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Kannauj News: पुलिस ने फायरिंग करने वाले युवक को तमंचे के साथ दबोचा
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कन्नौज। पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। 27 मार्च को पाल चौराहा के निकट एक गांव में पुलिस ने फायरिंग करने वाले युवक को अवैध तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था।
वहीं परिजन ने पुलिस पर युवक को हिरासत में लेने, पैसे मांगने और फिर पैसे न मिलने पर आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेजने का आरोप लगाया है। युवक के परिजन ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एडीजी से शिकायत की है। सदर कोतवाली के पाल चौराहा चौकी क्षेत्र के शरीफापुर गांव निवासी चमन के पिता निजामुद्दीन ने बताया कि 27 मार्च को पड़ोसी से विवाद हो गया था। 27 मार्च को चमन पाल चौराहे के पास एक होटल में खाना खा रहा था तभी चौकी इंचार्ज एक सिपाही के साथ वहां पहुंचे और उसे हिरासत में ले लिया।
यह पूरी घटना होटल के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। चमन के माता-पिता जब उसे छुड़ाने चौकी पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उसे छोड़ने के बदले में मोटी रकम की मांग की। परिजन ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए पूरी रकम देने में असमर्थता जताई। पिता निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे को जानलेवा हमले के आरोप में फंसाने की धमकी दी और पैसे का इंतजाम करने के लिए कहा।
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अगले दिन परिजन ने आधी रकम का इंतजाम कर पुलिस को दे दिया लेकिन चमन को रिहा नहीं किया गया। पुलिस ने उस पर तमंचा रखने का आरोप लगाकर आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेज दिया।
पिता निजामुद्दीन ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में चमन को 27 मार्च की शाम 4:15 बजे होटल से पकड़ा गया था जबकि प्राथमिकी में उसकी गिरफ्तारी 28 मार्च की सुबह 5:40 बजे दर्ज की गई है। चमन के परिजन ने सोमवार को कानपुर पहुंचकर एडीजी आलोक सिंह से मुलाकात की। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच सीओ सिटी को दी गई है।
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वहीं परिजन ने पुलिस पर युवक को हिरासत में लेने, पैसे मांगने और फिर पैसे न मिलने पर आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेजने का आरोप लगाया है। युवक के परिजन ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एडीजी से शिकायत की है। सदर कोतवाली के पाल चौराहा चौकी क्षेत्र के शरीफापुर गांव निवासी चमन के पिता निजामुद्दीन ने बताया कि 27 मार्च को पड़ोसी से विवाद हो गया था। 27 मार्च को चमन पाल चौराहे के पास एक होटल में खाना खा रहा था तभी चौकी इंचार्ज एक सिपाही के साथ वहां पहुंचे और उसे हिरासत में ले लिया।
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यह पूरी घटना होटल के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। चमन के माता-पिता जब उसे छुड़ाने चौकी पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उसे छोड़ने के बदले में मोटी रकम की मांग की। परिजन ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए पूरी रकम देने में असमर्थता जताई। पिता निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे को जानलेवा हमले के आरोप में फंसाने की धमकी दी और पैसे का इंतजाम करने के लिए कहा।
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अगले दिन परिजन ने आधी रकम का इंतजाम कर पुलिस को दे दिया लेकिन चमन को रिहा नहीं किया गया। पुलिस ने उस पर तमंचा रखने का आरोप लगाकर आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेज दिया।
पिता निजामुद्दीन ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में चमन को 27 मार्च की शाम 4:15 बजे होटल से पकड़ा गया था जबकि प्राथमिकी में उसकी गिरफ्तारी 28 मार्च की सुबह 5:40 बजे दर्ज की गई है। चमन के परिजन ने सोमवार को कानपुर पहुंचकर एडीजी आलोक सिंह से मुलाकात की। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच सीओ सिटी को दी गई है।