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Kannauj News: पेयजल परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का लीकेज
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कन्नौज। जलजीवन मिशन के अंतर्गत जिले में पेयजल परियोजनाओं का हाल बेहाल है। भ्रष्टाचार के चलते ग्राम पंचायतों में घटिया काम किया गया। इस कारण अक्सर लीकेज हो रहे हैं। कार्यदायी संस्थाएं लीकेज सही करने नहीं जा रहीं हैं। इससे प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। अधिकांश गांवों में पीतल की जगह प्लास्टिक की टोटियां लगाईं गईं हैं, जो टूट गईं। उनसे भी लीकेज हो रहा है।
हसेरन विकास खंड की ग्रामसभा मुखड़ा में जल जीवन मिशन के तहत जल निगम ने 1.71 करोड़ रुपये के बजट से ओवरहेड टैंक के निर्माण कराया था। साथ ही, पूरे गांव में घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइनें बिछाई गई थी। काम पूरा होने के बाद ठेकेदार बिना टेस्टिंग के ही हैंडओवर कर चला गया। बाद में जब इस योजना की टेस्टिंग की गई तो पाइप लाइन में कई जगहों पर लीकेज निकली। गांव के लोगों ने इसकी शिकायत जल निगम के अधिकारियों से की पर सुनवाई नहीं हुई।
गांव के अरविंद सिंह ने बताया कि गांव की आबादी 1658 है, इनमें से 294 परिवारों को कनेक्शन दिए गए हैं। आरोप है कि ठेकेदार ने मनमानी करती हुए कई लोगों के घरों में कनेक्शन नहीं दिए और कई घरों में टोटियां नहीं लगवाई। पाइप लाइनों में लीकेज के कारण मक्कू सिंह, जगपाल के घरों के बाहर, प्राथमिक विद्यालय मुखड़ा के पास, भाउलपुर मुर्रा मार्ग पर सड़क धंसने से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इसमें हमेशा जलभराव रहता है। अक्सर इन गड्ढों में गिरकर दोपहिया वाहन चालक चुटहिल हो जाते हैं। शिकायतों के बाद भी सुनवाई न होने पर अव्यवस्था से नाराज गांव के लोगों ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत की। आरोप है कि अफसरों ने कार्यालय में ही बैठकर समस्या निस्तारण कर फर्जी रिपोर्ट लगाकर शासन को भेज दी, जबकि समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। सुनवाई न होने पर गांव के अंजू सिंह, विजय पाल, सौरभ कुमार, अनूप सिंह, श्यामप्रताप सिंह, रमन सिंह, नमन सिंह, हाकिम सिंह ने नाराजगी जताई।
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जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार का कहना है कि लीकेज की समस्या आ रही है। इसको लेकर कार्यदायी संस्थाओं को पाइप लाइन सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि काम गुणवत्तापूर्ण नहीं हुआ है तो भुगतान रोक दिया जाएगा। ठेकेदार पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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हसेरन विकास खंड की ग्रामसभा मुखड़ा में जल जीवन मिशन के तहत जल निगम ने 1.71 करोड़ रुपये के बजट से ओवरहेड टैंक के निर्माण कराया था। साथ ही, पूरे गांव में घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइनें बिछाई गई थी। काम पूरा होने के बाद ठेकेदार बिना टेस्टिंग के ही हैंडओवर कर चला गया। बाद में जब इस योजना की टेस्टिंग की गई तो पाइप लाइन में कई जगहों पर लीकेज निकली। गांव के लोगों ने इसकी शिकायत जल निगम के अधिकारियों से की पर सुनवाई नहीं हुई।
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गांव के अरविंद सिंह ने बताया कि गांव की आबादी 1658 है, इनमें से 294 परिवारों को कनेक्शन दिए गए हैं। आरोप है कि ठेकेदार ने मनमानी करती हुए कई लोगों के घरों में कनेक्शन नहीं दिए और कई घरों में टोटियां नहीं लगवाई। पाइप लाइनों में लीकेज के कारण मक्कू सिंह, जगपाल के घरों के बाहर, प्राथमिक विद्यालय मुखड़ा के पास, भाउलपुर मुर्रा मार्ग पर सड़क धंसने से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इसमें हमेशा जलभराव रहता है। अक्सर इन गड्ढों में गिरकर दोपहिया वाहन चालक चुटहिल हो जाते हैं। शिकायतों के बाद भी सुनवाई न होने पर अव्यवस्था से नाराज गांव के लोगों ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत की। आरोप है कि अफसरों ने कार्यालय में ही बैठकर समस्या निस्तारण कर फर्जी रिपोर्ट लगाकर शासन को भेज दी, जबकि समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। सुनवाई न होने पर गांव के अंजू सिंह, विजय पाल, सौरभ कुमार, अनूप सिंह, श्यामप्रताप सिंह, रमन सिंह, नमन सिंह, हाकिम सिंह ने नाराजगी जताई।
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जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार का कहना है कि लीकेज की समस्या आ रही है। इसको लेकर कार्यदायी संस्थाओं को पाइप लाइन सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि काम गुणवत्तापूर्ण नहीं हुआ है तो भुगतान रोक दिया जाएगा। ठेकेदार पर भी कार्रवाई की जाएगी।