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भूकंप के तेज झटकों से मची अफरा-तफरी
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Sat, 25 Apr 2015 11:26 PM IST
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भूकंप के लगातार दो झटकों से शनिवार दोपहर नगर में हड़कंप मच गया। घर और दुकानों में बैठे लोग शोर मचाते हुए सड़क की तरफ भाग निकले। मकानों में तेज कंपन, हिलते हुए बिजली के खंभे देखकर लोगों में दहशत का माहौल रहा। करीब आधा घंटे बाद लोग राहत महसूस करते, तभी दूसरा झटका आ गया। इसके बाद लोग घर के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। तपती धूप में कई घंटे लोग घर के बाहर बैठे रहे।
शनिवार दोपहर करीब 11.41 बजे अचानक हड़कंप मच गया। लोग बच्चों को गोद में घरों से बाहर भाग निकले। यही हाल दुकानदारों का रहा। इसके बाद लोग पेड़, बिजली के पोल और मकानों को देखकर चर्चा करने लगे कि देखो सब हिल रहा है। भूकंप आया है। देखते ही देखते सड़कों पर मजमा लग गया। करीब आधा घंटे तक अफरा-तफरी मची रही। कुछ राहत महसूस करने पर लोग घरों की ओर लौटे। इसके बाद दोबारा लोगों ने धरती का कंपन महसूस किया।
इस पर लोग फिर घरों से बाहर भागे। इसके बाद तो कोई भी घर में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सका। दुकानदार दुकानें बंद करने लगे। लोगों ने घरों के बाहर खुले स्थान पर घंटों बैठे रहे। स्थिति सामान्य होने पर घरों में घुसे।
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वहीं दुकानदार सड़क के किनारे पान की गुमटियों पर भीड़ लगाए खड़े रहे। उधर नगर के प्रतिष्ठान बैंक, डाकघर, नगर पालिका आदि के कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा। लोग घंटों सड़क पर घूमते रहे। भूकंप से पोस्ट ऑफिस की दीवार चटक गई।
खड़िनी प्रतिनिधि के अनुसार ग्रामीणों ने बगीचे में बैठकर घंटो समय बिताया। पलिया प्रतिनिधि के अनुसार मंदिर में पूजा-पाठ कर रहे लोग भूकम्प से बाहर की तरफ भागने लगे। सौरिख, चपुन्ना और नादेमऊ प्रतिनिधि के अनुसार कंपन महसूस कर मवेशी भी चिल्लाने लगे थे। ऐसे में मवेशियों को खोलकर खुले में छोड़ दिया गया।
दीवार चटक गई
मोहल्ला इंदिरानगर निवासी टेलर संजय शर्मा ने बताया वह कपड़े की सिलाई कर रहे थे। तभी अचानक सिलाई मशीन हिलने लगी। भूकंप की आशंका से वह बाहर की तरफ भागे। कुछ देर बाद दूसरा झटका आया। वापस आए तो देखा दीवार में लंबी दरार थी।
बर्तन जमीन पर गिरे
इंदिरानगर के उपेंद्र कुमार दुबे के अनुसार वह कुर्सी पर बैठे थे। अचानक कुर्सी हिलने लगी। इसी बीच रसोई के बर्तन जमीन पर गिर पड़े। भूकंप का अहसास होते ही वह परिवार के साथ बाहर सड़क की तरफ भागे। एक घंटे बाद अंदर पहुंचे तो देखा कमरे की दीवार चटकी थी।
भाग खड़े हुए मजदूर
सराफान निवासी अजय चौबे ने बताया उनके मकान का निर्माण हो रहा है। मटेरियल ले जाते समय दो मजदूर आपस में धक्का देने की बात कहकर लड़ रहे थे। जब वह शांत कराने पहुंचे तो देखा तसला हिल रहा है। फिर भूकंप की आशंका से सभी लोग बाहर की तरफ भागे।
हिलने लगी कुर्सी-मेज
दीक्षितान मोहल्ला निवासी पोस्ट ऑफिस एजेंट विनोद दुबे ने बताया कुर्सी पर बैठे थे। तभी वह हिलने लगी। कंप्यूटर सिस्टम भी हिलने लगा। जमीन में कंपन हो रहा था। इसी बीच लोग भूकंप-भूकंप कहते हुए बाहर सड़क की तरफ भागने लगे।
कब महसूस हुए झटके
दोपहर 11.41 बजे
दोपहर 12.20 बजे
पुलिस ने घूम-घूमकर दी चेतावनी
