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सड़क निर्माण में बाधक 22 किसानों की भूमि

Sun, 03 Jan 2016 12:06 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज Updated Sun, 03 Jan 2016 12:06 AM IST
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Road construction barrier 22 farmers' land
काली नदी पर इंदुइयागंज घाट पुल के दक्षिणी छोर पर अधूरी पड़ी सड़क के
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निर्माण में 22 किसानों की जमीन, खेत और कच्चे मकान बाधक बने हैं। इन्हें 28 लाख 32 हजार रुपये का मुआवजा देने का प्रस्ताव शासन स्तर पर वर्ष 15 में भेजा गया था, जो छह माह बीतने के बाद भी लंबित हैं।

किसानों का कहना है कि मुआवजा मिलने के बाद ही सड़क बन पाएगी। ज्ञात हो कि कुल 400 मीटर लंबी सड़क बननी है। भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रस्ताव करीब सवा साल पहले शासन को भेजा गया था, पर अभी तक बजट नहीं मिल पाया है। इस वजह से रोड की लागत भी 92 लाख रुपये से बढ़कर एक करोड़ 42 लाख रुपये हो चुकी है।

इस लागत में और इजाफा होने के आसार हैं। उधर, क्षेत्रवासियों का कहना है कि गंगा व काली नदी के बीच में बसे लोगों को मुख्यालय से जोड़ने के लिए जनप्रतिनिधि आगे आएं तो दूर हो इंदुइयागंज पुल निर्माण की बाधा दूर हो सकती है। ज्ञात हो कि काली व गंगा नदी के बीच में कटरी क्षेत्र में आबाद दर्जनभर से ज्यादा गांव इस पुल से जुड़ते हैं।

मौजूदा समय में इन गांवों के करीब तीन सैकड़ा बच्चे रोजाना काली नदी पार करके स्कूल पढ़ने के लिए आते-जाते हैं, क्योंकि गांव के अंदर प्राइमरी व जूनियर स्कूल रामभरोसे हैं। ऐसे में शिक्षा ग्रहण करने के लिए जान जोखिम में डालना मजबूरी है।

भविष्य संवारने के लिए यह खतरा उठाकर अभिभावक अपने बच्चों को नाव के जरिए नदी पार करके स्कूल पढ़ने जाने के लिए भेजते हैं। नदी पार के गांव बड़ौरा के जगदंबा द्विवेदी कहते हैं कि कक्षा पांच पास करने के बाद आगे की पढ़ाई करने के लिए छात्र-छात्राओं को कमालगंज व गुरसहायगंज कस्बों में जाना पड़ता है।

इन दोनों कस्बों की दूरी दूसरे पुलों से होकर जाने में करीब 20 से 25 किमी पड़ती है, इसलिए नदी से सीधे रास्ते से जाने के लिए लोग नाव पर बैठकर नदी पार करते हैं। मोहनपुर निवासी वेद प्रकाश शाक्य का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही की वजह से डेढ़ साल बीतने के बाद भी सड़क बनकर तैयार नहीं हो सकी है।

ऐसी हालत में चार पहिया वाहनों को आवागमन करने के लिए सिंहपुर व अन्य पुलों से होकर गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। पूर्व प्रधान रामकुमार यादव और गुटैयाखेड़ा निवासी विजय बहादुर का कहना है कि पुल के दूसरी तरफ रोड न बनने से पूरे कटरी क्षेत्र के ग्रामीण परेशान हैं। इस समस्या के लिए नेता व अफसर दोनों जिम्मेदार हैं।

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