{"_id":"658bb6ef197a4e088306aa3f","slug":"kannauj-case-history-sheeter-ashok-yadav-was-sitting-with-preparation-plan-more-dangerous-than-bikru-incident-2023-12-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Kannauj Case: मोर्चा संभाले बैठा था मुनुआ... बिकरू कांड से भी अधिक खतरनाक प्लान; पुलिस के आते ही दनादन फायरिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj Case: मोर्चा संभाले बैठा था मुनुआ... बिकरू कांड से भी अधिक खतरनाक प्लान; पुलिस के आते ही दनादन फायरिंग
Wed, 27 Dec 2023 12:06 PM IST
शाहरुख खान
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 27 Dec 2023 12:06 PM IST
सार
हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ तैयारी के साथ मोर्चा लिए बैठा था। मुनुआ ने बिकरू कांड से भी ज्यादा खतरनाक प्लान बनाया हुआ था। उसकी निगाह सीसीटीवी से लैस घर में पुलिस की हर गतिविधि पर थी। पुलिस के दस्तक देते ही उसने फायर झोंकना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
Kannauj Case
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कन्नौज के विशुनगढ़ थाना के धरनीधरपुर नगरिया में सोमवार की शाम हुई हिस्ट्रीशीटर और पुलिस की मुठभेड़ ने तीन साल पहले कानपुर के बिकरू में हुए कांड की याद दिला दी। विकास दुबे की ही तरह यहां भी अशोक यादव को भी पुलिस की दबिश की सटीक जानकारी थी।
वह पुत्र और पत्नी के साथ ही पुलिस से मोर्चा लेने के लिए असलहों के साथ तैयार बैठा था। घर के बाहर अलग-अलग दिशाओं में लगाए सीसीटीवी कैमरे की मदद से वह अंदर बैठक कर ही पुलिस पर निगाह लगाए था। पुलिस ने जैसे ही दस्तक दी, उसने गली बरसानी शुरू कर दी। उसी फायरिंग के दौरान लगी गोली ने सिपाही सचिन राठी की जान ले ली।
पुलिस धरनीधरपुर नगरिया गांव पहुंच गई। पुलिस भले ही हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ को हल्के में लेकर पूरी तैयारी के साथ नहीं पहुंची, लेकिन खुद मुनुआ ने पुलिस की दबिश को हल्के में नहीं लिया। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए घर से भागने के बजाए पुलिस से मोर्चा लेने का मंसूबा बनाया।
विज्ञापन
इसके लिए उसने घर में रखे असलहों तमंचा, डबल बैरल बंदूक, रायफल के साथ डट गया। वह घर बैठकर ही मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस के आने की राह तकने लगा। उसके साथ बेटा अभय यादव उर्फ पिंटू और पत्नी व पूर्व प्रधान श्यामा देवी भी डट गई। फिर जैसे ही पुलिस ने उसके घर पर दस्तक दी, पहले तो उसने हवाई फायरिंग करके डराने की कोशिश की।
विज्ञापन
वह पुत्र और पत्नी के साथ ही पुलिस से मोर्चा लेने के लिए असलहों के साथ तैयार बैठा था। घर के बाहर अलग-अलग दिशाओं में लगाए सीसीटीवी कैमरे की मदद से वह अंदर बैठक कर ही पुलिस पर निगाह लगाए था। पुलिस ने जैसे ही दस्तक दी, उसने गली बरसानी शुरू कर दी। उसी फायरिंग के दौरान लगी गोली ने सिपाही सचिन राठी की जान ले ली।
विज्ञापन
पुलिस धरनीधरपुर नगरिया गांव पहुंच गई। पुलिस भले ही हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ को हल्के में लेकर पूरी तैयारी के साथ नहीं पहुंची, लेकिन खुद मुनुआ ने पुलिस की दबिश को हल्के में नहीं लिया। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए घर से भागने के बजाए पुलिस से मोर्चा लेने का मंसूबा बनाया।
विज्ञापन
इसके लिए उसने घर में रखे असलहों तमंचा, डबल बैरल बंदूक, रायफल के साथ डट गया। वह घर बैठकर ही मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस के आने की राह तकने लगा। उसके साथ बेटा अभय यादव उर्फ पिंटू और पत्नी व पूर्व प्रधान श्यामा देवी भी डट गई। फिर जैसे ही पुलिस ने उसके घर पर दस्तक दी, पहले तो उसने हवाई फायरिंग करके डराने की कोशिश की।
वह पहले भी घर आई पुलिस को अपनी हेकड़ी दिखाकर वापस कर चुका था। उसकी फायरिंग से पुलिस बैकफुट पर जाने के बजाए उसे सामने आकर सरेंडर करने को कहा। दबिश देने गई टीम से जुड़े लोगों के मुताबिक सचिन ने हिम्मत दिखाते हुए जैसे ही कदम बढ़ाया अशोक ने उसको निशाना बनाकर फायर झोंक दिया। गोली उसकी जांघ में लगी तो वह गिर पड़ा।
उसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग शुरू की। इस बीच सचिन की हालत गंभीर हुई तो पुलिस की एक टीम उसे लेकर अस्पताल चली गई। शेष अशोक को पकड़ने के लिए मोर्चाबंदी करने में लग गए। अंधेरा होने पर जैसे ही उसने भागने की कोशिश की, पुलिस की जवाबी गोली में वह और उसका पुत्र जख्मी हो गया। दोनों के गिरते ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। उन दोनों की मदद कर रही श्यामादेवी को भी दबोच लिया गया।
घर से बरामद हुआ असलहों का जखीरा
हिस्ट्रीशीटर को दबोचने के बाद उसके घर की तलाशी के दौरान पुलिस को वहां से असलहों का जखीरा मिला। पांच तमंचे, एक डबल बैरल और एक राइफल भी बरामद किया गया है।.
