{"_id":"ff5705d7819cf9273c16182b4aee36ad","slug":"problems-are-not-solved-by-the-kiln-owner-angry-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समस्याएं हल न होने से भट्ठा मालिक खफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समस्याएं हल न होने से भट्ठा मालिक खफा
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 14 Nov 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समस्याएं हल नहीं होने से ईंट-भट्ठा मालिकों में रोष
विज्ञापन
व्याप्त है। पूर्वी बाईपास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई ईंट निर्माता समिति की
बैठक में तय किया गया कि सोमवार को सुबह 10 बजे समिति का प्रतिनिधि मंडल
डीएम से मिलकर समस्याएं हल करने की मांग करेगा।
ज्ञात हो कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए पर्यावरण लाइसेंस के मुद्दे पर जनपद के समस्त ईंट भट्टा मालिक चार माह से हड़ताल पर हैं। इसके कारण नई ईंटों की पथाई और पकाई बंद चल रही है। स्टाक में जमा ईंट कम होते जाने के साथ ही रेट बढ़ते जा रहे हैं। इसके कारण विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ती जा रही है।
उपाध्यक्ष सतीश चतुर्वेदी ने कहा कि पर्यावरण लाइसेंस को लेकर सभी भट्ठा मालिकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि इस बारे में न तो कोई दिशा-निर्देश जारी किए गए और न ही कोई जानकारी दी गई। उपाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह ने कहा कि जिला पंचायत में ईंट भट्ठों की न तो रायल्टी जमा की जा रही और न ही नवीनीकरण हो रहा है।
ईंटों के लिए मिट्टी खनन की नीति भी स्पष्ट नहीं है। महामंत्री ज्ञानचंद्र ने कहा कि सोमवार को सुबह 10 बजे समिति का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिलकर समस्याएं हल करने की मांग करेगा। बैठक में संरक्षक वंशीधर, रामनरेश दुबे, पप्पी तिवारी, विमल गुप्ता, प्रदीप कटियार, पप्पू यादव, नसीम, राजीव गुप्ता, विजेंद्र सिंह यादव आदि मौजूद थे।
ज्ञात हो कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए पर्यावरण लाइसेंस के मुद्दे पर जनपद के समस्त ईंट भट्टा मालिक चार माह से हड़ताल पर हैं। इसके कारण नई ईंटों की पथाई और पकाई बंद चल रही है। स्टाक में जमा ईंट कम होते जाने के साथ ही रेट बढ़ते जा रहे हैं। इसके कारण विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ती जा रही है।
उपाध्यक्ष सतीश चतुर्वेदी ने कहा कि पर्यावरण लाइसेंस को लेकर सभी भट्ठा मालिकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि इस बारे में न तो कोई दिशा-निर्देश जारी किए गए और न ही कोई जानकारी दी गई। उपाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह ने कहा कि जिला पंचायत में ईंट भट्ठों की न तो रायल्टी जमा की जा रही और न ही नवीनीकरण हो रहा है।
ईंटों के लिए मिट्टी खनन की नीति भी स्पष्ट नहीं है। महामंत्री ज्ञानचंद्र ने कहा कि सोमवार को सुबह 10 बजे समिति का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिलकर समस्याएं हल करने की मांग करेगा। बैठक में संरक्षक वंशीधर, रामनरेश दुबे, पप्पी तिवारी, विमल गुप्ता, प्रदीप कटियार, पप्पू यादव, नसीम, राजीव गुप्ता, विजेंद्र सिंह यादव आदि मौजूद थे।