{"_id":"68827b63090ae6d45506fd9c","slug":"one-and-a-half-month-after-the-death-of-his-wife-the-businessman-committed-suicide-by-shooting-himself-with-a-revolver-kannauj-news-c-214-1-knj1005-134666-2025-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: पत्नी के निधन के डेढ़ माह बाद व्यापारी ने रिवाॅल्वर से गोली मार की आत्महत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: पत्नी के निधन के डेढ़ माह बाद व्यापारी ने रिवाॅल्वर से गोली मार की आत्महत्या
विज्ञापन
छिबरामऊ। पत्नी के निधन के डेढ़ माह बाद गुरुवार दोपहर को व्यापारी ने कमरे में खुद को रिवाॅल्वर से गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर मां पहुंची तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। परिजन ने आसपास के लोगों के सहयोग से दरवाजा तोड़कर व्यापारी को अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
मोहल्ला दीक्षितान निवासी सुरेंद्र दुबे मुख्य मार्ग स्थित घर के नीचे ही जनरल स्टोर की दुकान किए हैं। इसी दुकान पर पुत्र सौरभ दुबे (37) उनका सहयोग करता था। बाजार बंदी होने के कारण सुरेंद्र दुकान की खरीदारी करने के लिए आगरा गए थे। दोपहर 12 बजे सौरभ ने तीसरी मंजिल पर बने कमरे में खुद को बंद कर लिया और पिता की लाइसेंसी रिवाॅल्वर को कनपटी से सटा कर गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर मां चित्रा दुबे ने ऊपर जाकर देखा तो कमरा अंदर से बंद था। उन्होंने शोर मचाया तो आसपास के लोग पहुंच गए। लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो सौरभ खून से लथपथ पड़े थे और उनके हाथ में रिवाल्वर थी। लोग उन्हें अस्पताल ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल था जबकि जानकारी होने पर पिता भी बीच रास्ते ही लौटकर सीधे अस्पताल पहुंच गए। कोतवाल विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृत्यु से बड़ा दुख है, प्रेम में बिछड़ना
सौरभ दुबे पत्नी अपेक्षा दुबे के निधन के बाद बिल्कुल ही टूट गए थे। आत्महत्या से पहले सुबह 6.43 पर सौरभ ने अपने व्हॉटसएप पर स्टेटस लगाया, जिसमें उन्होंने लिखा था कि मृत्यु से बड़ा दुख है, प्रेम में बिछड़ना, क्योकि मृत्यु में अंत है और बिरह में अंतहीन पीड़ा। सौरभ के इस स्टेटस को देखने के बाद हर किसी की आंख से आंसू नहीं थम रहे थे।
विज्ञापन
रोज की तरह सुबह बेटों को तैयार का भेजा था स्कूल
सौरभ दुबे के दो पुत्र आयुष (14) व नक्ष (8) हैं। दोनों ही नगर के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। रोज की तरह ही गुरुवार को भी उसने दोनों को तैयार कर विद्यालय भेज दिया था। पिता की मौत के बाद विद्यालय से दोनों बुला लिया गया। डेढ़ माह पहले ही मां का दामन छूटने से व्यथित दोनों बच्चे पिता का शव देख बेसुध हो गए। मौजूद लोग दोनों को ढांढस बंधाते रहे, लेकिन बच्चों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
डेढ़ माह पहले हार्ट अटैक से हुई थी पत्नी की मौत
युवा व्यापारी सौरभ दुबे की शादी वर्ष 2009 में नगर के ही मोहल्ला गनेश चौधरी निवासी अपेक्षा दुबे के साथ हुई थी। डेढ़ माह पहले हार्ट अटैक से पत्नी की मौत हो गई थी। परिजनों की माने तो तभी से सौरभ अवसाद ग्रस्त थे। पत्नी की मौत के बाद 10 दिनों तक वह कमरे से बाहर नहीं निकले और अपेक्षा की कई फोटो बनवाकर कमरे की दीवार पर चिपका कर रखी थी। परिजनों ने उन्हें समझाने का काफी प्रयास किया पर हालत में बदलाव नहीं हुआ।
