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डग्गामार वाहनों ने घटा दी रोडवेज की आमदनी
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कन्नौज। डग्गामार वाहनों की धमाचौकड़ी फिर शुरू हो गई है। इनके चलने से रोडवेज की आमदनी घटी है। सड़कों के अलावा बस स्टैंड परिसर पर भी डग्गामार वाहनों का कब्जा है। बिना परमिट टेंपो, वैन, मैजिक, मिनी बसें परिवहन विभाग को चपत लगा रही हैं। इनके परिचालक रोडवेज से कम किराया वसूलते हैं। इसकी भरपाई क्षमता से ज्यादा सवारियों को बैठाकर करते हैं।
यह हालात शहर के बस स्टाप के हैं। यहां चालक रोडवेज बसों के आगे वाहन खड़ा कर सवारियां बैठाते हैं। इससे चालक व परिचालक में आयेदिन विवाद होता है। यात्रियों को भी परेशानी होती है। वाहनों के आड़े-तिरछे खड़े होने से जाम के हालात बने रहते हैं। तमाम अभियानों के बाद भी कोई असर नहीं हुआ। इन वाहनों के चलने से कन्नौज डिपो की हालत पतली है। तीन महीने में 15 से 20 प्रतिशत तक आमदनी घटी है। मुश्किल से 65 से 70 प्रतिशत आमदनी हो रही है। इससे पहले 85 से 90 प्रतिशत तक कमाई होती थी। इसको लेकर परिवहन अधिकारी परेशान हैं। उप संभागीय परिवहन कार्यालय का अभियान भी ठंडा है।
गुरसहायगंज से मैनपुरी तक होती डग्गामारी
कन्नौज, गुरसहायगंज, छिबरामऊ इलाकों के लिए छोटे वाहन जाते हैं। किराया भी काफी
कम है। वहीं शहर की तिर्वा क्रासिंग के पास अवैध अड्डे फिर शुरू हो गए हैं। यहां वाहनों के नंबर लगाने पर वसूली होती है। टोकन देकर टेंपो, मैजिक आदि वाहन सवारियां भरते हैं। इससे अधिकांश रोडवेज बसें खाली जाती हैं। छिबरामऊ से मैनपुरी तक डग्गामार वाहन चलने लगे हैं।
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डीएम के आदेश के बाद भी कार्रवाई सिफर
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बस स्टाप से डग्गामार वाहनों के सवारियां बैठाने की शिकायत आने पर परिवहन अफसरों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद निजी बसों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इससे कुछ दिन बसें बस स्टाप के पास लगना बंद हो गईं। अफसरों की अनदेखी होने के बाद निजी बसें फिर से चलने लगी हैं।
कन्नौज डिपो की इस तरह गिरी आमदनी
माह फीसदी रुपये
दिसंबर 72 1.80 करोड़
जनवरी 66 1.71 करोड़
फरवरी 65 1.69 करोड़
कुल रोडवेज बसों की संख्या : 44
डग्गामार वाहनों पर कोई रोक नहीं है। बस स्टैंड परिसर इनसे घिरा रहता है। कई बार अभियान के बाद डग्गामार वाहनों पर रोक नहीं लग सकी। इससे 15 से 20 फीसदी डिपो की आमदनी घटी है। इन पर रोक लगे तो आमदनी बढ़ेगी।
-राजेश कुमार, एआरएम
बराबर अभियान चलाकर कार्रवाई करते हैं। कई वाहन सीज किए गए हैं। फिर से इन्हें
खदेड़ा जाएगा। बिना परमिट व बस स्टैंड के आसपास वाहन मिलने पर सीज किए जाएंगे।
-आरबी दोहरे, यात्री कर अधिकारी
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यह हालात शहर के बस स्टाप के हैं। यहां चालक रोडवेज बसों के आगे वाहन खड़ा कर सवारियां बैठाते हैं। इससे चालक व परिचालक में आयेदिन विवाद होता है। यात्रियों को भी परेशानी होती है। वाहनों के आड़े-तिरछे खड़े होने से जाम के हालात बने रहते हैं। तमाम अभियानों के बाद भी कोई असर नहीं हुआ। इन वाहनों के चलने से कन्नौज डिपो की हालत पतली है। तीन महीने में 15 से 20 प्रतिशत तक आमदनी घटी है। मुश्किल से 65 से 70 प्रतिशत आमदनी हो रही है। इससे पहले 85 से 90 प्रतिशत तक कमाई होती थी। इसको लेकर परिवहन अधिकारी परेशान हैं। उप संभागीय परिवहन कार्यालय का अभियान भी ठंडा है।
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गुरसहायगंज से मैनपुरी तक होती डग्गामारी
कन्नौज, गुरसहायगंज, छिबरामऊ इलाकों के लिए छोटे वाहन जाते हैं। किराया भी काफी
कम है। वहीं शहर की तिर्वा क्रासिंग के पास अवैध अड्डे फिर शुरू हो गए हैं। यहां वाहनों के नंबर लगाने पर वसूली होती है। टोकन देकर टेंपो, मैजिक आदि वाहन सवारियां भरते हैं। इससे अधिकांश रोडवेज बसें खाली जाती हैं। छिबरामऊ से मैनपुरी तक डग्गामार वाहन चलने लगे हैं।
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डीएम के आदेश के बाद भी कार्रवाई सिफर
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बस स्टाप से डग्गामार वाहनों के सवारियां बैठाने की शिकायत आने पर परिवहन अफसरों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद निजी बसों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इससे कुछ दिन बसें बस स्टाप के पास लगना बंद हो गईं। अफसरों की अनदेखी होने के बाद निजी बसें फिर से चलने लगी हैं।
कन्नौज डिपो की इस तरह गिरी आमदनी
माह फीसदी रुपये
दिसंबर 72 1.80 करोड़
जनवरी 66 1.71 करोड़
फरवरी 65 1.69 करोड़
कुल रोडवेज बसों की संख्या : 44
डग्गामार वाहनों पर कोई रोक नहीं है। बस स्टैंड परिसर इनसे घिरा रहता है। कई बार अभियान के बाद डग्गामार वाहनों पर रोक नहीं लग सकी। इससे 15 से 20 फीसदी डिपो की आमदनी घटी है। इन पर रोक लगे तो आमदनी बढ़ेगी।
-राजेश कुमार, एआरएम
बराबर अभियान चलाकर कार्रवाई करते हैं। कई वाहन सीज किए गए हैं। फिर से इन्हें
खदेड़ा जाएगा। बिना परमिट व बस स्टैंड के आसपास वाहन मिलने पर सीज किए जाएंगे।
-आरबी दोहरे, यात्री कर अधिकारी