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छोटे फनकारों ने जमकर लुभाया
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 18 Oct 2015 12:34 AM IST
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सिटी चिल्ड्रेन एकेडमी समूह गायन प्रतियोगिता के मधुर
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रस में डूबी रही। तीन वर्गों में विभाजित चार हाउस के मध्य आयोजित अंतर
विद्यालयी प्रतियोगिता में छोटे फनकारों के अलावा सीनियर वर्ग के बच्चों ने
भी अपने गले के जौहर और जादू से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय प्रांगण में गीत, गजल, भजन तथा संदेश गीतों की जमकर बयार बही। वाद्य यंत्रों की संगत, सुर, ताल के साथ बच्चों की सधी हुई प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान रहा। इस प्रतियोगिता में सब जूनियर वर्ग से उज्जैन हाउस ने प्रथम, नालंदा हाउस ने द्वितीय और तक्षशिला हाउस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
जूनियर ग्रुप में उज्जैन हाउस ने बाजी मारते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। तक्षशिला ने दूसरा और काशी हाउस तीसरे स्थान पर रहा। अंत में सीनियर वर्ग में प्रतिभागियों के मध्य इतना रोचक और कड़ा मुकाबला था कि निर्णायक ज्यूरी को खासी माथापच्ची और मशक्कत करनी पड़ी।
अंतत: उज्जैन हाउस को प्रथम, नालंदा को दूसरा और काशी हाउस को तीसरा स्थान प्रदान किया गया। सीनियर ग्रुप में उज्जैन हाउस के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया, गीत...ओ री चिरैया नन्हीं सी चिड़िया अंगना में फिर आजा रे को बहुत सराहा गया।
प्रतियोगिता के दौरान निर्णायक की भूमिका वंदना अवस्थी, नीता खंडेलवाल, सोनाली श्रीवास्तव, राधिका दुबे ने निभाई। सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रधानाचार्य जिम थामस व बृजेश दीक्षित द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। संस्था के चेयरमैन प्रदीप प्रधान ने कहा जिस तरह मनुष्य के जीवन में हवा, पानी अति आवश्यक है, वैसे ही संगीत का भी मनुष्य के जीवन में अपना महत्व है।
बिना संगीत के जीवन पतझड़ के समान लगता है। जिम थामस ने कहा कि संगीत हमेशा से दिलों के जोड़ने का कार्य करता आया है। जितेंद्र नायक के संचालन में म्यूजिक टीचर रमई दुबे, प्रदीप तिवारी आदि का विशेष योगदान रहा।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय प्रांगण में गीत, गजल, भजन तथा संदेश गीतों की जमकर बयार बही। वाद्य यंत्रों की संगत, सुर, ताल के साथ बच्चों की सधी हुई प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान रहा। इस प्रतियोगिता में सब जूनियर वर्ग से उज्जैन हाउस ने प्रथम, नालंदा हाउस ने द्वितीय और तक्षशिला हाउस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
जूनियर ग्रुप में उज्जैन हाउस ने बाजी मारते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। तक्षशिला ने दूसरा और काशी हाउस तीसरे स्थान पर रहा। अंत में सीनियर वर्ग में प्रतिभागियों के मध्य इतना रोचक और कड़ा मुकाबला था कि निर्णायक ज्यूरी को खासी माथापच्ची और मशक्कत करनी पड़ी।
अंतत: उज्जैन हाउस को प्रथम, नालंदा को दूसरा और काशी हाउस को तीसरा स्थान प्रदान किया गया। सीनियर ग्रुप में उज्जैन हाउस के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया, गीत...ओ री चिरैया नन्हीं सी चिड़िया अंगना में फिर आजा रे को बहुत सराहा गया।
प्रतियोगिता के दौरान निर्णायक की भूमिका वंदना अवस्थी, नीता खंडेलवाल, सोनाली श्रीवास्तव, राधिका दुबे ने निभाई। सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रधानाचार्य जिम थामस व बृजेश दीक्षित द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। संस्था के चेयरमैन प्रदीप प्रधान ने कहा जिस तरह मनुष्य के जीवन में हवा, पानी अति आवश्यक है, वैसे ही संगीत का भी मनुष्य के जीवन में अपना महत्व है।
बिना संगीत के जीवन पतझड़ के समान लगता है। जिम थामस ने कहा कि संगीत हमेशा से दिलों के जोड़ने का कार्य करता आया है। जितेंद्र नायक के संचालन में म्यूजिक टीचर रमई दुबे, प्रदीप तिवारी आदि का विशेष योगदान रहा।