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जान जोखिम में डाल पहुंची बहनें
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 13 Nov 2015 11:57 PM IST
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भाई-बहन के अटूट प्रेम की बानगी का नजारा उस समय
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देखने को मिला जब उमर्दा के अस्थाई पुल से एक सैकड़ा से अधिक महिलाएं व
पुरुष एक साथ गुजर रहे थे। यह नजारा पूरे दिन लोगों को देखने को मिला। इसके
अलावा प्राइवेट बसों व मैजिकों पर महिलाओं ने लटककर भी यात्रा की।
ज्ञात हो कि कि उमर्दा में करीब 11 माह पहले बना हुआ पुल ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद सांसद डिंपल यादव ने संज्ञान लेकर तत्काल पुल निर्माण की स्वीकृति दिलवाई। पुल निर्माण का कार्य सेतु निगम को सौंपा गया। कार्य की रफ्तार धीमे होने के चलते पुल का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका।
क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए सेतु निगम ने अस्थाई पुल का निर्माण कराया है। जिस पर लोग पैदल निकलकर गंतव्य तक पहुंचते हैं। यह पुल लकड़ी का बना हुआ है। अधिक भार से इसके ढह जाने का खतरा बना है। कुछ माह पहले एक बाइक चालक की अस्थाई पुल से गिरने डूबकर मौत हो चुकी है।
शुक्रवार को भइया दूज का पर्व होने के कारण सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पुल क्रास करने के लिए पहुंची। अस्थाई पुल के उस पार पहुंचने की महिलाओं के बीच मारामारी रही। आलम यह था कि पुल पर एक साथ सैकड़ों की संख्या में लोग गुजर रहे थे। प्रशासन की ओर से किसी भी पुलिस कर्मी की भी ड्यूटी नहीं लगाई गई, जो कि रोकटोक सके।
ज्ञात हो कि कि उमर्दा में करीब 11 माह पहले बना हुआ पुल ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद सांसद डिंपल यादव ने संज्ञान लेकर तत्काल पुल निर्माण की स्वीकृति दिलवाई। पुल निर्माण का कार्य सेतु निगम को सौंपा गया। कार्य की रफ्तार धीमे होने के चलते पुल का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका।
क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए सेतु निगम ने अस्थाई पुल का निर्माण कराया है। जिस पर लोग पैदल निकलकर गंतव्य तक पहुंचते हैं। यह पुल लकड़ी का बना हुआ है। अधिक भार से इसके ढह जाने का खतरा बना है। कुछ माह पहले एक बाइक चालक की अस्थाई पुल से गिरने डूबकर मौत हो चुकी है।
शुक्रवार को भइया दूज का पर्व होने के कारण सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पुल क्रास करने के लिए पहुंची। अस्थाई पुल के उस पार पहुंचने की महिलाओं के बीच मारामारी रही। आलम यह था कि पुल पर एक साथ सैकड़ों की संख्या में लोग गुजर रहे थे। प्रशासन की ओर से किसी भी पुलिस कर्मी की भी ड्यूटी नहीं लगाई गई, जो कि रोकटोक सके।