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Kannauj News: मृतक आश्रित में मिली थी मोहित को नौकरी
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चपुन्ना (कन्नौज)। सौरिख क्षेत्र के गांव आदमपुर उम्मेद में मंगलवार को उस समय मातम छा गया, जब जालौन में तैनात उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव की सड़क हादसे में मौत की खबर मिली। 13 साल पहले मोहित के उपनिरीक्षक पिता की भी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद मोहित को मृतक आश्रित के रूप में नौकरी मिली थी। पति के बाद बेटे की हादसे में मौत होने से मां का बेसुध हो गई।
जालौन जिले के मंडी चौकी इंचार्ज के पद पर तैनात मोहित कुमार यादव (35) मंगलवार सुबह हरियाणा के नूंह से दबिश देकर लौट रहे थे। इसी दौरान तावड़ू के पास उनकी कार और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। हादसे में मोहित यादव समेत अन्य साथियों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक उनके पिता उदयवीर सिंह यादव भी यूपी पुलिस में उपनिरीक्षक थे। वर्ष 2013 में फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में पिता की मौत हुई थी।
मोहित को वर्ष 2018 में मृतक आश्रित कोटे के तहत पुलिस विभाग में नौकरी मिली थी। पिता की कमी को पूरा करने की कोशिश कर रहे मोहित की असमय मौत ने पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। परिवार में पत्नी नेहा और दो छोटे बेटे हैं। बड़ा बेटा आयुष छह साल का है जबकि छोटा बेटा महज दो माह का है। छोटा भाई रोहित गांव में रहकर खेतीबाड़ी का काम देखता है।
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छिबरामऊ की राधानगर कॉलोनी में रहने वाले इस परिवार पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा है। मां रेशमा देवी और पत्नी नेहा का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही आदमपुर उम्मेद गांव में सन्नाटा पसर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मोहित पिता की तरह मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और मोहित की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए। एक ही परिवार के दो जांबाज पुलिस कर्मियों का सड़क हादसों में जाना न केवल उस परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरा शोक है।
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जालौन जिले के मंडी चौकी इंचार्ज के पद पर तैनात मोहित कुमार यादव (35) मंगलवार सुबह हरियाणा के नूंह से दबिश देकर लौट रहे थे। इसी दौरान तावड़ू के पास उनकी कार और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। हादसे में मोहित यादव समेत अन्य साथियों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक उनके पिता उदयवीर सिंह यादव भी यूपी पुलिस में उपनिरीक्षक थे। वर्ष 2013 में फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में पिता की मौत हुई थी।
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मोहित को वर्ष 2018 में मृतक आश्रित कोटे के तहत पुलिस विभाग में नौकरी मिली थी। पिता की कमी को पूरा करने की कोशिश कर रहे मोहित की असमय मौत ने पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। परिवार में पत्नी नेहा और दो छोटे बेटे हैं। बड़ा बेटा आयुष छह साल का है जबकि छोटा बेटा महज दो माह का है। छोटा भाई रोहित गांव में रहकर खेतीबाड़ी का काम देखता है।
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छिबरामऊ की राधानगर कॉलोनी में रहने वाले इस परिवार पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा है। मां रेशमा देवी और पत्नी नेहा का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही आदमपुर उम्मेद गांव में सन्नाटा पसर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मोहित पिता की तरह मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और मोहित की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए। एक ही परिवार के दो जांबाज पुलिस कर्मियों का सड़क हादसों में जाना न केवल उस परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरा शोक है।