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Kannauj News: 51 कीटनाशक दुकानों के लाइसेंस निरस्त
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कन्नौज। जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाले कीटनाशक विक्रेताओं के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एकीकृत कीट प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण न कराने के आरोप में कृषि रक्षा विभाग ने सख्ती अपनाते हुए 51 दुकानदारों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। इससे कीटनाशक कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
कृषि रक्षा विभाग के मुताबिक, सभी कीटनाशक विक्रेताओं को शासन के निर्देशानुसार आईपीएमएस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बार-बार नोटिस जारी किए गए थे। विभागीय बैठकों के माध्यम से भी लगातार चेतावनी दी जा रही थी। इसके बावजूद इन 51 थोक और फुटकर विक्रेताओं ने लापरवाही जारी रखी और तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण नहीं कराया। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए विभाग ने इनके लाइसेंस निलंबित करने का कड़ा कदम उठाया है।
जिले में 1,477 कीटनाशक दुकानें संचालित हैं। शासन के निर्देशानुसार सभी कीटनाशक विक्रेताओं के लिए आइपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में विक्रेताओं ने इसमें रुचि नहीं ली। 786 कीटनाशक विक्रेताओं ने समय रहते पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा लिया है। 692 कीटनाशक विक्रेताओं ने अभी तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। बाकी बचे डिफाल्टरों पर भी जल्द ही सख्त कदम उठाए जाएंगे। कृषि विभाग के अधिकारी ने चेतावनी दी कि बिना पंजीकरण के कीटनाशक दुकानों का संचालन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि पहले लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई थी। किंतु निर्धारित समय से अधिक व्यतीत होने के उपरांत भी इनके द्वारा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं किया गया तथा कीटनाशी व्यवसाय भी नहीं किया रहा है। जो कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं 1971 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी के चलते लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सभी कीटनाशक विक्रेता तय समय के अंदर पंजीकरण करा लें। अन्यथा की स्थिति नोटिस देते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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कृषि रक्षा विभाग के मुताबिक, सभी कीटनाशक विक्रेताओं को शासन के निर्देशानुसार आईपीएमएस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बार-बार नोटिस जारी किए गए थे। विभागीय बैठकों के माध्यम से भी लगातार चेतावनी दी जा रही थी। इसके बावजूद इन 51 थोक और फुटकर विक्रेताओं ने लापरवाही जारी रखी और तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण नहीं कराया। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए विभाग ने इनके लाइसेंस निलंबित करने का कड़ा कदम उठाया है।
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जिले में 1,477 कीटनाशक दुकानें संचालित हैं। शासन के निर्देशानुसार सभी कीटनाशक विक्रेताओं के लिए आइपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में विक्रेताओं ने इसमें रुचि नहीं ली। 786 कीटनाशक विक्रेताओं ने समय रहते पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा लिया है। 692 कीटनाशक विक्रेताओं ने अभी तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। बाकी बचे डिफाल्टरों पर भी जल्द ही सख्त कदम उठाए जाएंगे। कृषि विभाग के अधिकारी ने चेतावनी दी कि बिना पंजीकरण के कीटनाशक दुकानों का संचालन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि पहले लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई थी। किंतु निर्धारित समय से अधिक व्यतीत होने के उपरांत भी इनके द्वारा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं किया गया तथा कीटनाशी व्यवसाय भी नहीं किया रहा है। जो कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं 1971 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी के चलते लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सभी कीटनाशक विक्रेता तय समय के अंदर पंजीकरण करा लें। अन्यथा की स्थिति नोटिस देते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।