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रिमझिम बारिश और सर्द हवा से ठिठुरे लोग
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रिमझिम बारिश होने पर छाता लगाकर जाता छात्र।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। मौसम में बदलाव ने गुरुवार को सर्दी बढ़ा दी। सुबह 10 बजे के बाद तेज हवाएं चलने लगीं। इससे ठिठुरन बढ़ गई। दोपहर डेढ़ बजे के करीब रिमझिम बारिश से सर्दी और बढ़ गई। सर्दी का मिजाज देखकर लोग अपने को गर्म कपड़ों से ढककर निकले। सुबह से धूप नहीं निकली। सर्दी बढ़ने के साथ ही गर्म कपड़ों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ होने लगी। उधर, बारिश ने आलू किसानों की धड़कन तेज कर दी है। हालांकि सर्दी बढ़ने से गेहूं की फसल को लाभ होगा। मौसम विभाग ने 13 और 14 दिसंबर को सर्दी और बारिश की आशंका जताई है।
दिसंबर माह की सर्दी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से मौसम बदरीला हो गया। दोपहर बाद हुई रिमझिम बारिश ने सर्दी बढ़ा दी। गुरुवार को अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 21 पर आ गया। न्यूनतम 10.6 दर्ज किया गया। सर्दी बढ़ने के साथ ही लोगों ने अपने को सुरक्षित रखने के लिए गर्म कपड़ों की खरीदारी शुरू कर दी। दोपहिया वाहनों से चलने वाले अधिकतर लोग मफलर, जैकेट व अन्य कपड़े पहनकर निकले। सुबह से धूप न निकलने का भी काफी असर रहा। जानकारों का कहना है कि ऐसा ही मौसम तीन से चार दिनों तक रहेगा। सुबह के समय कोहरा पड़ने की उम्मीद है।
जिला कृषि अधिकारी राम मिलन सिंह परिहार ने बताया कि रिमझिम बारिश हुई है। फसलों में किसी तरह नुकसान नहीं है। यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। सर्दी बढ़ने से उत्पादन अच्छा निकलेगा।
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जिला अस्पताल आएं तो अपना कंबल साथ लाएं
कन्नौज। जिला अस्पताल में किसी तरह के रोग का इलाज कराने के लिए यदि भर्ती हो रहे हैं, तो अपना कंबल लेकर पहुंचें। यहां हर मरीज को कंबल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। अधिकतर तीमारदार अपना कंबल लेकर आ रहे हैं। अस्पताल से मुहैया कराया जाने वाला कंबल पतला होने से इससे सर्दी नहीं बच पाती है। इससे अधिकतर लोग कंबल को बेड पर बिछाने व घर से लाने वाले कंबल को ओढ़ने में प्रयोग करते हैं।
अलाव जलाकर दूर की सर्दी
छिबरामऊ। दिसंबर के महीने में पहली बार कड़क सर्दी में सूर्य भगवान ने दर्शन नहीं दिए। दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। जगह-जगह लोग अलाव के सहारे बैठे दिखे। गुरुवार को सुबह से ही आसमान में बादल छा गए। हर कोई बरसात का अंदेशा जता रहा था। लोगों ने जगह-जगह अलाव जलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश की। ज्यादातर लोग घरों में दुबके नजर आए। दिसंबर के महीने में गुरुवार का दिन सबसे ज्यादा ठंडा रहा। सर्द हवाओं ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दीं। सर्दी का असर स्कूलों में भी देखा गया। स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों की संख्या में गिरावट आई है।
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दिसंबर माह की सर्दी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से मौसम बदरीला हो गया। दोपहर बाद हुई रिमझिम बारिश ने सर्दी बढ़ा दी। गुरुवार को अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 21 पर आ गया। न्यूनतम 10.6 दर्ज किया गया। सर्दी बढ़ने के साथ ही लोगों ने अपने को सुरक्षित रखने के लिए गर्म कपड़ों की खरीदारी शुरू कर दी। दोपहिया वाहनों से चलने वाले अधिकतर लोग मफलर, जैकेट व अन्य कपड़े पहनकर निकले। सुबह से धूप न निकलने का भी काफी असर रहा। जानकारों का कहना है कि ऐसा ही मौसम तीन से चार दिनों तक रहेगा। सुबह के समय कोहरा पड़ने की उम्मीद है।
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जिला कृषि अधिकारी राम मिलन सिंह परिहार ने बताया कि रिमझिम बारिश हुई है। फसलों में किसी तरह नुकसान नहीं है। यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। सर्दी बढ़ने से उत्पादन अच्छा निकलेगा।
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जिला अस्पताल आएं तो अपना कंबल साथ लाएं
कन्नौज। जिला अस्पताल में किसी तरह के रोग का इलाज कराने के लिए यदि भर्ती हो रहे हैं, तो अपना कंबल लेकर पहुंचें। यहां हर मरीज को कंबल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। अधिकतर तीमारदार अपना कंबल लेकर आ रहे हैं। अस्पताल से मुहैया कराया जाने वाला कंबल पतला होने से इससे सर्दी नहीं बच पाती है। इससे अधिकतर लोग कंबल को बेड पर बिछाने व घर से लाने वाले कंबल को ओढ़ने में प्रयोग करते हैं।
अलाव जलाकर दूर की सर्दी
छिबरामऊ। दिसंबर के महीने में पहली बार कड़क सर्दी में सूर्य भगवान ने दर्शन नहीं दिए। दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। जगह-जगह लोग अलाव के सहारे बैठे दिखे। गुरुवार को सुबह से ही आसमान में बादल छा गए। हर कोई बरसात का अंदेशा जता रहा था। लोगों ने जगह-जगह अलाव जलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश की। ज्यादातर लोग घरों में दुबके नजर आए। दिसंबर के महीने में गुरुवार का दिन सबसे ज्यादा ठंडा रहा। सर्द हवाओं ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दीं। सर्दी का असर स्कूलों में भी देखा गया। स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों की संख्या में गिरावट आई है।