर जग सुधरेगा इसी पर आधारित है। हमें स्वयं में बदलाव लाना होगा।
विज्ञापन
पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य कंचन कनौजिया ने कहा कि जब हम खुद में सुधार लाएंगे तो धीरे-धीरे यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। लोग सुधरने का प्रयास करेंगे तो समाज व राष्ट्र संस्कारित बनेगा। कार्यक्रम को माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग के पूर्व सदस्य रामऔतार यादव, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अन्नपूर्णा राजपूत ने संबोधित किया।