{"_id":"6aa98ce69230e7578b094ec5","slug":"newborn-dies-after-being-referred-from-chc-to-a-private-hospital-kannauj-news-c-214-1-knj1006-156118-2026-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: सीएचसी से निजी अस्पताल टरकाया, नवजात की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: सीएचसी से निजी अस्पताल टरकाया, नवजात की मौत
विज्ञापन
छिबरामऊ। विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के महमूदपुर खास निवासी शिवम कुमार की पत्नी पूनम को प्रसव पीड़ा होने पर 13 सितंबर की रात एंबुलेंस से सीएचसी लाया गया। परिजन का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने दो घंटे तक समुचित इलाज नहीं किया। इसके बाद मरीज को निजी अस्पताल भेज दिया गया। इलाज में देरी होने पर नवजात ने दम तोड़ दिया।
परिजन के अनुसार निजी अस्पताल में महिला की सामान्य डिलीवरी हुई पर नवजात की हालत गंभीर बताई गई। हालत बिगड़ने पर सोमवार की रात परिजन नवजात को लेकर दोबारा महिला चिकित्सालय पहुंचे। आरोप है कि यहां भी इलाज में देरी हुई। परिजन ने स्टाफ नर्स पर अभद्रता का आरोप भी लगाया। दो घंटे बाद नवजात की मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद पिता ने सीएचसी प्रभारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
मामला सीएमओ डॉ. विकास चंद्रा तक पहुंचा तो मंगलवार को एसीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी और अपर शोध अधिकारी वाईके मंजुल जांच करने अस्पताल पहुंचे। टीम ने स्टाफ नर्स के बयान दर्ज किए। मृत नवजात के परिजनों से भी फोन से जानकारी लेने के साथ ही अस्पताल के अभिलेख खंगाले गए। जांच टीम ने परिजनों को बुधवार को कन्नौज बुलाकर विस्तृत बयान दर्ज कराने के लिए कहा है।
विज्ञापन
एसीएमओ ने बताया कि जांच में सामने आया कि मरीज को चिकित्सक की सलाह के बिना देखा गया और बिना चिकित्सक से परामर्श किए रेफर कर दिया गया। प्रारंभिक रिकॉर्ड और बयानों में चिकित्सीय व्यवस्था के सही तरीके से संचालित न होने की बात भी सामने आई। उपलब्ध रिकॉर्ड और दर्ज बयानों के आधार पर स्टाफ नर्स की प्रथमदृष्टया लापरवाही मिली है। उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट डीएम व सीएमओ को भेजी गई है।
विज्ञापन
परिजन के अनुसार निजी अस्पताल में महिला की सामान्य डिलीवरी हुई पर नवजात की हालत गंभीर बताई गई। हालत बिगड़ने पर सोमवार की रात परिजन नवजात को लेकर दोबारा महिला चिकित्सालय पहुंचे। आरोप है कि यहां भी इलाज में देरी हुई। परिजन ने स्टाफ नर्स पर अभद्रता का आरोप भी लगाया। दो घंटे बाद नवजात की मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद पिता ने सीएचसी प्रभारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
मामला सीएमओ डॉ. विकास चंद्रा तक पहुंचा तो मंगलवार को एसीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी और अपर शोध अधिकारी वाईके मंजुल जांच करने अस्पताल पहुंचे। टीम ने स्टाफ नर्स के बयान दर्ज किए। मृत नवजात के परिजनों से भी फोन से जानकारी लेने के साथ ही अस्पताल के अभिलेख खंगाले गए। जांच टीम ने परिजनों को बुधवार को कन्नौज बुलाकर विस्तृत बयान दर्ज कराने के लिए कहा है।
विज्ञापन
एसीएमओ ने बताया कि जांच में सामने आया कि मरीज को चिकित्सक की सलाह के बिना देखा गया और बिना चिकित्सक से परामर्श किए रेफर कर दिया गया। प्रारंभिक रिकॉर्ड और बयानों में चिकित्सीय व्यवस्था के सही तरीके से संचालित न होने की बात भी सामने आई। उपलब्ध रिकॉर्ड और दर्ज बयानों के आधार पर स्टाफ नर्स की प्रथमदृष्टया लापरवाही मिली है। उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट डीएम व सीएमओ को भेजी गई है।