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प्रधानमंत्री की पशु क्र्तेडिट कार्ड योजना अधर में
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तालग्राम। प्रधानमंत्री की पशु क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ पशुपालकों को नहीं मिल पा रहा है। शाखा प्रबंधकों की लापरवाही से फाइलें बैंक में तीन माह से डंप हैं। इससे आवेदक इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने पशु क्रेडिट कार्ड योजना शुरू कराई थी। इसके तहत पशुपालकों को बिना गारंटी कम ब्याज दर पर एक लाख 60 हजार रुपये का ऋण देकर स्वावलंबी बनाया जाना है। अधिकारियों की उदासीनता के चलते विकास खंड तालग्राम के पशुपालक इस लाभ से वंचित हैं।
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इनसेट
कम ब्याज पर ऋण का प्रावधान
किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर इस योजना में भी कम ब्याज परऋण का प्रावधान है। इसमें बिना गारंटी के एक लाख 60 हजार रुपये का पशु क्रेड़िट कार्ड बनेगा। इससे अधिक तीन लाख 40 हजार पर पशुपालक को जमीन की खसरा खतौनी देने होगी। जिसे केवल सबूत के तौर पर पेश करना होगा। एक गाय पर 40 हजार और भैंस पर 60 हजार रुपये मिलेंगे।
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किस्तियापुर के किसान वीरेंद्र कुमार ने बताया पशु क्रेडिट कार्ड के लिए तीन माह से आवेदन पत्र जमा है। तब से आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखा ताहपुर और पशु अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है।
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सलेमपुर के प्रदीप कुमार का कहना है कि पशुपालन विभाग ने इस योजना के लिए ब्लॉक तालग्राम के गांव-गांव में कैंप लगा कर आवेदन पत्र जमा कराए थे। विभाग ने इसका सत्यापन कर संबंधित बैंक शाखा को भी भेज दिया, लेकिन शाखा प्रबंधक हीलाहवाली कर रहे हैं।
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किस्तियापुर के शिवपाल सिंह ने बताया कि सरकार ने पशुपालकों की सुविधा के लिए योजना की घोषणा तो कर दी। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वह 15 दिनों से पशु क्रेड़िट कार्ड के लिए दौड़ रहे हैं।
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ब्लॉक में 988 पशुपालकों को इस योजना का लाभ मिलना है। उनके आवेदन पत्रों को बैंक शाखाओं में जमा करा दिए गए हैं। शाखा प्रबंधक पशु क्रेडिट कार्ड बना नहीं रहे हैं। इससे पशुपालक योजना से वंचित हो रहे हैं।
-डॉ. विकराल सिंह, पशु चिकित्साधिकारी।
उच्च अधिकारियों का आदेश नहीं मिला है। अगर आदेश मिलता है तो अक्तूबर में जांच के बाद पशु क्रेडिट कार्ड बनाएं जाएंगे। इससे पहले संभव नहीं है। बैंक शाखा में काम अधिक है और कर्मचारी कम हैं।
-पीके गुप्ता, शाखा प्रबंधक, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक, ताहपुर।
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पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने पशु क्रेडिट कार्ड योजना शुरू कराई थी। इसके तहत पशुपालकों को बिना गारंटी कम ब्याज दर पर एक लाख 60 हजार रुपये का ऋण देकर स्वावलंबी बनाया जाना है। अधिकारियों की उदासीनता के चलते विकास खंड तालग्राम के पशुपालक इस लाभ से वंचित हैं।
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कम ब्याज पर ऋण का प्रावधान
किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर इस योजना में भी कम ब्याज परऋण का प्रावधान है। इसमें बिना गारंटी के एक लाख 60 हजार रुपये का पशु क्रेड़िट कार्ड बनेगा। इससे अधिक तीन लाख 40 हजार पर पशुपालक को जमीन की खसरा खतौनी देने होगी। जिसे केवल सबूत के तौर पर पेश करना होगा। एक गाय पर 40 हजार और भैंस पर 60 हजार रुपये मिलेंगे।
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किस्तियापुर के किसान वीरेंद्र कुमार ने बताया पशु क्रेडिट कार्ड के लिए तीन माह से आवेदन पत्र जमा है। तब से आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखा ताहपुर और पशु अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है।
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सलेमपुर के प्रदीप कुमार का कहना है कि पशुपालन विभाग ने इस योजना के लिए ब्लॉक तालग्राम के गांव-गांव में कैंप लगा कर आवेदन पत्र जमा कराए थे। विभाग ने इसका सत्यापन कर संबंधित बैंक शाखा को भी भेज दिया, लेकिन शाखा प्रबंधक हीलाहवाली कर रहे हैं।
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किस्तियापुर के शिवपाल सिंह ने बताया कि सरकार ने पशुपालकों की सुविधा के लिए योजना की घोषणा तो कर दी। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वह 15 दिनों से पशु क्रेड़िट कार्ड के लिए दौड़ रहे हैं।
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ब्लॉक में 988 पशुपालकों को इस योजना का लाभ मिलना है। उनके आवेदन पत्रों को बैंक शाखाओं में जमा करा दिए गए हैं। शाखा प्रबंधक पशु क्रेडिट कार्ड बना नहीं रहे हैं। इससे पशुपालक योजना से वंचित हो रहे हैं।
-डॉ. विकराल सिंह, पशु चिकित्साधिकारी।
उच्च अधिकारियों का आदेश नहीं मिला है। अगर आदेश मिलता है तो अक्तूबर में जांच के बाद पशु क्रेडिट कार्ड बनाएं जाएंगे। इससे पहले संभव नहीं है। बैंक शाखा में काम अधिक है और कर्मचारी कम हैं।
-पीके गुप्ता, शाखा प्रबंधक, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक, ताहपुर।
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