हिस्ट्रीशीटर को दबोचने के बाद उसके घर की तलाशी के दौरान पुलिस को वहां से असलहों का जखीरा मिला। पांच तमंचे, एक डबल बैरल और एक राइफल भी बरामद किया गया है।.
फायरिंग के बाद गंभीर हुई पुलिस, बुलानी पड़ी फोर्स
पहले सिर्फ 16 पुलिसककर्मियों की टीम अशोक को पकड़ने गई थी, लेकिन हिस्ट्रीशीटर ने जैसे ही फायरिंग की और गोली सिपाही सचिन राठी को लगी तो पुलिस सकते में आ गई। मामले की नजाकत को देखते हुए सीनियर अधिकारियों को जानकारी दी गई।
पहले सिर्फ 16 पुलिसककर्मियों की टीम अशोक को पकड़ने गई थी, लेकिन हिस्ट्रीशीटर ने जैसे ही फायरिंग की और गोली सिपाही सचिन राठी को लगी तो पुलिस सकते में आ गई। मामले की नजाकत को देखते हुए सीनियर अधिकारियों को जानकारी दी गई।
उसके बाद विशुनगढ़ पुलिस की मदद के लिए छिबरामऊ, गुरसहायगंज, सौरिख, तालग्राम, सकरावा से भी पुलिस को बुला लिया गया। इसके अलावा जेसीबी को बुलाकर भी गांव के बाहर खड़ा करा लिया गया। घर को जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया। अंधेरा का फायदा उठाकर भागने के दौरान पुलिस की गोली लगने से पिता-पुत्र जख्मी हो गए और दोनों को दबोच लिया गया।
आलीशान मकान बनाया, लेकिन सीढ़ी नहीं बनाई
हिस्ट्रीशीटर ने गांव से दूर खेतों में अपराध की दुनिया बसाने के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। मकान तो आलीशान बनाया, लेकिन घर की छत पर चढ़ने के लिए सीढि़यां नहीं बनवाई थीं। उसने छत पर चढ़ने के लिए बांस की सीढ़ी बनवा रखी थी। जब वह छत पर चढ़ता तो बांस की सीढ़ी को खींचकर छत पर ही रख देता था। समझा जा रहा है कि यह कदम उसने घर के छत के हिस्से को दुनिया की नजर से बचाने के लिए उठाया था।
हिस्ट्रीशीटर ने गांव से दूर खेतों में अपराध की दुनिया बसाने के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। मकान तो आलीशान बनाया, लेकिन घर की छत पर चढ़ने के लिए सीढि़यां नहीं बनवाई थीं। उसने छत पर चढ़ने के लिए बांस की सीढ़ी बनवा रखी थी। जब वह छत पर चढ़ता तो बांस की सीढ़ी को खींचकर छत पर ही रख देता था। समझा जा रहा है कि यह कदम उसने घर के छत के हिस्से को दुनिया की नजर से बचाने के लिए उठाया था।
मेडिकल कॉलेज में भर्ती है हिस्ट्रीशीटर
पुलिस मुठभेड़ में घायल हिस्ट्रीशीटर और उसके बेटे का मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा में इलाज हो रहा है। दोनों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है। पुलिस की टीम दोनों पर निगाह लगाए है। थाना विशुनगढ़ के नगरिया गांव में सोमवार रात हुई घटना के बाद पुलिस अलर्ट है।
पुलिस मुठभेड़ में घायल हिस्ट्रीशीटर और उसके बेटे का मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा में इलाज हो रहा है। दोनों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है। पुलिस की टीम दोनों पर निगाह लगाए है। थाना विशुनगढ़ के नगरिया गांव में सोमवार रात हुई घटना के बाद पुलिस अलर्ट है।
मुठभेड़ में घायल हिस्ट्रीशीटर अशोक कुमार और उसका बेटा अभय यादव उर्फ टिंकू देर शाम को इलाज के लिए 100 शैय्या अस्पताल ले जाया गया, जहां पर प्राथमिक इलाज के बाद घायलों को तिर्वा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। दोनों को मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां पर दोनों का इलाज चल रहा है। दोनों की सुरक्षा के लिए छह सिपाही और एक दारोगा की ड्यूटी लगाई गई है।