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कन्नौज : भगवंतपुर में ग्रामीणों ने नहीं होने दिया चकबंदी सर्वे
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फोटो 26सीएचबीपी53: सीओ चकबंदी रमेश बाबू को ज्ञापन सौंपते भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजा शु?
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ। भगवंतपुर गांव में शुक्रवार को चकबंदी विभाग की टीम सर्वे करने पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने टीम को सर्वे नहीं करने दिया। काफी देर चली बैठक के बाद भी ग्रामीण सर्वे कराने पर तैयार नहीं हुए। इससे टीम लौट गई।
शुक्रवार को सीओ चकबंदी रमेश बाबू, एसीओ चकबंदी करनवीर सिंह और लेखपाल जसकरन सर्वे करने पहुंचे। ग्रामीणों सर्वे का विरोध किया। इसके बाद टीम ने ग्रामीणों के साथ पंचायत भवन में बैठक की। ग्राम प्रधान माधुरी देवी ने चकबंदी प्रक्रिया रोकने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला और ग्राम सभा भगवंतपुर संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरव यादव ने चकबंदी अधिकारी रमेश बाबू को ज्ञापन सौंपा।
इसमें चकबंदी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों के विरोध के चलते टीम दो घंटे बाद वापस लौट गई। इस दौरान सुशील कुमार, संजीव, बैजनाथ सिंह, रामरतन, घनश्याम, श्याम बाबू, रक्षपाल, राजेश, बृजमोहन, जहान सिंह, बांकेलाल, अनुज, विश्राम सिंह, तारावती, बालकराम, रामेंद्र सिंह, रामपाल सिंह, दिलीप कुमार, इच्छाराम व राहुल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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ग्राम भगवंतपुर की चकबंदी प्रक्रिया निरस्त करने के लिए फरवरी 2021 में ग्रामीणों ने सात दिन तक गांव में हाईवे के किनारे धरना दिया था। सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने तहसील परिसर में धरना दिया। ग्राम सभा भगवंतपुर संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरव यादव ने बताया कि जिलाधिकारी ने चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताएं दर्शाते हुए चकबंदी आयुक्त को प्रक्रिया निरस्त करने के लिए पत्र भेजा था।
आश्वासन दिया था कि एक माह के अंदर यह प्रक्रिया निरस्त हो जाएगी। इसके बाद पूर्व राज्यमंत्री व विधायक अर्चना पांडेय और तत्कालीन एसडीएम देवेश कुमार गुप्त ने उनका धरना समाप्त करा दिया था। ग्रामीणों का यह आंदोलन वर्ष 2021 में 22 फरवरी से 20 मार्च तक चला था।
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शुक्रवार को सीओ चकबंदी रमेश बाबू, एसीओ चकबंदी करनवीर सिंह और लेखपाल जसकरन सर्वे करने पहुंचे। ग्रामीणों सर्वे का विरोध किया। इसके बाद टीम ने ग्रामीणों के साथ पंचायत भवन में बैठक की। ग्राम प्रधान माधुरी देवी ने चकबंदी प्रक्रिया रोकने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला और ग्राम सभा भगवंतपुर संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरव यादव ने चकबंदी अधिकारी रमेश बाबू को ज्ञापन सौंपा।
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इसमें चकबंदी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों के विरोध के चलते टीम दो घंटे बाद वापस लौट गई। इस दौरान सुशील कुमार, संजीव, बैजनाथ सिंह, रामरतन, घनश्याम, श्याम बाबू, रक्षपाल, राजेश, बृजमोहन, जहान सिंह, बांकेलाल, अनुज, विश्राम सिंह, तारावती, बालकराम, रामेंद्र सिंह, रामपाल सिंह, दिलीप कुमार, इच्छाराम व राहुल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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ग्राम भगवंतपुर की चकबंदी प्रक्रिया निरस्त करने के लिए फरवरी 2021 में ग्रामीणों ने सात दिन तक गांव में हाईवे के किनारे धरना दिया था। सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने तहसील परिसर में धरना दिया। ग्राम सभा भगवंतपुर संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरव यादव ने बताया कि जिलाधिकारी ने चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताएं दर्शाते हुए चकबंदी आयुक्त को प्रक्रिया निरस्त करने के लिए पत्र भेजा था।
आश्वासन दिया था कि एक माह के अंदर यह प्रक्रिया निरस्त हो जाएगी। इसके बाद पूर्व राज्यमंत्री व विधायक अर्चना पांडेय और तत्कालीन एसडीएम देवेश कुमार गुप्त ने उनका धरना समाप्त करा दिया था। ग्रामीणों का यह आंदोलन वर्ष 2021 में 22 फरवरी से 20 मार्च तक चला था।

फोटो 26सीएचबीपी54: सीओ चकबंदी से वार्ता करते ग्राम सभा भगवंतपुर संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरव यादव। - फोटो : CHIBRAMAU