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मैं क्या बताऊं मुझको मोहब्बत में क्या मिला
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Sat, 04 Apr 2015 12:11 AM IST
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शहर के मोहल्ला सफदरगंज स्थित कैथा वाली बगिया में चल रहे तीन दिवसीय सालाना जश्ने वारिस-ए-पाक कार्यक्रम में दूसरे दिन लोगों का तांता लगा रहा। दरगाह पहुंचकर अकीदतमंदों ने जियारत की और अमन-चैन की दुआ मांगी। देरशाम आयोजित हुए महफिले समां में कव्वालों ने कलाम पेश कर लोगों को वाहवाही करने पर मजबूर कर दिया।
दिल्ली से आए कव्वाल चांद कादरी ने ‘क्या मेरी हकीकत जो करूं उनकी मैं सना, अल्लाह जानता है मुहम्मद का मर्तबा’ नात शरीफ पेश कर पूरी महफिल को वाहवाही करने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद मन्कबत ‘दमादम मस्त कलंदर, अली का पहला नंबर’ सुनकर लोग खड़े होकर झूमने लगे और ईनाम में नोटों की बारिश करने लगे।
इसके बाद ‘बिगड़ा हुआ था मेरा मुकद्दर बना दिया,कतरे को एक समन्दर बना दिया’ मन्कबत सुनकर वारिस पाक के मुरीद झूम उठे। आगरा से आए कव्वाल इमरान ताज ने मन्कबत ‘मै क्या बताऊं मुझको मोहब्बत में क्या मिला, तुम मिल गए रसूल मिले और खुदा मिला’ को पेश किया, जिसे खूब सराहा गया।
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इसके अलावा ‘विरासत पाई है पैगंबर के घराने से, वारिस तेरी शान अलग है..’ पर पूरी महफिल खड़े होकर झूमने लगी। पूरी रात लोगों ने जबाबी कव्वाली का लुत्फ उठाया। सुबह 4.13 बजे कुल शरीफ का आयोजन हुआ। इसमें अकीदतमंदों ने शामिल होकर फातिहा पढ़ी और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। इस मौके पर कमेटी के सदर मो. अतहर वारसी, दरगाह के खादिम गुलाब शाह वारसी, हाजी हसीम वारसी, वसीम वारसी, साजिद वारसी, मुन्ना बाबा, जानू सिद्दीकी, इंजीनियर अनिल पाल सहित काफी लोग मौजूद रहे।
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दिल्ली से आए कव्वाल चांद कादरी ने ‘क्या मेरी हकीकत जो करूं उनकी मैं सना, अल्लाह जानता है मुहम्मद का मर्तबा’ नात शरीफ पेश कर पूरी महफिल को वाहवाही करने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद मन्कबत ‘दमादम मस्त कलंदर, अली का पहला नंबर’ सुनकर लोग खड़े होकर झूमने लगे और ईनाम में नोटों की बारिश करने लगे।
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इसके बाद ‘बिगड़ा हुआ था मेरा मुकद्दर बना दिया,कतरे को एक समन्दर बना दिया’ मन्कबत सुनकर वारिस पाक के मुरीद झूम उठे। आगरा से आए कव्वाल इमरान ताज ने मन्कबत ‘मै क्या बताऊं मुझको मोहब्बत में क्या मिला, तुम मिल गए रसूल मिले और खुदा मिला’ को पेश किया, जिसे खूब सराहा गया।
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इसके अलावा ‘विरासत पाई है पैगंबर के घराने से, वारिस तेरी शान अलग है..’ पर पूरी महफिल खड़े होकर झूमने लगी। पूरी रात लोगों ने जबाबी कव्वाली का लुत्फ उठाया। सुबह 4.13 बजे कुल शरीफ का आयोजन हुआ। इसमें अकीदतमंदों ने शामिल होकर फातिहा पढ़ी और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। इस मौके पर कमेटी के सदर मो. अतहर वारसी, दरगाह के खादिम गुलाब शाह वारसी, हाजी हसीम वारसी, वसीम वारसी, साजिद वारसी, मुन्ना बाबा, जानू सिद्दीकी, इंजीनियर अनिल पाल सहित काफी लोग मौजूद रहे।