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Kannauj News: महिला की हत्या में दो भाइयों को सात साल की कैद
Wed, 13 Mar 2024 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Wed, 13 Mar 2024 12:18 AM IST
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कन्नौज। 11 साल पहले गोकशी के विरोध में की गई पिटाई से एक महिला की मौत हो गई थी, इस मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोनों को सात-सात साल की कैद सुनाई गई है। दोनों पर 58 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के सैयदपुर-सकरी में 11 वर्ष पहले हुई घटना का है। शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ल ने बताया कि सैय्यदपुर सकरी निवासी इकरार अली ने मियांगंज निवासी मुख्तार के दो पुत्र चांदबाबू उर्फ चंदू व लालमियां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक दोनों भाई चांदबाबू और लालमियां सैयदपुर-सकरी में मकान के पीछे प्रतिबंधित मवेशियों का मांस बेचते थे। उन्होंने इसका विरोध किया था। तो खुन्नस खाकर 23 अक्टूबर 2012 की रात दोनों भाई मकान की दीवार फांदकर अंदर घुस आए और लाठी-डंडों, छुरे से हमला कर दिया। इकरार अली के मुताबिक उन्हें मार खाते देखकर पत्नी हूरबानो व बड़ी मां जैनब बचाने आईं। दोनों आरोपियों ने उन दोनों को भी पिटाई की। बड़ी मां जैनब मरणासन्न अवस्था में चली गईं। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इकरार अली के हाथ की हड्डी व पत्नी के सिर में चोट आई थी। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना के आधार पर अदालत में चार्जशीट दायर की। इसी मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) इंद्रजीत सिंह ने दोनों आरोपियों चांदबाबू उर्फ चंदू व लालमियां को दोषी करार दिया। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को जिला जेल भेज दिया गया।
इस तरह सुनाई सजा
अदालत ने दोनों भाइयों को घर में घुसकर मारपीट करने पर पांच-पांच वर्ष की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। मारपीट में एक-एक वर्ष कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। गंभीर चोट पहुंचाने पर पांच-पांच वर्ष कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, सिर में गंभीर चोट पहुंचाने पर पांच-पांच वर्ष की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, जान से मारने की धमकी पर तीन-तीन वर्ष की कैद व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना, गैर इरादतन हत्या में सात-सात साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि सभी सजा एक साथ चलेंगी। गिरफ्तारी के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित किया जाएगा।
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मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के सैयदपुर-सकरी में 11 वर्ष पहले हुई घटना का है। शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ल ने बताया कि सैय्यदपुर सकरी निवासी इकरार अली ने मियांगंज निवासी मुख्तार के दो पुत्र चांदबाबू उर्फ चंदू व लालमियां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक दोनों भाई चांदबाबू और लालमियां सैयदपुर-सकरी में मकान के पीछे प्रतिबंधित मवेशियों का मांस बेचते थे। उन्होंने इसका विरोध किया था। तो खुन्नस खाकर 23 अक्टूबर 2012 की रात दोनों भाई मकान की दीवार फांदकर अंदर घुस आए और लाठी-डंडों, छुरे से हमला कर दिया। इकरार अली के मुताबिक उन्हें मार खाते देखकर पत्नी हूरबानो व बड़ी मां जैनब बचाने आईं। दोनों आरोपियों ने उन दोनों को भी पिटाई की। बड़ी मां जैनब मरणासन्न अवस्था में चली गईं। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इकरार अली के हाथ की हड्डी व पत्नी के सिर में चोट आई थी। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना के आधार पर अदालत में चार्जशीट दायर की। इसी मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) इंद्रजीत सिंह ने दोनों आरोपियों चांदबाबू उर्फ चंदू व लालमियां को दोषी करार दिया। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को जिला जेल भेज दिया गया।
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इस तरह सुनाई सजा
अदालत ने दोनों भाइयों को घर में घुसकर मारपीट करने पर पांच-पांच वर्ष की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। मारपीट में एक-एक वर्ष कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। गंभीर चोट पहुंचाने पर पांच-पांच वर्ष कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, सिर में गंभीर चोट पहुंचाने पर पांच-पांच वर्ष की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, जान से मारने की धमकी पर तीन-तीन वर्ष की कैद व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना, गैर इरादतन हत्या में सात-सात साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि सभी सजा एक साथ चलेंगी। गिरफ्तारी के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित किया जाएगा।
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