{"_id":"69d7ea485d16fd0d490e8dec","slug":"people-are-suffering-due-to-the-current-of-smart-meters-kannauj-news-c-214-1-knj1008-147319-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: स्मार्ट मीटर के करंट से जनता बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: स्मार्ट मीटर के करंट से जनता बेहाल
विज्ञापन
कन्नौज। इत्रनगरी की गलियों में इन दिनों गुस्से का धुआं उठ रहा है। वजह है विद्युत निगम के नए नवेले स्मार्ट प्रीपेड मीटर। बिजली मीटर जो कल तक विकास की निशानी बताए जा रहे थे। आज वही उपभोक्ताओं के गले की फांस बन गए हैं। आलम यह है कि बिना किसी सूचना के अचानक बत्ती गुल हो रही है और जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर है।
उपभोक्ताओं का सीधा आरोप है कि बिना किसी मैसेज या चेतावनी के अचानक बिजली काट दी जाती है। घर में बच्चा पढ़ रहा हो या बुजुर्ग बीमार, विभाग की स्मार्ट तकनीक को परवाह नहीं। जैसे ही बैलेंस खत्म, वैसे ही अंधेरा। हैरानी की बात यह है कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के उन्हें प्रीपेड व्यवस्था में धकेल दिया गया है। लोगों का कहना है कि जबरन अग्रिम धनराशि जमा कराई जा रही है। पहले इस्तेमाल करें फिर भुगतान करें वाली व्यवस्था को बदलकर पहले पैसे दें फिर उजाला लें वाली नीति ने आम आदमी की जेब पर डाका डाल दिया है। बत्ती कटने के बाद जब परेशान उपभोक्ता शिकायत लेकर बिजली दफ्तर पहुंच रहे हैं, तो वहां भी उन्हें केवल आश्वासन की घुट्टी पिलाई जा रही है। अधिकारियों का मनमाना रवैया आग में घी डालने का काम कर रहा है। गुस्साए नागरिकों का कहना है कि यदि यह मनमानी न रुकी, तो आंदोलन और उग्र होगा।
फोटो: राखी देवी।
केस : एक
तीन महीने का बिल 61 हजार
तिर्वा क्षेत्र के बरुआहार गांव निवासी राखी देवी ने बताया कि वह अति निर्धन महिला हैं, उनके मकान में दो कमरे हैं। साधारण मीटर जब था, तब प्रतिमाह 250-300 रुपये बिल आता था। तीन महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा, तब से 16 से 22 हजार तक बिल आ रहा है, जो बढ़कर 61 हजार से अधिक हो गया है। वह गरीब महिला हैं, इतना भारी भरकम बिल जमा नहीं कर सकतीं।
विज्ञापन
फोटो: कलीम।
केस : दो
बिजली काटने से पहले नहीं दी गई सूचना
नगर के मोहल्ला कचहरीटोला निवासी कलीम ने बताया कि पत्नी साफिया के नाम से विद्युत कनेक्शन है। कुछ दिन पहले ही बिल जमा किया था, अचानक बिजली काट दी गई। जब दफ्तर आकर पता किया तो 455 रुपये माइनस में बताया और कहा कि 1000 रुपये जमा करो, तब बिजली चालू होगी। उन्होंने मीटर को जबरन प्रीपेड करने पर नाराजगी जताई।
फोटो: अरविंद।
केस : तीन
बिल जमा करने के 10 दिन बाद कट गई लाइट
कस्बा मानपुर निवासी अरविंद ने बताया कि उन्होंने 20 मार्च 2026 को शेष बिल भुगतान कर दिया था, इसके बाद बिना किसी जानकारी के एक अप्रैल को लाइट कट गई। तब से लाइट कटी हुई है, इससे काफी परेशानी हुई। उन्होंने पहले से चार गुना अधिक बिल आने की बात कही।
फोटो : पूजा रानी।
केस : चार
जब से स्मार्ट मीटर लगा बहुत अधिक आ रहा बिल
नगर के मोहल्ला मौसमपुर मौरारा निवासी पूजा रानी ने बताया कि काफी गरीब हैं, पति मजदूरी करते हैं। उनका साधारण मीटर सही काम कर रहा था। ठेकेदार ने बिना कोई जानकारी दिए स्मार्ट मीटर लगा दिया, जब से स्मार्ट मीटर लगा है, तब से बहुत ज्यादा बिल आने लगा है।
ग्रामीणों ने कंपनी की टीम को लौटा
गुरुवार को क्षेत्र के नजरापुर गांव में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे ठेकेदार व विद्युत कर्मियों को बैरंग लौटना पड़ा। स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया और भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया को फोन पर प्रकरण से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद टीम बिना स्मार्ट मीटर लगाए गांव से वापस आ गई।