भूकंप के दो झटके लगने के बाद नगर की पुलिस ने जीप से सड़कों पर घूम-घूमकर एलाउंस किया कि भूकंप के झटके फिर आ सकते हैं। इसलिए सभी लोग अपने मकान छोड़कर खुले स्थान पर चले जाए। पुलिस ने मोहल्लों में जाकर सभी को आगाह किया। कहा कि किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और धैर्य बनाएं रखें।
स्कूल के बच्चों की हुई छुट्टी
भूकंप के तेज झटके आते ही स्कूलों के बच्चों को मैदान में भेज दिया गया। इसके बाद बच्चों की छुट्टी कर दी गई। सेंट मारिया स्कूल के प्रबंधक बीसी अवस्थी ने बताया पहला झटका लगते ही बच्चों को बगैर बताए मैदान में खेलने भेज दिया था। इसके बाद अभिभावकों के फोन आने लगे। दूसरा झटका आते ही बच्चों की छुट्टी कर दी गई।
क्षतिग्रस्त हुआ मस्जिद का गुंबद
कस्बा सौरिख में थाने के सामने मस्जिद की मीनार के ऊपर का गुंबद भूकंप के तेज झटकों को नहीं सह सका और क्षतिग्रस्त होकर नीचे आ गिरा। इसके अलावा सकरावा रोड पर सुरेंद्र कुमार गुप्ता, अंबेडकरनगर की पन्नोदेवी के मकान की दीवार चटक गई। उधर छिबरामऊ क्षेत्र के गांव खानपुर चौबे में योगेंद्र सिंह यादव के मकान की जमीन चटक गई। चबूतरा से लेकर कमरे तक जमीन पर कई जगह दरारें पड़ गईं।
गिरी दीवार, पहुंचे अधिकारी
विकास खंड की ग्राम पंचयत रनवीरपुर के मजरा मानपुर में विजय बहादुर जाटव के मकान की 50 फिट लंबी और आठ फिट ऊंची दीवार भूकंप के झटके से गिर गई। जिस समय दीवार गिरी पड़ोसी वहां मौजूद थे। पूर्व प्रधान शैलेंद्र सिंह राठौर ने एसडीएम को सूचना दी। नायब तहसीलदार अवनीश कुमार मौके पर पहुंचे। आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया। वहीं कस्बा सौरिख के मोहल्ला संजय नगर के राम सेवक रावत के मकान की दीवार भी गिर गई।
जहां की तहां खड़े हो गए वाहन
दुपहिया वाहन चालक, सवारियां लेकर जा रही नगर की प्राइवेट बसों आदि में भी झटके महसूस किए गए। चालकों के अनुसार जैसे ही बस में कंपन का अहसास हुआ। जहां की तहां खड़ी कर दी गई। दो मिनट बाद कंपन शांत होने पर आगे बढ़े। भूकंप की चर्चा होने पर सवारियों में हड़कंप मचा रहा।
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शनिवार दोपहर करीब 11.41 बजे अचानक हड़कंप मच गया। लोग बच्चों को गोद में घरों से बाहर भाग निकले। यही हाल दुकानदारों का रहा। इसके बाद लोग पेड़, बिजली के पोल और मकानों को देखकर चर्चा करने लगे कि देखो सब हिल रहा है। भूकंप आया है। देखते ही देखते सड़कों पर मजमा लग गया। करीब आधा घंटे तक अफरा-तफरी मची रही। कुछ राहत महसूस करने पर लोग घरों की ओर लौटे। इसके बाद दोबारा लोगों ने धरती का कंपन महसूस किया।
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इस पर लोग फिर घरों से बाहर भागे। इसके बाद तो कोई भी घर में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सका। दुकानदार दुकानें बंद करने लगे। लोगों ने घरों के बाहर खुले स्थान पर घंटों बैठे रहे। स्थिति सामान्य होने पर घरों में घुसे।
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वहीं दुकानदार सड़क के किनारे पान की गुमटियों पर भीड़ लगाए खड़े रहे। उधर नगर के प्रतिष्ठान बैंक, डाकघर, नगर पालिका आदि के कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा। लोग घंटों सड़क पर घूमते रहे। भूकंप से पोस्ट ऑफिस की दीवार चटक गई।
खड़िनी प्रतिनिधि के अनुसार ग्रामीणों ने बगीचे में बैठकर घंटो समय बिताया। पलिया प्रतिनिधि के अनुसार मंदिर में पूजा-पाठ कर रहे लोग भूकम्प से बाहर की तरफ भागने लगे। सौरिख, चपुन्ना और नादेमऊ प्रतिनिधि के अनुसार कंपन महसूस कर मवेशी भी चिल्लाने लगे थे। ऐसे में मवेशियों को खोलकर खुले में छोड़ दिया गया।
