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फर्जी अंकपत्र पर 13 साल की नौकरी, सोते रहे सभी
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सौरिख (कन्नौज)। बीएड के फर्जी अंकपत्र से 13 साल नौकरी करने वाले सहायक अध्यापक के वेतन पर डीआईओएस ने रोक लगा दी है। उन्होंने मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
खड़िनी के विश्वनाथ सिंह जनता इंटर कालेज में शरीफ खां पुत्र खुदाबख्श मंसूरी ने 2 जुलाई 2007 में सहायक अध्यापक पद पर ज्वाइनिंग की थी। शरीफ ने 1995 में गंजडुडवारा कालेज से बीएड करने का अंकपत्र लगाया था। कुछ लोगों ने बीएड का फर्जी अंकपत्र होने की शिकायत प्रबंध समिति से की। इस पर प्रबंध समिति ने कई बाद डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय को सत्यापन के लिए लिखा।
जवाब न मिलने पर प्रबंधक सुरेंद्र सिंह तोमर ने गंजडुडवारा कालेज सत्यापन किया। कालेज में शरीफ खां का कोई रिकार्ड नहीं मिला। प्रबंध समिति ने यह सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक को दी। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र बाबू ने शिक्षक के वेतन निकालने पर रोक लगा दी। डीआईओएस अपने स्तर पर मामले की जांच करा रहे हैं।
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खड़िनी के विश्वनाथ सिंह जनता इंटर कालेज में शरीफ खां पुत्र खुदाबख्श मंसूरी ने 2 जुलाई 2007 में सहायक अध्यापक पद पर ज्वाइनिंग की थी। शरीफ ने 1995 में गंजडुडवारा कालेज से बीएड करने का अंकपत्र लगाया था। कुछ लोगों ने बीएड का फर्जी अंकपत्र होने की शिकायत प्रबंध समिति से की। इस पर प्रबंध समिति ने कई बाद डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय को सत्यापन के लिए लिखा।
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जवाब न मिलने पर प्रबंधक सुरेंद्र सिंह तोमर ने गंजडुडवारा कालेज सत्यापन किया। कालेज में शरीफ खां का कोई रिकार्ड नहीं मिला। प्रबंध समिति ने यह सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक को दी। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र बाबू ने शिक्षक के वेतन निकालने पर रोक लगा दी। डीआईओएस अपने स्तर पर मामले की जांच करा रहे हैं।
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