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‘लाल बम’ के ढेर पर 10 लाख की आबादी
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Tue, 17 Jan 2017 10:38 PM IST
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उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनती जिले की निरीक्षक टीम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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‘लाल बम’ के ढेर पर लगभग दस लाख की आबादी बैठी है। सालों से इंडेन गैस मालिक की शह पर अवैध कारोबार फल फूल रहा है। जिसकी शिकायत मिलने पर डीएसओ की टीम ने मंगलवार को एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान गैस बिक्री के कई अवैध प्वाइंट पकड़े गए हैं। कुछ प्वाइंटों पर टीम को रिफलिंग की जानकारी भी मिली है। बिना लाइसेंस चल रहे इस गोरखधंधे पर छापेमारी से विभाग के हाथ बड़ी सफलता मिली है। डीएसओ ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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जिला पूर्ति अधिकारी संतोष सिंह के निर्देश पर कन्नौज पूर्ति निरीक्षक चक्रपाणि मिश्रा, छिबरामऊ पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार, तिर्वा पूर्ति निरीक्षक जावेद अख्तर खान, पूर्ति लिपिक राकेश वर्मा ने मंगलवार को पूरे जिले में छापामारी अभियान चलाया। मोहल्ला नखासा में दिलीप कुमार मिश्रा कई वर्षों से बस्ती के बीच अवैध रूप से सिलेंडरों का वितरण कर रहे थे। जांच टीम ने जब लाइसेंस दिखाने को कहा तो उन्होंने लाइसेंस न होने की बात कही। बताया कि वह कन्नौज गैस सर्विस में पैसा जमा कर देते हैं और वहीं से सिलेंडर उठा कर लोगाें को बेचते हैं। बताया कि 600 से 700 रुपये प्रति सिलेंडर बेचते हैं। इस पर पूर्ति विभाग ने उनके बयान दर्ज कर सिलेंडर बिक्री पर रोक के निर्देश दिए।
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वहीं, राजश्री टाकीज पर सिलेंडरों की बिक्री कर रहे सेल्समैन मोहित के पास रखे तीनों सिलेंडरों में दो-दो किलो गैस कम पाई गई। उसने बताया कि वह एजेंसी में पैसा जमा करता है और वहीं से उसे सिलेंडर दे दिए जाते हैं। उसके पास लाइसेंस नहीं है। बताया कि गैस प्वाइंट किसी रूपलाल के नाम से है लेकिन वह यहां दिहाड़ी मजदूरी पर सिलेंडर बिक्री करता है। तलैया चौकी का गैस प्वाइंट भी पूर्ति निरीक्षक को अवैध मिला। इस पर गैस प्वाइंट चला रहे आनंद मिश्रा ने बताया कि वह दिन भर में 34 से 40 सिलेंडरों की बिक्री कर देते हैं। बताते हैं कि इसके लिए उन्होंने गैस एजेंसी में तीन से चार लाख रुपये जमा किए हैं। तब जाकर उन्हें यहां सिलेंडर बिक्री का काम मिल रहा है। वहीं मौके से पूर्ति विभाग ने कई संदिग्ध कागजात जब्त कर लिए हैं। जिन पर बिंदुवार जांच शुरू कर दी गई है। पूर्ति निरीक्षक चक्रपाणि मिश्रा ने बताया कि उन्होंने बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट डीएसओ को सौंप दी है।
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कोट
जांच के दौरान सभी गैस प्वाइंट बस्तियों के बीच में पाए गए जो पूरी तरह मानकों के विपरीत हैं। आम जनमानस के लिए असुरक्षित हैं। जांच में कई दस्तावेज भी पकड़े गए हैं। जिनकी जांच में बाकी की टीम लगी हुई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।