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काले बादलों ने उड़ाई नींद, गेहूं कटाई-मड़ाई तेज
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अंगौछा बांधकर गेहूं की कटाई करते किसान।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज । लगातार चार दिन से तेज हवा के साथ बूंदाबांदी ने किसानों की नींद उड़ा दी है। गेहूं कटाई और मड़ाई का काम तेज हो गया है। तेज बारिश की आशंका से किसान सहमे हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने तीन दिन में बारिश की संभावना व्यक्त की है।
शनिवार सुबह बूंदाबांदी शुरू हो गई। तेज हवा चलने लगी।
किसान सुबह होते ही परिवार समेत खेतों की ओर निकल गए। करीब 40 फीसदी गेहूं की फसल मड़ाई के लिए खेतों में पड़ी है। मड़ाई के बाद भूसा भी खेतों में पड़ा है। बारिश होने पर भूसा और गेहूं भीगने का डर है। शनिवार को किसान दिनभर गेहूं की फसल को सहेजने में लगे रहे। आसमान में बदली से पारा 37 से 35 डिग्री पर पहुंच गया। नौ किमी की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं। कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी के मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र यादव ने 26, 27 व 28 अप्रैल को बारिश की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि किसान जल्द कटाई और मड़ाई कर लें। तालग्राम प्रतिनिधि के अनुसार किसान जीत सिंह, उमाशंकर मिश्रा, जगदीश चंद्र, अनिल पांडेय, राजेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह हल्की बौछारों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। लोग कटाई में जुट गए हैं। पहले एक बीघा गेहूं कटाई के बदले 40 किलो गेहूं दिया जाता था। बाहर से आए लोग एक बीघा फसल 25 किलो में ही काटने को तैयार हो जाते हैं।
जायद की फसल में भी नुकसान का डर
बेमौसम बारिश से गेहूं और सरसों की फसल तबाह हो चुकी है। अब जायद की फसलों पर भी मौसम का डर सता रहा है। तेज हवा के साथ बारिश हुई तो तरबूज, खरबूजा, उर्द, मूंग और मक्का की फसलों में भारी नुकसान हो सकता है।
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बूंदाबांदी से अगर गेहूं की फसल में नमी है तो सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसान गेहूं के बंडलों को धूप निकलने पर सुखा लें। इसके बाद ही मड़ाई करें।
-राम मिलन सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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शनिवार सुबह बूंदाबांदी शुरू हो गई। तेज हवा चलने लगी।
किसान सुबह होते ही परिवार समेत खेतों की ओर निकल गए। करीब 40 फीसदी गेहूं की फसल मड़ाई के लिए खेतों में पड़ी है। मड़ाई के बाद भूसा भी खेतों में पड़ा है। बारिश होने पर भूसा और गेहूं भीगने का डर है। शनिवार को किसान दिनभर गेहूं की फसल को सहेजने में लगे रहे। आसमान में बदली से पारा 37 से 35 डिग्री पर पहुंच गया। नौ किमी की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं। कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी के मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र यादव ने 26, 27 व 28 अप्रैल को बारिश की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि किसान जल्द कटाई और मड़ाई कर लें। तालग्राम प्रतिनिधि के अनुसार किसान जीत सिंह, उमाशंकर मिश्रा, जगदीश चंद्र, अनिल पांडेय, राजेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह हल्की बौछारों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। लोग कटाई में जुट गए हैं। पहले एक बीघा गेहूं कटाई के बदले 40 किलो गेहूं दिया जाता था। बाहर से आए लोग एक बीघा फसल 25 किलो में ही काटने को तैयार हो जाते हैं।
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जायद की फसल में भी नुकसान का डर
बेमौसम बारिश से गेहूं और सरसों की फसल तबाह हो चुकी है। अब जायद की फसलों पर भी मौसम का डर सता रहा है। तेज हवा के साथ बारिश हुई तो तरबूज, खरबूजा, उर्द, मूंग और मक्का की फसलों में भारी नुकसान हो सकता है।
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बूंदाबांदी से अगर गेहूं की फसल में नमी है तो सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसान गेहूं के बंडलों को धूप निकलने पर सुखा लें। इसके बाद ही मड़ाई करें।
-राम मिलन सिंह, जिला कृषि अधिकारी।