वर्जन
स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था शासन का नीतिगत मामला है। जिले में 2.63 लाख उपभाेक्ता हैं, और अब तक 82 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। कोई भी मीटर अधिक रीडिंग नहीं दे रहा है। यह एक भ्रम फैलाया जा रहा है।
-मगन सिंह, अधिशासी अभियंता, बिजली निगम
विज्ञापन
उपभोक्ताओं का सीधा आरोप है कि बिना किसी मैसेज या चेतावनी के अचानक बिजली काट दी जाती है। घर में बच्चा पढ़ रहा हो या बुजुर्ग बीमार, विभाग की स्मार्ट तकनीक को परवाह नहीं। जैसे ही बैलेंस खत्म, वैसे ही अंधेरा। हैरानी की बात यह है कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के उन्हें प्रीपेड व्यवस्था में धकेल दिया गया है। लोगों का कहना है कि जबरन अग्रिम धनराशि जमा कराई जा रही है। पहले इस्तेमाल करें फिर भुगतान करें वाली व्यवस्था को बदलकर पहले पैसे दें फिर उजाला लें वाली नीति ने आम आदमी की जेब पर डाका डाल दिया है। बत्ती कटने के बाद जब परेशान उपभोक्ता शिकायत लेकर बिजली दफ्तर पहुंच रहे हैं, तो वहां भी उन्हें केवल आश्वासन की घुट्टी पिलाई जा रही है। अधिकारियों का मनमाना रवैया आग में घी डालने का काम कर रहा है। गुस्साए नागरिकों का कहना है कि यदि यह मनमानी न रुकी, तो आंदोलन और उग्र होगा।
विज्ञापन
फोटो: राखी देवी।
केस : एक
तीन महीने का बिल 61 हजार
तिर्वा क्षेत्र के बरुआहार गांव निवासी राखी देवी ने बताया कि वह अति निर्धन महिला हैं, उनके मकान में दो कमरे हैं। साधारण मीटर जब था, तब प्रतिमाह 250-300 रुपये बिल आता था। तीन महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा, तब से 16 से 22 हजार तक बिल आ रहा है, जो बढ़कर 61 हजार से अधिक हो गया है। वह गरीब महिला हैं, इतना भारी भरकम बिल जमा नहीं कर सकतीं।
विज्ञापन
फोटो: कलीम।
केस : दो
बिजली काटने से पहले नहीं दी गई सूचना
नगर के मोहल्ला कचहरीटोला निवासी कलीम ने बताया कि पत्नी साफिया के नाम से विद्युत कनेक्शन है। कुछ दिन पहले ही बिल जमा किया था, अचानक बिजली काट दी गई। जब दफ्तर आकर पता किया तो 455 रुपये माइनस में बताया और कहा कि 1000 रुपये जमा करो, तब बिजली चालू होगी। उन्होंने मीटर को जबरन प्रीपेड करने पर नाराजगी जताई।
फोटो: अरविंद।
केस : तीन
बिल जमा करने के 10 दिन बाद कट गई लाइट
कस्बा मानपुर निवासी अरविंद ने बताया कि उन्होंने 20 मार्च 2026 को शेष बिल भुगतान कर दिया था, इसके बाद बिना किसी जानकारी के एक अप्रैल को लाइट कट गई। तब से लाइट कटी हुई है, इससे काफी परेशानी हुई। उन्होंने पहले से चार गुना अधिक बिल आने की बात कही।
फोटो : पूजा रानी।
केस : चार
जब से स्मार्ट मीटर लगा बहुत अधिक आ रहा बिल
नगर के मोहल्ला मौसमपुर मौरारा निवासी पूजा रानी ने बताया कि काफी गरीब हैं, पति मजदूरी करते हैं। उनका साधारण मीटर सही काम कर रहा था। ठेकेदार ने बिना कोई जानकारी दिए स्मार्ट मीटर लगा दिया, जब से स्मार्ट मीटर लगा है, तब से बहुत ज्यादा बिल आने लगा है।
ग्रामीणों ने कंपनी की टीम को लौटा
गुरुवार को क्षेत्र के नजरापुर गांव में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे ठेकेदार व विद्युत कर्मियों को बैरंग लौटना पड़ा। स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया और भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया को फोन पर प्रकरण से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद टीम बिना स्मार्ट मीटर लगाए गांव से वापस आ गई।
वर्जन
स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था शासन का नीतिगत मामला है। जिले में 2.63 लाख उपभाेक्ता हैं, और अब तक 82 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। कोई भी मीटर अधिक रीडिंग नहीं दे रहा है। यह एक भ्रम फैलाया जा रहा है।
-मगन सिंह, अधिशासी अभियंता, बिजली निगम