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नवजातों की जान खतरे में डाल रहे मेडिकल कालेज के चिकित्सक

Sun, 24 Nov 2019 12:51 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2019 12:51 AM IST
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navajaaton kee jaan khatare mein daal rahe medikal kaalej ke chikitsak
एसएनसीयू वार्ड में गंभीर बच्चे की धड़कन देखते नर्सिंग इंचार्ज वीरेंद्र कुमार। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। राजकीय मेडिकल कालेज के चिकित्सक लगातार लापरवाही कर रहे हैं। उनकी इस लापरवाही से नवजातों की जान को खतरा पैदा हो रहा है। शनिवार को राजकीय मेडिकल कालेज में प्रसव के बाद नवजात की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बिना ऑक्सीजन के रेफर कर दिया। परिजन नवजात को मार्शल गाड़ी से जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में लेकर पहुंचे। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वार्ड में वेंटीलेटर की सुविधा न होने से चिकित्सकों को इलाज में दिक्कत आ रही है। कानपुर रेफर किए जाने के बावजूद परिजन ले जाने को तैयार नहीं हैं।
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तिर्वा के नौरंगपुर नगरिया गांव निवासी माधुरी पत्नी राजेश ने शनिवार सुबह करीब पौने चार बजे बच्चे को जन्म दिया। बच्चे को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। मेडिकल कालेज से रेफर करने के बाद उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। नवंबर माह के प्रथम सप्ताह में तिर्वा से बिना ऑक्सीजन के लाने पर एक नवजात की मौत हो चुकी है। उधर शहर के मोहल्ला बालापीर निवासी कामिनी ने शनिवार को नर्सिंग होम में नवजात को जन्म दिया। उसकी हालत भी गंभीर थी।
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चिकित्सकों ने सुधार न होने पर सैफई रेफर कर दिया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.सुरेश यादव ने बताया कि राजकीय मेडिकल कालेज से नवजात को रेफर करने में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज से आया बच्चा गंभीर है। परिजन उसे दूसरी जगह ले जाने के लिए तैयार नहीं है। बच्चे का इलाज किया जा रहा है।
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