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मेडिकल कालेज में चार की मौत, 94 संक्रमित
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कन्नौज। जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। चपेट में आने से मेडिकल कालेज में भर्ती चार लोगों की मौत हो गई। दो दिन के आंकड़ों के मुताबिक नौ लोगों की मेडिकल कालेज में मौत हुई है। जिले में सोमवार को 94 पॉजिटिव मिले। 38 लोगों ने कोरोना को मात दी है। एक्टिव केस की संख्या अब 996 पहुंच गई है।
सोमवार को आई जांच रिपोर्ट में 94 लोग संक्रमित मिले हैं। इनका उपचार शुरू कर दिया गया है। अब तक 4652 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 3620 लोग उपचार के बाद ठीक हुए हैं। मेडिकल कालेज में छिबरामऊ निवासी मान सिंह (65), कसावा छिबरामऊ निवासी रामदेव(55), गोरखपुर सौरिख निवासी बृजकिशोर(75), पचोर कन्नौज निवासी राज कुमार(80) की मौत हुई है। इनमें मान सिंह व राम कुमार की रविवार रात मौत हुई। रामदेव व बृज किशोर की सोमवार को मौत हुई। उधर कोरोना के दूसरे स्टेज को लेकर स्वास्थ्य विभाग चिंतित है।
कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. केसी राय का कहना है कि यह स्टेज सबसे खतरनाक है। लापरवाही में जान जा सकती है। इससे पूरी तरह बचाव करें। बीमार, वृद्ध व बच्चों के लिए संक्रमण घातक हो सकता है। बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है। यह संक्रमण सीधे श्वांस नली को प्रभावित करता है। इससे लोगों को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाती है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कृष्ण स्वरूप का कहना है कि लोग घरों से न निकलें। दिक्कत हो तो पहले कोरोना की जांच कराएं, इसके बाद अन्य उपचार लें। जांच में लापरवाही से संक्रमण परिवार के अन्य लोगों को भी हो सकता है।
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सोमवार को आई जांच रिपोर्ट में 94 लोग संक्रमित मिले हैं। इनका उपचार शुरू कर दिया गया है। अब तक 4652 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 3620 लोग उपचार के बाद ठीक हुए हैं। मेडिकल कालेज में छिबरामऊ निवासी मान सिंह (65), कसावा छिबरामऊ निवासी रामदेव(55), गोरखपुर सौरिख निवासी बृजकिशोर(75), पचोर कन्नौज निवासी राज कुमार(80) की मौत हुई है। इनमें मान सिंह व राम कुमार की रविवार रात मौत हुई। रामदेव व बृज किशोर की सोमवार को मौत हुई। उधर कोरोना के दूसरे स्टेज को लेकर स्वास्थ्य विभाग चिंतित है।
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कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. केसी राय का कहना है कि यह स्टेज सबसे खतरनाक है। लापरवाही में जान जा सकती है। इससे पूरी तरह बचाव करें। बीमार, वृद्ध व बच्चों के लिए संक्रमण घातक हो सकता है। बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है। यह संक्रमण सीधे श्वांस नली को प्रभावित करता है। इससे लोगों को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाती है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कृष्ण स्वरूप का कहना है कि लोग घरों से न निकलें। दिक्कत हो तो पहले कोरोना की जांच कराएं, इसके बाद अन्य उपचार लें। जांच में लापरवाही से संक्रमण परिवार के अन्य लोगों को भी हो सकता है।
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