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कानपुर: ठंड के साथ बढ़ रहा प्रदूषण, फेफड़ों में जा रहे प्रदूषित कण
Fri, 27 Dec 2019 03:20 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, कानपुर
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 27 Dec 2019 03:20 PM IST
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दिन में छाया रहा घना कोहरा, गलन के साथ बढ़ी ठंड और प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदूषण में भी इजाफा हो रहा है। जैसे-जैसे धुंध और कोहरा गहरा रहा है, प्रदूषण के तत्व भी उसी मात्रा में वातावरण में बढ़ते जा रहे हैं। दरअसल धुंध और कोहरे की वजह से ये तत्व ऊपर न जाकर नीचे ही मंडरा रहे हैं और सांस के माध्यम से लोगों के फेफड़ों में जा रहे हैं।
कणों के वातावरण में मंडराने की वजह से ही एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) भी बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार शाम सात बजे एक्यूआई 379 पर पहुंच गया। वहीं सीपीसीबी की तरफ से जारी रिपोर्ट में शाम चार बजे कानपुर 373 एक्यूआई के साथ देशभर में सबसे ऊपर रहा। हालांकि बाद में कानपुर का एक्यूआई और बढ़ा लेकिन बाकी शहरों से नीचे रहा। मालूम हो एक्यूआई की सामान्य मात्रा 0 से 50 के बीच मानी जाती है।
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कणों के वातावरण में मंडराने की वजह से ही एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) भी बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार शाम सात बजे एक्यूआई 379 पर पहुंच गया। वहीं सीपीसीबी की तरफ से जारी रिपोर्ट में शाम चार बजे कानपुर 373 एक्यूआई के साथ देशभर में सबसे ऊपर रहा। हालांकि बाद में कानपुर का एक्यूआई और बढ़ा लेकिन बाकी शहरों से नीचे रहा। मालूम हो एक्यूआई की सामान्य मात्रा 0 से 50 के बीच मानी जाती है।
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केेंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार सुबह पांच बजे ही शहर का एक्यूआई 200 पहुंच गया था। जो हर घंटे बढ़ता गया। शाम छह बजे यह 308 था। इसके बाद एक घंटे में 71 प्वाइंट की बढ़त हुई। यह स्थिति अभी और भी खराब हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण में जिन तत्वों की अधिकता रही, उसमें धूल से ज्यादा धुएं के कण बताए जा रहे हैं। प्रदूषित कणों की क्षमता पीएम 2.5 होने की वजह से ये सांस के जरिए अंदर जाकर सीधे फेफड़ों पर असर डाल रहे हैं। चिकित्सकों ने इससे बचने के लिए शाम और सुबह मास्क लगाने की सलाह दी है।
सुबह से शाम इस तरह रहा एक्यूआई
पांच बजे..200, छह बजे..226, सात बजे..231, आठ बजे...219, 9 बजे 209, 10 बजे..229, 11 बजे 253, 12 बजे..225, 13 बजे..248, 14 बजे..238, 15 बजे..227, 16 बजे 223, 17 बजे..235, 18 बजे..308, 19 बजे.. 379
रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण में जिन तत्वों की अधिकता रही, उसमें धूल से ज्यादा धुएं के कण बताए जा रहे हैं। प्रदूषित कणों की क्षमता पीएम 2.5 होने की वजह से ये सांस के जरिए अंदर जाकर सीधे फेफड़ों पर असर डाल रहे हैं। चिकित्सकों ने इससे बचने के लिए शाम और सुबह मास्क लगाने की सलाह दी है।
सुबह से शाम इस तरह रहा एक्यूआई
पांच बजे..200, छह बजे..226, सात बजे..231, आठ बजे...219, 9 बजे 209, 10 बजे..229, 11 बजे 253, 12 बजे..225, 13 बजे..248, 14 बजे..238, 15 बजे..227, 16 बजे 223, 17 बजे..235, 18 बजे..308, 19 बजे.. 379