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यौमे विलादत पर हर तरफ बिखरी रोशनी
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नगर के मुख्य मार्ग पर की गई भव्य सजावट।
- फोटो : CHIBRAMAU
कन्नौज/ छिबरामऊ। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे विलादत पर शनिवार को हर तरफ रंग-बिरंगी रोशनी बिखरी दिखी। प्रमुख चौराहों से लेकर गलियां तक रोशनी से सराबोर रहीं। मस्जिदों और मदरसों को भी सजाया गया था।
मदरसा अल्जामेअतुल अहमदिया हम्मालीपुरा के शिक्षक मौलाना नूरूद्दीन आफाकी ने बताया कि साढ़े चौदह सौ साल पहले रबी उल अव्वल शरीफ की 12 तारीख को पूरी दुनिया में अमन व शांति का पैगाम देने वाले हजरत मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था। इसी खुशी में दुनिया भर के मुसलमान अपने घरों, गली, मोहल्ले को सजा कर जुलूसे मोहम्मदी निकालते हैं। पैगंबरे इस्लाम का जन्म अरब के मक्का शहर में हुआ था। उनके वालिद का नाम हजरत अब्दुल्लाह और मां का नाम आमिना था। रबी उल अव्वल शरीफ में पैगंबरे इस्लाम की जन्म दिवस की खुशी मनाएं और अपने घरों को सजाएं। हजरत मोहम्मद साहब ने संदेश दिया कि मोहब्बत, भाईचारा कायम कर गरीबों की मदद करें। भूखों को खाना खिलाएं, यतीमों को सहारा दें। अपने वतन से प्यार करें।
छिबरामऊ में पैगंबर हजरत मोहम्मद की यौमे विलादत पर रविवार की सुबह नौ बजे मदरसा दारुल उलूम गौसिया से हजरत मौलाना मुस्तकीम अहमद कादरी की कयादत में जूलूस ए मोहम्मदी निकाला जाएगा। शहर के अलावा तालग्राम, गुरसहायगंज, समधन, मलिकपुर, तिर्वा से भी जुलूस ए मोहम्मदी निकाला जाएगा। हजरत मौलाना मुस्तकीम अहमद कादरी और कारी समशुल कमर ने बताया कि जुलूस अपने पारंपरिक अंदाज में निकलेगा। जुलूस बिरतिया से होते हुए ऊंचा सैयदबाड़ा, कानूनगोयान, लाहौरीटोला से जेरकिला होते हुए अस्पताल के पास पहुंचेगा। अयोध्या के फैसले को लेकर उलेमा ने लोगों से शांतिपूर्वक जुलूस में शामिल होने की अपील की है।
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मदरसा अल्जामेअतुल अहमदिया हम्मालीपुरा के शिक्षक मौलाना नूरूद्दीन आफाकी ने बताया कि साढ़े चौदह सौ साल पहले रबी उल अव्वल शरीफ की 12 तारीख को पूरी दुनिया में अमन व शांति का पैगाम देने वाले हजरत मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था। इसी खुशी में दुनिया भर के मुसलमान अपने घरों, गली, मोहल्ले को सजा कर जुलूसे मोहम्मदी निकालते हैं। पैगंबरे इस्लाम का जन्म अरब के मक्का शहर में हुआ था। उनके वालिद का नाम हजरत अब्दुल्लाह और मां का नाम आमिना था। रबी उल अव्वल शरीफ में पैगंबरे इस्लाम की जन्म दिवस की खुशी मनाएं और अपने घरों को सजाएं। हजरत मोहम्मद साहब ने संदेश दिया कि मोहब्बत, भाईचारा कायम कर गरीबों की मदद करें। भूखों को खाना खिलाएं, यतीमों को सहारा दें। अपने वतन से प्यार करें।
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छिबरामऊ में पैगंबर हजरत मोहम्मद की यौमे विलादत पर रविवार की सुबह नौ बजे मदरसा दारुल उलूम गौसिया से हजरत मौलाना मुस्तकीम अहमद कादरी की कयादत में जूलूस ए मोहम्मदी निकाला जाएगा। शहर के अलावा तालग्राम, गुरसहायगंज, समधन, मलिकपुर, तिर्वा से भी जुलूस ए मोहम्मदी निकाला जाएगा। हजरत मौलाना मुस्तकीम अहमद कादरी और कारी समशुल कमर ने बताया कि जुलूस अपने पारंपरिक अंदाज में निकलेगा। जुलूस बिरतिया से होते हुए ऊंचा सैयदबाड़ा, कानूनगोयान, लाहौरीटोला से जेरकिला होते हुए अस्पताल के पास पहुंचेगा। अयोध्या के फैसले को लेकर उलेमा ने लोगों से शांतिपूर्वक जुलूस में शामिल होने की अपील की है।
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