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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में नहीं जीवन रक्षक दवाएं
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कन्नौज। जिला अस्पताल का निरीक्षण करने आई कायाकल्प की टीम को इमरजेंसी में कई जीवन रक्षक दवाएं नहीं मिलीं। टीम ने इस पर असंतोष जताया और खामी को दूर करने को कहा।
कायाकल्प टीम में शामिल डा. फैजल नफीस, डा. रक्षा परवीन ने बताया गया कि विकल्प के तौर पर दूसरी दवा चला रहे हैं। इसकी व्यवस्था कराने को कहा गया। टीम ने इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों का रिकार्ड देखा और स्टाफ नर्स से उपचार की जानकारी ली। ओपीडी में मरीजों से भी जानकारी ली।
मरीजों ने बताया कि डाक्टर उपचार देते हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों से पूछा गया कि प्रतिदिन डाक्टर देखने आते हैं या नहीं। बताया गया कि आते हैं। स्टाफ नर्स को निर्देश दिए कि मरीजों से अच्छा बर्ताव करें। यदि किसी मरीज को दिक्कत हो तो उसकी समस्या को सुन कर उपचार दें। बच्चों को टीके कब लगाए जाते हैं इसकी जानकारी स्टाफ नर्स से ली।
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साथ ही प्रतिमाह कितने बच्चों को टीके लगाए जाते हैं, इसका रिकार्ड देखा। लैब में पहुंच कर अब तक हो रही जांचों को देखा। कोरोना की जांच के बारे में भी जानकारी ली। इस मौके पर सीएमएस डा. शक्ति वसु भी मौजूद रहे।
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कायाकल्प टीम में शामिल डा. फैजल नफीस, डा. रक्षा परवीन ने बताया गया कि विकल्प के तौर पर दूसरी दवा चला रहे हैं। इसकी व्यवस्था कराने को कहा गया। टीम ने इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों का रिकार्ड देखा और स्टाफ नर्स से उपचार की जानकारी ली। ओपीडी में मरीजों से भी जानकारी ली।
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मरीजों ने बताया कि डाक्टर उपचार देते हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों से पूछा गया कि प्रतिदिन डाक्टर देखने आते हैं या नहीं। बताया गया कि आते हैं। स्टाफ नर्स को निर्देश दिए कि मरीजों से अच्छा बर्ताव करें। यदि किसी मरीज को दिक्कत हो तो उसकी समस्या को सुन कर उपचार दें। बच्चों को टीके कब लगाए जाते हैं इसकी जानकारी स्टाफ नर्स से ली।
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साथ ही प्रतिमाह कितने बच्चों को टीके लगाए जाते हैं, इसका रिकार्ड देखा। लैब में पहुंच कर अब तक हो रही जांचों को देखा। कोरोना की जांच के बारे में भी जानकारी ली। इस मौके पर सीएमएस डा. शक्ति वसु भी मौजूद रहे।