फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Trouble facing farmers due to cold storage

कोल्ड स्टोरेज फुल, ज्यादा पैदावार और कम भाव के चलते किसानों के सामने मुसीबत

Wed, 10 Mar 2021 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Wed, 10 Mar 2021 11:35 PM IST
विज्ञापन
Trouble facing farmers due to cold storage
खेत में आलू खुदाई के बाद भराई करते किसान । - फोटो : KANNAUJ

जिले के ज्यादातर कोल्ड स्टोरेज आलू से फुल हो गए हैं। कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने आलू रखना बंद कर दिया है। इससे किसान शीतगृहों से ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर लौट रहे हैं। इन्होंने व्यापारियों को आलू बेचना शुरू कर दिया है।

विज्ञापन


जिले में इस बार शासन ने 11 लाख मीट्रिक टन पैदावार का लक्ष्य रखा था। 50 हजार हेक्टेयर में किसानों ने लक्ष्य से ज्यादा 14 लाख 45 हजार 986 मीट्रिक टन पैदावार की। ज्यादा पैदावार और बेहतर भाव न मिलने से किसानों ने खुदाई कर कोल्ड स्टोरेज में भंडारण शुरू कर दिया। मौजूदा समय जिले के 142 शीतगृहों में 10 लाख 62 हजार 77 मीट्रिक टन भंडारण पूरा कर लिया गया। ज्यादातर कोल्ड स्टोरेज फुल हो गए हैं। मालिकों ने अब भंडारण न करने का नोटिस चस्पा कर दिया है। इससे खुदाई कर भंडारण के लिए ट्रैक्टर-ट्राली लेकर पहुंच रहे किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन


भंडारण के लिए शीतगृह संचालकों से जुगाड़ भी लगाई जा रही है। समस्या का समाधान न मिलते देख किसानों ने सस्ते दामों पर व्यापारियों को बिक्री शुरू कर दी है। जिला उद्यान अधिकारी मनोज कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि जिले के ज्यादातर कोल्ड स्टोरेज फुल हो गए हैं। किसान परेशान न हों। पड़ोसी जनपदों के कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारित कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दफा दो हजार हेक्टेयर बढ़ा क्षेत्रफल
जिले में आलू का क्षेत्रफल लगातार बढ़ रहा है। पिछले साल 48 हजार हेक्टेयर में 10 लाख 35 हजार 300 मीट्रिक टन पैदावार हुई थी। इस बार 50 हजार हेक्टेयर में 11 लाख मीट्रिक टन पैदावार हुई है। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि महंगाई के दौर में ज्यादातर किसानों ने आलू की पैदावार की है।

आरोप: व्यापारियों के आलू का हो रहा भंडारण
जिले के 142 शीतगृहों में आलू रखने की क्षमता 14 लाख 45 हजार 986 मीट्रिक टन है। अभी तक शीतगृहों में 10 लाख 62 हजार 77 मीट्रिक टन भंडारण हुआ है। किसानों का आरोप है कि कोल्ड स्टोरों में अभी आलू रखने की जगह है। मालिक व्यापारियों का आलू रख रहे हैं। इससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा।


पहले से बारदाना लेने वाले किसानों को राहत
कोल्ड स्टोरेज मालिक पहले से बारदाना लेने वाले किसानों को राहत दे रहे हैं। यह अपना नुकसान बचाने के लिए इनका आलू भंडारित कर रहे हैं। अन्य किसानों का आलू भंडारण करने पर रोक लगा दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed