{"_id":"5f9da3708ebc3e74f325d6d1","slug":"raavan-dahan-hote-hee-goonja-jay-shreeraam-jay-shreeraam-kannauj-news-knp5916915185","type":"story","status":"publish","title_hn":"रावण दहन होते ही गूंजा जय श्रीराम,जय श्रीराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रावण दहन होते ही गूंजा जय श्रीराम,जय श्रीराम
विज्ञापन
ग्वाल मैदान स्थित रामलीला मैदान में खड़ा रावण का पुतला।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। शहर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में शनिवार को राम-रावण की सेनाओं के बीच युद्ध हुआ। राम के धनुष से निकले तीर से रावण धू-धू कर जल उठा। इस पर पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार मेले का आयोजन नहीं किया गया।
बाहर से आए कलाकारों ने सबसे पहले रामेश्वर स्थापना, अंगद -रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण और मेघनाथ वध का मंचन किया। मेघनाथ के लक्ष्मण को मूर्छित कर दिए जाने से श्रीराम की सेना में शोक की लहर दौड़ पड़ती है। बाद में हनुमान संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण को नया जीवन प्रदान करते हैं। इसके बाद भयंकर युद्ध शुरू होता है। कुंभकरण और मेघनाथ के मारे जाने के बाद राम-रावण के बीच युद्ध होता है। राम के रावण का वध करते ही पुतला आतिशबाजी के बीच धू-धू कर जल उठता है। श्रीरामलीला के सकुशल संपन्न होने पर संयोजक सौरभ मिश्रा ने सभी का आभार प्रकट किया। पुलिसकर्मी सुबह से दुकानदारों को भगाते रहे। राम-रावण युद्ध देखने के लिए उमड़ी भीड़ से सामाजिक दूरी का ख्याल नहीं रखा जा सका।
शरद पूर्णिमा को जलाया जाता है रावण
कन्नौज में शरद पूर्णिमा को रावण दहन किया जाता है। आचार्य विवेक तिवारी ने बताया कि भगवान श्रीराम व रावण के बीच काफी लंबा युद्ध हुआ था। दशहरा वाले दिन प्रभु श्रीराम ने रावण के नाभि में वाण मारा था तो वह धराशायी होकर जमीन पर गिर पड़ा था। प्राण नहीं त्यागे थे। शरद पूर्णिमा वाले दिन शरीर से प्राण निकले थे। इस वजह से कन्नौज में शरद पूर्णिमा वाले दिन रावण का दहन किया जाता है।
विज्ञापन
इस बार नहीं लगेगा मेला
प्रशासन की देखरेख में जसपुरापुर सरैया पुरसा ग्रामसभा में रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला 27 अक्तूबर से चार नवंबर तक चलेगी । कोरोना के चलते कमेटी ने मास्क व सैनिटाइजर की विशेष व्यवस्था की है। कमेटी के अध्यक्ष राज ठाकुर ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी रावण दहन होगा। कोरोना के चलते मेला का आयोजन नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
बाहर से आए कलाकारों ने सबसे पहले रामेश्वर स्थापना, अंगद -रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण और मेघनाथ वध का मंचन किया। मेघनाथ के लक्ष्मण को मूर्छित कर दिए जाने से श्रीराम की सेना में शोक की लहर दौड़ पड़ती है। बाद में हनुमान संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण को नया जीवन प्रदान करते हैं। इसके बाद भयंकर युद्ध शुरू होता है। कुंभकरण और मेघनाथ के मारे जाने के बाद राम-रावण के बीच युद्ध होता है। राम के रावण का वध करते ही पुतला आतिशबाजी के बीच धू-धू कर जल उठता है। श्रीरामलीला के सकुशल संपन्न होने पर संयोजक सौरभ मिश्रा ने सभी का आभार प्रकट किया। पुलिसकर्मी सुबह से दुकानदारों को भगाते रहे। राम-रावण युद्ध देखने के लिए उमड़ी भीड़ से सामाजिक दूरी का ख्याल नहीं रखा जा सका।
विज्ञापन
शरद पूर्णिमा को जलाया जाता है रावण
कन्नौज में शरद पूर्णिमा को रावण दहन किया जाता है। आचार्य विवेक तिवारी ने बताया कि भगवान श्रीराम व रावण के बीच काफी लंबा युद्ध हुआ था। दशहरा वाले दिन प्रभु श्रीराम ने रावण के नाभि में वाण मारा था तो वह धराशायी होकर जमीन पर गिर पड़ा था। प्राण नहीं त्यागे थे। शरद पूर्णिमा वाले दिन शरीर से प्राण निकले थे। इस वजह से कन्नौज में शरद पूर्णिमा वाले दिन रावण का दहन किया जाता है।
विज्ञापन
इस बार नहीं लगेगा मेला
प्रशासन की देखरेख में जसपुरापुर सरैया पुरसा ग्रामसभा में रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला 27 अक्तूबर से चार नवंबर तक चलेगी । कोरोना के चलते कमेटी ने मास्क व सैनिटाइजर की विशेष व्यवस्था की है। कमेटी के अध्यक्ष राज ठाकुर ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी रावण दहन होगा। कोरोना के चलते मेला का आयोजन नहीं किया जाएगा।