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Kannauj News: गर्मी में सिमटा संगम, गंगा पैदल पार कर रहे लोग
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कन्नौज। भीषण गर्मी का असर अब नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। महादेवी घाट पर इन दिनों गंगा और काली नदी का संगम टूटता नजर आ रहा है। जल की धारा सिमटने से काली नदी लोग बिना नाव के ही पैदल पार कर गंगा तक पहुंच रहे हैं।
बताया गया कि पहले जहां श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को गंगा तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था। वहां पर अब कम पानी होने से लोग सीधे पैदल निकल जा रहे हैं। इससे घाट पर नाव चालकों का कामकाज प्रभावित हो गया है। दिनभर यात्रियों के इंतजार में नाव किनारे खड़ी रहती हैं। नाविक उमेश का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ जलस्तर लगातार घट रहा है। पहले रोजाना अच्छी कमाई हो जाती थी पर अब मुश्किल से खर्च निकल पा रहा है। घाट पर आने वाले लोग भी संगम की बदली तस्वीर देखकर हैरानी जता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी में जलस्तर घटता है, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर दिखाई दे रही है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।
धारा सिमटी तो थम गई नावों की रफ्तार
महादेवी घाट पर घटते जलस्तर ने नाव चालकों की चिंता बढ़ा दी है। काली नदी की धारा कम होने से लोग पैदल ही गंगा तक पहुंच रहे हैं। इससे घाट पर नावों की आवाजाही लगभग थम गई है। नाविकों का कहना है कि सुबह से शाम तक सवारी का इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
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रेत के टापू बनने लगे, बदल गई संगम की तस्वीर
महादेवी घाट पर जलस्तर घटने से नदी के बीच रेत के टापू उभर आए हैं। जहां पहले दूर तक पानी दिखाई देता था, वहां अब लोग पैदल चलते नजर आ रहे हैं। संगम क्षेत्र की बदली तस्वीर लोगों को हैरान कर रही है। घाट पर रहने वाले संत शिव नरेश का कहना है कि इससे पहले इतनी जल्दी धारा सिमटने का असर कम ही देखने को मिलता था।
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बताया गया कि पहले जहां श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को गंगा तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था। वहां पर अब कम पानी होने से लोग सीधे पैदल निकल जा रहे हैं। इससे घाट पर नाव चालकों का कामकाज प्रभावित हो गया है। दिनभर यात्रियों के इंतजार में नाव किनारे खड़ी रहती हैं। नाविक उमेश का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ जलस्तर लगातार घट रहा है। पहले रोजाना अच्छी कमाई हो जाती थी पर अब मुश्किल से खर्च निकल पा रहा है। घाट पर आने वाले लोग भी संगम की बदली तस्वीर देखकर हैरानी जता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी में जलस्तर घटता है, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर दिखाई दे रही है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।
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धारा सिमटी तो थम गई नावों की रफ्तार
महादेवी घाट पर घटते जलस्तर ने नाव चालकों की चिंता बढ़ा दी है। काली नदी की धारा कम होने से लोग पैदल ही गंगा तक पहुंच रहे हैं। इससे घाट पर नावों की आवाजाही लगभग थम गई है। नाविकों का कहना है कि सुबह से शाम तक सवारी का इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
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रेत के टापू बनने लगे, बदल गई संगम की तस्वीर
महादेवी घाट पर जलस्तर घटने से नदी के बीच रेत के टापू उभर आए हैं। जहां पहले दूर तक पानी दिखाई देता था, वहां अब लोग पैदल चलते नजर आ रहे हैं। संगम क्षेत्र की बदली तस्वीर लोगों को हैरान कर रही है। घाट पर रहने वाले संत शिव नरेश का कहना है कि इससे पहले इतनी जल्दी धारा सिमटने का असर कम ही देखने को मिलता था।