दीवार चटक गई
मोहल्ला इंदिरानगर निवासी टेलर संजय शर्मा ने बताया वह कपड़े की सिलाई कर रहे थे। तभी अचानक सिलाई मशीन हिलने लगी। भूकंप की आशंका से वह बाहर की तरफ भागे। कुछ देर बाद दूसरा झटका आया। वापस आए तो देखा दीवार में लंबी दरार थी।
बर्तन जमीन पर गिरे
इंदिरानगर के उपेंद्र कुमार दुबे के अनुसार वह कुर्सी पर बैठे थे। अचानक कुर्सी हिलने लगी। इसी बीच रसोई के बर्तन जमीन पर गिर पड़े। भूकंप का अहसास होते ही वह परिवार के साथ बाहर सड़क की तरफ भागे। एक घंटे बाद अंदर पहुंचे तो देखा कमरे की दीवार चटकी थी।
भाग खड़े हुए मजदूर
सराफान निवासी अजय चौबे ने बताया उनके मकान का निर्माण हो रहा है। मटेरियल ले जाते समय दो मजदूर आपस में धक्का देने की बात कहकर लड़ रहे थे। जब वह शांत कराने पहुंचे तो देखा तसला हिल रहा है। फिर भूकंप की आशंका से सभी लोग बाहर की तरफ भागे।
हिलने लगी कुर्सी-मेज
दीक्षितान मोहल्ला निवासी पोस्ट ऑफिस एजेंट विनोद दुबे ने बताया कुर्सी पर बैठे थे। तभी वह हिलने लगी। कंप्यूटर सिस्टम भी हिलने लगा। जमीन में कंपन हो रहा था। इसी बीच लोग भूकंप-भूकंप कहते हुए बाहर सड़क की तरफ भागने लगे।
कब महसूस हुए झटके
दोपहर 11.41 बजे
दोपहर 12.20 बजे
पुलिस ने घूम-घूमकर दी चेतावनी
भूकंप के दो झटके लगने के बाद नगर की पुलिस ने जीप से सड़कों पर घूम-घूमकर एलाउंस किया कि भूकंप के झटके फिर आ सकते हैं। इसलिए सभी लोग अपने मकान छोड़कर खुले स्थान पर चले जाए। पुलिस ने मोहल्लों में जाकर सभी को आगाह किया। कहा कि किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और धैर्य बनाएं रखें।
स्कूल के बच्चों की हुई छुट्टी
भूकंप के तेज झटके आते ही स्कूलों के बच्चों को मैदान में भेज दिया गया। इसके बाद बच्चों की छुट्टी कर दी गई। सेंट मारिया स्कूल के प्रबंधक बीसी अवस्थी ने बताया पहला झटका लगते ही बच्चों को बगैर बताए मैदान में खेलने भेज दिया था। इसके बाद अभिभावकों के फोन आने लगे। दूसरा झटका आते ही बच्चों की छुट्टी कर दी गई।
क्षतिग्रस्त हुआ मस्जिद का गुंबद
कस्बा सौरिख में थाने के सामने मस्जिद की मीनार के ऊपर का गुंबद भूकंप के तेज झटकों को नहीं सह सका और क्षतिग्रस्त होकर नीचे आ गिरा। इसके अलावा सकरावा रोड पर सुरेंद्र कुमार गुप्ता, अंबेडकरनगर की पन्नोदेवी के मकान की दीवार चटक गई। उधर छिबरामऊ क्षेत्र के गांव खानपुर चौबे में योगेंद्र सिंह यादव के मकान की जमीन चटक गई। चबूतरा से लेकर कमरे तक जमीन पर कई जगह दरारें पड़ गईं।
गिरी दीवार, पहुंचे अधिकारी
विकास खंड की ग्राम पंचयत रनवीरपुर के मजरा मानपुर में विजय बहादुर जाटव के मकान की 50 फिट लंबी और आठ फिट ऊंची दीवार भूकंप के झटके से गिर गई। जिस समय दीवार गिरी पड़ोसी वहां मौजूद थे। पूर्व प्रधान शैलेंद्र सिंह राठौर ने एसडीएम को सूचना दी। नायब तहसीलदार अवनीश कुमार मौके पर पहुंचे। आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया। वहीं कस्बा सौरिख के मोहल्ला संजय नगर के राम सेवक रावत के मकान की दीवार भी गिर गई।
जहां की तहां खड़े हो गए वाहन
दुपहिया वाहन चालक, सवारियां लेकर जा रही नगर की प्राइवेट बसों आदि में भी झटके महसूस किए गए। चालकों के अनुसार जैसे ही बस में कंपन का अहसास हुआ। जहां की तहां खड़ी कर दी गई। दो मिनट बाद कंपन शांत होने पर आगे बढ़े। भूकंप की चर्चा होने पर सवारियों में हड़कंप मचा रहा।