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दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए कालेजों को अंतिम मौका
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 23 Jan 2016 11:49 PM IST
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दशमोत्तर छात्रवृत्ति को लेकर कलक्ट्रेट सभागार में
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हुई बैठक में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने छात्रों का हक न मारा जाए इसको
दृष्टिगत रखते हुए डिग्री व इंटर कालेजों के प्रधानाचार्यों को आगामी 25
जनवरी तक संदिग्ध डाटा शुद्ध कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा 30 हजार 361 छात्रों के सही पाए गए डाटा को लाक करने के निर्देश दिए। बैठक में पिछड़ा वर्ग अधिकारी राजेश बघेल ने बताया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति में 43 हजार 275 छात्रों का डाटा हस्तांतरित हुआ था। इसमें जांच के बाद 30 हजार 361 छात्रों का डाटा सही पाया गया।
13,364 छात्रों का डाटा संदिग्ध है। डिग्री कालेजों से संदिग्ध डाटा को शुद्ध कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, जिसमें 67 डिग्री कालेजों में अभी 24 का प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि 180 इंटर कालेजों में 23 का प्राप्त नहीं हुआ है। डीएम झा ने कहा कि सही पाए गए डाटा को लाक कर करके छात्रों के खाते में धनराशि हस्तांतरित करने की कार्रवाई को शुरू कर दी जाए।
इसके अलावा इंटर कालेजों के प्रधानाचार्य व डिग्री कालेजों के प्राचार्य 25 तक डाटा को शुद्ध कर प्रस्तुत कर दें। इसके अलावा पांच बिंदुओं पर छूट प्रदान की गई, जिसमें रिन्यूवल में नए छात्र के रूप में आनलाइन आवेदन करना, हाईस्कूल के प्रमाण पत्र में रोल नंबर गलत अंकित, आय प्रमाण पत्र सहित अन्य में छूट दी गई है।
डीएम ने कहा कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। बैठक में समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र गौतम, डीआईओएस केपी सिंह यादव, एनआईसी से हरप्रीत कौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इसके अलावा 30 हजार 361 छात्रों के सही पाए गए डाटा को लाक करने के निर्देश दिए। बैठक में पिछड़ा वर्ग अधिकारी राजेश बघेल ने बताया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति में 43 हजार 275 छात्रों का डाटा हस्तांतरित हुआ था। इसमें जांच के बाद 30 हजार 361 छात्रों का डाटा सही पाया गया।
13,364 छात्रों का डाटा संदिग्ध है। डिग्री कालेजों से संदिग्ध डाटा को शुद्ध कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, जिसमें 67 डिग्री कालेजों में अभी 24 का प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि 180 इंटर कालेजों में 23 का प्राप्त नहीं हुआ है। डीएम झा ने कहा कि सही पाए गए डाटा को लाक कर करके छात्रों के खाते में धनराशि हस्तांतरित करने की कार्रवाई को शुरू कर दी जाए।
इसके अलावा इंटर कालेजों के प्रधानाचार्य व डिग्री कालेजों के प्राचार्य 25 तक डाटा को शुद्ध कर प्रस्तुत कर दें। इसके अलावा पांच बिंदुओं पर छूट प्रदान की गई, जिसमें रिन्यूवल में नए छात्र के रूप में आनलाइन आवेदन करना, हाईस्कूल के प्रमाण पत्र में रोल नंबर गलत अंकित, आय प्रमाण पत्र सहित अन्य में छूट दी गई है।
डीएम ने कहा कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। बैठक में समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र गौतम, डीआईओएस केपी सिंह यादव, एनआईसी से हरप्रीत कौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।