विधायक समेत व्यापारियों ने बंधाया ढांढस
युवा व्यापारी की मौत की सूचना पर विधायक अर्चना पांडेय, चेयरमैन मनोज दुबे, युवा सपा नेता जुनैद सिद्दीकी, व्यापारी नेता आलोक गुप्ता उर्फ टिल्लू, सपा नेता अशोक चौहान, विवेक दीक्षित आदि सौरभ दुबे की दुकान के आसपास के सभी व्यापारी अस्पताल पहुंच गए। यहां विधायक व चेयरमैन ने पीड़ित सुरेंद्र दुबे, पत्नी चित्रा दुबे को ढांढस बंधाया।
विज्ञापन
मोहल्ला दीक्षितान निवासी सुरेंद्र दुबे मुख्य मार्ग स्थित घर के नीचे ही जनरल स्टोर की दुकान किए हैं। इसी दुकान पर पुत्र सौरभ दुबे (37) उनका सहयोग करता था। बाजार बंदी होने के कारण सुरेंद्र दुकान की खरीदारी करने के लिए आगरा गए थे। दोपहर 12 बजे सौरभ ने तीसरी मंजिल पर बने कमरे में खुद को बंद कर लिया और पिता की लाइसेंसी रिवाॅल्वर को कनपटी से सटा कर गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर मां चित्रा दुबे ने ऊपर जाकर देखा तो कमरा अंदर से बंद था। उन्होंने शोर मचाया तो आसपास के लोग पहुंच गए। लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो सौरभ खून से लथपथ पड़े थे और उनके हाथ में रिवाल्वर थी। लोग उन्हें अस्पताल ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल था जबकि जानकारी होने पर पिता भी बीच रास्ते ही लौटकर सीधे अस्पताल पहुंच गए। कोतवाल विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मृत्यु से बड़ा दुख है, प्रेम में बिछड़ना
सौरभ दुबे पत्नी अपेक्षा दुबे के निधन के बाद बिल्कुल ही टूट गए थे। आत्महत्या से पहले सुबह 6.43 पर सौरभ ने अपने व्हॉटसएप पर स्टेटस लगाया, जिसमें उन्होंने लिखा था कि मृत्यु से बड़ा दुख है, प्रेम में बिछड़ना, क्योकि मृत्यु में अंत है और बिरह में अंतहीन पीड़ा। सौरभ के इस स्टेटस को देखने के बाद हर किसी की आंख से आंसू नहीं थम रहे थे।
विज्ञापन
रोज की तरह सुबह बेटों को तैयार का भेजा था स्कूल
सौरभ दुबे के दो पुत्र आयुष (14) व नक्ष (8) हैं। दोनों ही नगर के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। रोज की तरह ही गुरुवार को भी उसने दोनों को तैयार कर विद्यालय भेज दिया था। पिता की मौत के बाद विद्यालय से दोनों बुला लिया गया। डेढ़ माह पहले ही मां का दामन छूटने से व्यथित दोनों बच्चे पिता का शव देख बेसुध हो गए। मौजूद लोग दोनों को ढांढस बंधाते रहे, लेकिन बच्चों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
डेढ़ माह पहले हार्ट अटैक से हुई थी पत्नी की मौत
युवा व्यापारी सौरभ दुबे की शादी वर्ष 2009 में नगर के ही मोहल्ला गनेश चौधरी निवासी अपेक्षा दुबे के साथ हुई थी। डेढ़ माह पहले हार्ट अटैक से पत्नी की मौत हो गई थी। परिजनों की माने तो तभी से सौरभ अवसाद ग्रस्त थे। पत्नी की मौत के बाद 10 दिनों तक वह कमरे से बाहर नहीं निकले और अपेक्षा की कई फोटो बनवाकर कमरे की दीवार पर चिपका कर रखी थी। परिजनों ने उन्हें समझाने का काफी प्रयास किया पर हालत में बदलाव नहीं हुआ।
विधायक समेत व्यापारियों ने बंधाया ढांढस
युवा व्यापारी की मौत की सूचना पर विधायक अर्चना पांडेय, चेयरमैन मनोज दुबे, युवा सपा नेता जुनैद सिद्दीकी, व्यापारी नेता आलोक गुप्ता उर्फ टिल्लू, सपा नेता अशोक चौहान, विवेक दीक्षित आदि सौरभ दुबे की दुकान के आसपास के सभी व्यापारी अस्पताल पहुंच गए। यहां विधायक व चेयरमैन ने पीड़ित सुरेंद्र दुबे, पत्नी चित्रा दुबे को ढांढस बंधाया।