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ऑक्सीजन के बाद दवाइयों, उपकरणों की किल्लत

Sat, 24 Apr 2021 12:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 24 Apr 2021 12:07 AM IST
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okseejan ke baad davaiyon, upakaranon kee killat
सरायमीरा के मेडिकल स्टोर पर दवा खरीदते लोग। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। संक्रमण के खतरे को खत्म करने के लिए जीवन रक्षा से जुड़ी दवाइयों की जरूरत है। वहीं ऑक्सीजन की कमी के बाद अब दवाइयों और जरूरी उपकरणों की किल्लत हो गई है। कई मेडिकल स्टोर पर जरूरी दवाइयां नहीं मिल रही हैं। इससे बीमार परिजनों के स्वास्थ्य लाभ के लिए लोग फर्रुखाबाद, कानपुर तक की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
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ऑक्सीजन लेवल नापने के लिए ऑक्सीमीटर की जरूरत होती है। इसकी इन दिनों मांग बढ़ी हुई है। ऑक्सीमीटर जिले के मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध नहीं है। ग्राहकों की डिमांड पर इन्हें बाहरी जिलों से मंगाया जा रहा है। इसके सामान्य दाम 400 रुपये हैं। यह ढाई हजार रुपये में बेचा जा रहा है। यही हाल तमाम जरूरी दवाइयों का है। यह बाजार से गायब हैं। इससे लोग परेशान हो रहे हैं। इनकी बुकिंग करानी पड़ रही है।
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बयां किया दर्द
दवाइयों की पूर्ति न हुई तो स्थिति होगी खराब
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष यतीश स्वरूप सक्सेना ने कहा कि मार्केट में दवाइयों की समय पर पूर्ति नहीं हो रही है। वह कोरोना पॉजिटिव हैं। कहा कि मेडिकल स्टोरों पर ऑक्सीमीटर की किल्लत है। यह पहले एक माह में चार या पांच बिकते थे। अब हर किसी को इसकी जरूरत है। इससे ब्लैक हो रहा है। बताया कि ऑक्सीजन लेवल 90 से नीचे नहीं जाना चाहिए।
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लोग आगे की सोचकर कर रहे स्टाक
मकरंदनगर स्थित मेडिकल स्टोर स्वामी माता प्रसाद गुप्ता ने बताया कि पैरासीटामॉल, अच्छे मास्क, सैनिटाइजर की खपत ज्यादा है। लोग बाजार की हालत और कालाबाजारी को देखते हुए इनका स्टाक कर रहे हैं। इससे इनकी किल्लत बढ़ गई है। लोग यह सोचकर बेजरूरत भी इनकी खरीद कर रहे कि मुसीबत के समय इधर-उधर भटकना न पड़े। इससे इनके दाम भी बढ़ गए हैं।
खांसी से जुड़ी दवाइयां मार्केट से गायब
लाखन तिराहा स्थित मेडिकल स्टोर स्वामी रेहान खां ने बताया कि दवाइयों की स्थिति दिन पर दिन खराब होती जा रही है। डिमांड के बावजूद कई-कई दिन आपूर्ति नहीं आ रही है। बड़े मेडिकल स्टोर तक में जरूरी दवाइयां नहीं हैं। फर्रुखाबाद व कानपुर में यह उपलब्ध हो जाती थीं। कोरोना काल शुरू हो जाने के बाद यह गायब हो गई हैं। खांसी से जुड़ी दवाइयां तक नहीं मिल रहीं।

बुखार की भी नहीं मिल रही दवा
मकरंदनगर स्थित मेडिकल स्टोर स्वामी अनुष्क गुप्ता ने बताया कि मार्केट में बुखार से जुड़ी दवाइयाें का टोटा है। डोलो 650 व डोलो 500 एमजी कोरोना में बुखार के लिए सबसे कारगर दवा है। यह नहीं मिल रही है। भाप के लिए कैबराल प्लस, नेब्युलाइजर, एंटीबायोटिक में जीफी, जीफी ओजेड नहीं मिल रही है। डिमांड के बावजूद कई-कई दिनों तक आपूर्ति नहीं आ रही।
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